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नींद में क्यों मुस्कुराते हैं नवजात बच्चे? समझें इसके पीछे का साइंस

अक्सर आपने नवजात बच्चे को सोते समय मुस्कुराते हुए देखा होगा लेकिन क्या आप इसकी वजह जानते हैं? यहां जानें आखिर क्या है इसका वैज्ञानिक कारण

जया पाण्डेय | Dec 12, 2025, 11:01 AM IST

1.सोते समय क्यों मुस्कुराते हैं बच्चे?

सोते समय क्यों मुस्कुराते हैं बच्चे?
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सोते समय बच्चे को मुस्कुराते हुए देखना सबसे सुखद और प्यारा दृश्य होता है. हालांकि ऐसा देखकर आपके मन में भी यह सवाल जरूर आया होगा कि आखिर बच्चे सोते समय क्यों हंसते हैं? 

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2.स्वस्थ शिशु की नींद के चक्र का सामान्य हिस्सा है मुस्कुराहट

स्वस्थ शिशु की नींद के चक्र का सामान्य हिस्सा है मुस्कुराहट
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दरअसल शिशु अक्सर नींद में मुस्कुराते हैं क्योंकि उनका मस्तिष्क तेजी से विकसित हो रहा होता है और नई संवेदनाओं को प्रोसेस कर रहा होता है जिससे सहज भाव-भंगिमाएं उत्पन्न हो सकती हैं. ये शुरुआती मुस्कानें आमतौर पर अनैच्छिक होती हैं और स्वस्थ शिशु की नींद के चक्र का एक सामान्य हिस्सा हैं. 

3.नवजात बच्चों की नींद में होते हैं तीन चक्र

नवजात बच्चों की नींद में होते हैं तीन चक्र
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नवजात शिशुओं के लिए नींद का चक्र तीन चरणों में बांटा गया है जिसमें शांत नींद, अनिश्चित नींद और सक्रिय नींद शामिल हैं. नवजात शिशुओं में शांत नींद उनके नींद चक्र का पहला और सबसे आरामदायक चरण होता है. यह वयस्कों की गहरी नींद के समान है. इस अवस्था में शिशु बिल्कुल स्थिर रहता है, धीरे-धीरे और समान रूप से सांस लेता है और लगभग कोई हलचल नहीं करता. उनका चेहरा शांत रहता है और वे आमतौर पर कोई आवाज या भाव नहीं बनाते. यह अवस्था वृद्धि, मस्तिष्क के विकास और शारीरिक स्वास्थ्य लाभ में सहायक होती है.

4.नवजात के नींद का दूसरा चरण

नवजात के नींद का दूसरा चरण
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नवजात शिशुओं में अनिश्चित नींद एक ऐसी अवस्था है जहां उनकी नींद स्पष्ट रूप से न तो शांत नींद (गहरी नींद) और न ही सक्रिय नींद (हल्की, स्वप्न जैसी नींद) में फिट बैठती है. यह मूल रूप से इन दोनों के बीच का एक संक्रमणकालीन चरण है. सरल शब्दों में अनिश्चित नींद वह मध्यवर्ती अवस्था है जहां नवजात शिशु एक नींद की अवस्था से दूसरी अवस्था में जाते हैं और शांत और सक्रिय दोनों तरह के व्यवहार प्रदर्शित करते हैं. यह सामान्य, संक्षिप्त और स्वस्थ शिशु की नींद के विकास का एक हिस्सा है.

5.नवजात शिशु के नींद का तीसरा चरण

नवजात शिशु के नींद का तीसरा चरण
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नवजात शिशु के नींद चक्र का तीसरा चरण सक्रिय नींद कहलाता है. यह एक हल्का और जीवंत चरण है जिसमें शिशु दूसरे चरणों की तुलना में अधिक हलचल और भाव-भंगिमा दिखाते हैं. यह इस बात का संकेत है कि उनका मस्तिष्क तेजी से विकसित हो रहा है और आराम करते समय भी कड़ी मेहनत कर रहा है. यह वयस्कों में पाई जाने वाली आरईएम (रैपिड आई मूवमेंट) नींद से काफी मिलता-जुलता है.

6.तब अनुभवों को प्रोसेस करने लगते हैं बच्चे

तब अनुभवों को प्रोसेस करने लगते हैं बच्चे
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शुरुआती महीनों में ये मुस्कानें ज्यादातर सहज, छोटी और स्वचालित अभिव्यक्तियां होती हैं जो उनके तंत्रिका तंत्र के विकास के दौरान दिखाई देती हैं. लेकिन जैसे-जैसे वे बड़े होते हैं, उनका मस्तिष्क आराम करते समय भी सक्रिय रूप से व्यस्त रहता है, दिन भर के नए दृश्यों, ध्वनियों और अनुभवों को प्रोसेस करता रहता है जिससे नींद के समय की ये कोमल मुस्कानें उत्पन्न हो सकती हैं. 

7.शांति का संकेत हैं ये मुस्कान

शांति का संकेत हैं ये मुस्कान
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कुछ मुस्कानें आराम करते समय मिलने वाले सुकून और सुरक्षा की वजह से होती हैं जबकि कुछ गहरी नींद में जाने पर सपने शुरू होते समय दिखाई देती हैं. चाहे वह कोई सुखद अनुभूति हो, कोई सुखद सपना हो या फिर स्वाभाविक प्रतिक्रिया हो, बच्चे की नींद भरी मुस्कान अक्सर उनके तेजी से हो रहे विकास और सोते समय मिलने वाली शांति का एक छोटा सा संकेत होती है.

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