साइंस
Jaya Pandey | Sep 16, 2025, 11:47 AM IST
1.प्रकृति के 5 धोखेबाज जानवर

जानवरों का साम्राज्य हमेशा ताकत, गति या तीखे दांतों पर निर्भर नहीं करता. कभी-कभी जीवित रहने के लिए एक खास कौशल की जरूरत भी पड़ती है जिसे हमारी भाषा में धोखा कहा जाता है. आज हम आपको प्रकृति के कुख्यात धोखेबाजों के बारे में बता रहे हैं और साथ ही यह भी बताएंगे कि आखिर वह अपने धोखे को कैसे अंजाम देते हैं.
(Photo Credit: Wikimedia Commons)
2.बोलास स्पाइडर

ज्यादातर मकड़ियां जाल बनाकर अपने शिकार को उसमें फंसाती हैं लेकिन बोलास स्पाइडर की स्ट्रैटजी थोड़ी अलग होती है. ये मादा पतंगों की गंध की नकल करते हुए रसायन छोड़ती हैं जिससे नर पतंगे आकर्षित होकर उड़ते चले आते हैं और फिर मकड़ी की लहराती चिपचिपी डोरी में फंस जाते हैं. यह बिलकुल वैसा होता है जैसे मछुआरे मछली पकड़ने के लिए चारा डालते हों.
3.एलिगेटर स्नैपिंग टर्टल

दक्षिणी अमेरिका की कीचड़ भरी नदियों में कछुए छिपकर बैठते हैं जिनकी चाल बेहद खतरनाक होती है. ये अपने मुंह को चौड़ा करके अपनी गुलाबी, कीड़े जैसी जीभ दिखाती है. मछलियां यह सोचकर उनके मुंह में तैर जाती हैं कि उन्हें नाश्ता मिल गया है. लेकिन कछुए के विशाल जबड़े के नीचे ये शिकारी खुद शिकार बन जाती हैं.
4.स्पाइडर टेल्ड हार्न्ड वाइपर

ईरान की रेत में एक ऐसा सांप पाया जाता है जिसकी पूंछ पर एक बल्ब होता है जिसके रेशेदार शल्क मकड़ी के पैरों जैसे हिलते हैं. भूख से बेहाल पक्षी जैसे ही उस मकड़ी को पकड़ने के लिए झपट्टा मारते हैं तो इंतजार में बैठा सांप उनका शिकार कर लेता है. यह सांप अपने ही शरीर को चारे की तरह इस्तेमाल करता है.
5.एंगलर फिश

गहरे समुद्र के अंधेरे में मादा एंगलर फिश अपने सिर पर एक चमकता हुआ चारा रखती है जो बायोल्यूमिनसेंट बैक्टीरिया की बदौलत होता है. छोटी मछलियां और स्क्विड इस चमक से आकर्षित होकर इनके पास पहुंचते हैं तो ये इन्हें निगल डालती है. कुछ एंगलर फिश तो ऐसी होती हैं जो अपने से बड़े शिकार को भी खा जाती हैं.
6.कोयल

कोयल किसी दूसरी प्रजाति के घोंसले में अपना अंडा देता है और बेखबर माता-पिता उस चूज़े को अपना समझकर पालते हैं. कुछ कोयल तो अपने मेजबान के अंडे से इतने मिलते-जुलते रंग और पैटर्न वाले अंडे देती हैं कि उनमें अंतर बताना लगभग नामुमकिन होता है. जब तक पालक माता-पिता को कुछ गड़बड़ का एहसास होता है, तब तक अक्सर उनके चूजे परिपक्व हो चुके होते हैं.
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