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अंतरिक्ष में तैर रहीं ये 10 अजीबोगरीब चीजें, NASA ने बताया कि आखिर वहां पहुंचीं कैसे?

नासा साइंस के मुताबिक, आज हम आपको बताएंगे कि आखिर स्पेस में कौन-सी अनोखी चीजें तैर रही हैं और ये आखिर वहां पहुंचीं कैसे?

Jaya Pandey | Jun 08, 2026, 03:47 PM IST

1.अंतरिक्ष में कौन-कौन सी अनोखी चीजें तैर रही हैं?

अंतरिक्ष में कौन-कौन सी अनोखी चीजें तैर रही हैं?
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अंतरिक्ष केवल ग्रहों, तारों और अंतरिक्ष यानों से ही नहीं भरा है, बल्कि वहां हजारों उपग्रह, रॉकेट के अवशेष और कई अनोखी वस्तुएं मौजूद हैं. इनमें साइंटिफिक डिवाइस से लेकर गलती से खोई चीजें भी शामिल हैं. नासा साइंस के मुताबिक, आज हम आपको बताएंगे कि आखिर स्पेस में कौन-सी अनोखी चीजें तैर रही हैं और ये आखिर वहां पहुंचीं कैसे?
(Image Credit: Wikimedia Commons)

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2.टेस्ला की कार

टेस्ला की कार
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साल 2018 में स्पेसएक्स के फाल्कन हेवी रॉलेज की पहली टेस्ट फ्लाइट के दौरान एक मरून टेस्ला रोडस्टर कार को अंतरिक्ष में भेजा था. कार की ड्राइविंग सीट पर स्टारमैन नाम के एक पुतले को स्पेससूट पहनाकर बिठाया गया था. यह कार अभी पृथ्वी की कक्षा में नहीं बल्कि सूर्य की परिक्रमा कर रहा है.
(Image Credit: Wikimedia Commons) 
 

3.ऑपरेशन प्लंबबॉब की भयानक विस्फोट के वक्त स्टील का ढक्कन

ऑपरेशन प्लंबबॉब की भयानक विस्फोट के वक्त स्टील का ढक्कन
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साल 1957 में अमेरिका के परमाणु परीक्षण ऑपरेशन प्लंबबॉब के दौरान भयानक विस्फोट की ताकत से एक स्टील का ढक्कन हवा में उछल गया था. हालांकि यह ढक्कन कहा गया इसके बारे में अभी कोई पुष्ट प्रमाण नहीं हैं लेकिन साइंटिस्ट का अनुमान है कि यह अंतरिक्ष में पहुंच चुका हो सकता है.
(Image Credit: Wikimedia Commons) 

4.ह्यूमैनिटी स्टार रिफ्लेक्टिव स्फेयर

ह्यूमैनिटी स्टार रिफ्लेक्टिव स्फेयर
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जनवरी 2018 में प्राइवेट स्पेस कंपनी रॉकेट लैब ने ह्यूमैनिटी स्टार रिफ्लेक्टिव स्फेयर स्पेस में भेजा था. इसका मकसद लोगों का ध्यान अंतरिक्ष की ओर खींचना था. यह स्फेयर सूरज की रोशनी को रिफ्लेक्ट करती थी. पहले तो यह कुछ समय तक धरती से दिखाई देती रही लेकिन बाद में वायुमंडल में पहुंचते ही यह जलकर खाक हो गई.
(Image Credit: Wikimedia Commons)

5. स्टार वॉर्स में इस्तेमाल की गई ल्यूक स्काईवॉकर की प्रॉप लाइटसेबर

 स्टार वॉर्स में इस्तेमाल की गई ल्यूक स्काईवॉकर की प्रॉप लाइटसेबर
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साल 2007 में पॉपुलर मूवी सीरीज स्टार वॉर्स में इस्तेमाल की गई ल्यूक स्काईवॉकर की एक प्रॉप लाइटसेबर को इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन तक ले जाया गया था. 
(Image Credit: Wikimedia Commons)

6.राइट ब्रदर्स के विमान के फ्लायर के टुकड़े

राइट ब्रदर्स के विमान के फ्लायर के टुकड़े
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ह्यूमन फ्लाइट के इतिहास को सम्मान देने के लिए राइट ब्रदर्स के 1903 के ऐतिहासिक विमान फ्लायर के छोटे कपड़े और लकड़ी के टुकड़े चंद्रमा तक ले जाए गए थे. इन्हें अपोलो मिशन में एस्ट्रोनॉट्स ने साथ रखा था. 
(Image Credit: Wikimedia Commons)

7.स्पेस डेबरीज

स्पेस डेबरीज
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अंतरिक्ष में बड़ी संख्या में स्पेस डेबरीज घूम रहे हैं. साइंटिस्ट ने इसके लिए केसलर सिंड्रोम का कॉन्सेप्ट पेश किया था जिसके मुताबिक अगर पृथ्वी की कक्षा में सामान की टक्कर बढ़ गई तो इन मलबों की संख्या इतनी बढ़ सकती है कि टक्करों की 'सुनामी' आ जाएगी. इससे भविष्य के सेटेलाइट और स्पेस मिशन के लिए गंभीर खतरा पैदा हो जाएगा. 
(Image Credit: Wikimedia Commons)
 

8.एस्ट्रोनॉट्स का अपशिष्ट

एस्ट्रोनॉट्स का अपशिष्ट
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ISS में एस्ट्रोनॉट्स के अपशिष्ट का अधिकतर हिस्सा रिसाइकल किया जाता है और इसे पी सकने लायक पानी में बदला जाता है. अतीत में अपशिष्ट का कुछ हिस्सा और बर्फ के टुकड़े अंतरिक्ष में निकल गए थे जो बाद में पृथ्वी की कक्षा में मौजूद मलबे का हिस्सा बन गए. 
(Image Credit: Wikimedia Commons)

9.वॉयजर गोल्डन रिकॉर्ड्स

वॉयजर गोल्डन रिकॉर्ड्स
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मानवता का सबसे खूबसूरत संदेश शायद वॉयजर गोल्डन रिकॉर्ड्स हैं. 1977 में भेजे गए वॉयजर-1 और वॉयजर-2 स्पेसक्राफ्ट में सोने की परत चढ़े रिकॉर्ड लगाए गए थे. इनमें धरती की तस्वीरें, प्राकृतिक ध्वनियां, संगीत और 55 भाषाओं में शुभकामनाएं दर्ज हैं. इनका मकसद भविष्य में धरती के बाहर के किसी क्रिएचर को मानवता का परिचय देना है.
(Image Credit: Wikimedia Commons)

10.एस्ट्रोनॉट का इक्विपमेंट से भरा टूलबैग

एस्ट्रोनॉट का इक्विपमेंट से भरा टूलबैग
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साल 2008 में एक स्पेसवॉक के दौरान एस्ट्रोनॉट हीडेमेरी स्टेफनिशिन-पाइपर का इक्विपमेंट से भरा टूलबैग हाथ से छूट गया था. इसकी कीमत लगभग एक लाख डॉलर आंकी गई थी. यह बैग कई महीनों तक पृथ्वी की परिक्रमा करता रहा और बाद में वायुमंडल में एंट्री करते ही जलकर खाक हो गया.
(Image Credit: Wikimedia Commons)

11.480,000,000 छोटी तांबे की सुइयां

480,000,000 छोटी तांबे की सुइयां
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कोल्ड वॉर के दौरान अमेरिका ने प्रोजेक्ट वेस्ट फोर्ड शुरू किया था. इसमें धरती की कक्षा में आर्टिफिशियल आयनमंडल बनाने के लिए 480,000,000 छोटी तांबे की सुइयां डाली गई थीं. इसका मकसद रूस के अमेरिका और उसकी सेना के केबल कटने से रक्षा करना था. बाद में ये सुइयां गुच्छों में बदल गईं. इनमें से अधिकतर तो अब नष्ट हो चुकी हैं लेकिन इसका कुछ हिस्सा अभी भी धरती की परिक्रमा कर रहा है.
(Image Credit: Wikimedia Commons)

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