साइंस
Jaya Pandey | Mar 05, 2026, 01:16 PM IST
1.कौओं की शोक सभा

आपने कई बार देखा होगा कि जब किसी कौए की मौत हो जाती है तो उसके आसपास अचानक बहुत सारे कौए इकट्ठा हो जाते हैं और जोर-जोर से कांव-कांव करने लगते हैं. आम बोलचाल में लोग इसे कौए का अंतिम संस्कार कहते हैं. यह व्यवहार केवल कौओं में ही नहीं बल्कि उसी परिवार के दूसरे पक्षियों जैसे Raven, Magpie और Jay में भी देखा जाता है. इन सभी पक्षियों का संबंध Corvidae परिवार से है, जिसे दुनिया के सबसे बुद्धिमान पक्षी समूहों में गिना जाता है.
(Photo: AI Generated)
2.वैज्ञानिक कौओं के इस व्यवहार के बारे में क्या कहते हैं?

वैज्ञानिकों का मानना है कि यह व्यवहार केवल संयोग या भावनात्मक प्रतिक्रिया नहीं है, बल्कि इसके पीछे सीखने और जीवित रहने से जुड़ी महत्वपूर्ण प्रक्रिया होती है. कई शोधों में पाया गया है कि अमेरिकी कौए (Corvus brachyrhynchos) अपनी ही प्रजाति के किसी सदस्य के मरने पर तेजी से प्रतिक्रिया देते हैं, जबकि किसी दूसरी प्रजाति के मृत पक्षी के प्रति उनका व्यवहार इतना तीव्र नहीं होता. इससे संकेत मिलता है कि कौए अपने साथी की मृत्यु को संभावित खतरे के संकेत के रूप में देखते हैं.
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3.कौओं का कांव-कांव होता है इनका अलार्म कॉल

जब किसी कौए को अपने ही समूह का मृत शरीर दिखाई देता है तो वह अक्सर लगातार तेज और चेतावनी भरी आवाजें निकालता है. यह कांव-कांव दरअसल एक प्रकार का अलार्म कॉल होता है जो आसपास मौजूद दूसरे कौओं को सतर्क कर देता है. थोड़ी ही देर में आसपास के कई कौए उस जगह पर इकट्ठा हो जाते हैं. यह जमावड़ा लगभग 15 से 20 मिनट या कभी-कभी उससे अधिक समय तक चल सकता है.
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4.खतरे का आकलन करते हैं कौए

इस दौरान कौए लगातार आवाजें करते हैं, चारों तरफ ध्यान से देखते हैं और आसपास के वातावरण का निरीक्षण करते रहते हैं. ऐसा लगता है मानो वे यह समझने की कोशिश कर रहे हों कि मृत्यु का कारण क्या हो सकता है और कहीं आसपास कोई शिकारी या खतरा तो नहीं है. कुछ समय बाद जब खतरे का आकलन हो जाता है तो कौए धीरे-धीरे वहां से उड़कर चले जाते हैं. यह व्यवहार शहरों और जंगलों दोनों जगह रहने वाले कौओं में देखा गया है.
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5.बेहद बुद्धिमान होते हैं कौए

पहली नजर में यह दृश्य इंसानों को शोक या मातम जैसा लग सकता है लेकिन वैज्ञानिक इसे सीधे-सीधे शोक की भावना नहीं मानते. कौए अत्यंत बुद्धिमान होते हैं और उनकी सामाजिक संरचना भी जटिल होती है, इसलिए मृत कौए के आसपास उनका इकट्ठा होना दरअसल जानकारी जुटाने और सीखने की प्रक्रिया से जुड़ा हो सकता है. इस तरह के व्यवहार का अध्ययन वैज्ञानिक Corvid Thanatology के अंतर्गत करते हैं, जिसमें यह समझने की कोशिश की जाती है कि कॉर्विड परिवार के पक्षी मृत्यु पर कैसी प्रतिक्रिया देते हैं.
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6.दुर्घटना से सीखने की कोशिश करते हैं कौए

कुछ प्रयोगों में शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि जब कौए मृत साथी को देखते हैं तो उनके मस्तिष्क के वे हिस्से सक्रिय हो जाते हैं जो फैसले लेने, खतरे को पहचानने और याद रखने से जुड़े होते हैं. इससे संकेत मिलता है कि कौए केवल स्वचालित प्रतिक्रिया नहीं दे रहे होते, बल्कि वे उस घटना से सीखने की कोशिश कर रहे होते हैं. यानी वे यह समझने की कोशिश करते हैं कि किस जगह, व्यक्ति या परिस्थिति से खतरा जुड़ा हुआ है और भविष्य में उससे कैसे बचा जाए.
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7.इससे जुड़ा सबसे सटीक एक्सपेरिमेंट

इस विषय पर सबसे प्रसिद्ध रिसर्च में से एक Kaeli Swift और उनके सहयोगियों द्वारा वाशिंगटन यूनिवर्सिटी में किया गया अध्ययन है. उनके शोध से पता चलता है कि कौए इन सभाओं का इस्तेमाल सामाजिक शिक्षा के अवसर के रूप में करते हैं. जंगली कौए आमतौर पर मृत साथी को छूते नहीं हैं, बल्कि वे जोर से चेतावनी देते हैं और दूसरे कौओं को बुलाते हैं. इससे स्पष्ट होता है कि यह व्यवहार भोजन या भावनात्मक कारणों से नहीं बल्कि संभावित खतरे को समझने और उससे बचने की रणनीति से अधिक जुड़ा हुआ है. इसी वजह से वैज्ञानिक इसे कौओं की सुरक्षा मीटिंग या खतरे की सामूहिक जांच के रूप में भी देखते हैं.
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