साइंस
Jaya Pandey | May 06, 2026, 10:18 AM IST
1.बंजर रेगिस्तान में जिंदा रहने वाला पेड़

इंसानों की तरह पेड़ों में भी जीवन होता है और उन्हें जिंदा रहने के लिए मिट्टी, हवा और पानी की जरूरत होती है. रेगिस्तान की बंजर और तपती जमीन पर किसी भी पेड़ के लिए जिंदा रहना बेहद कठिन है, क्योंकि वहां पानी बहुत कम या न के बराबर मिलता है और तापमान भी बहुत अधिक होता है. फिर भी प्रकृति में कुछ ऐसे पेड़ हैं जो इन कठिन परिस्थितियों में भी जीवित रह जाते हैं.
(Image Credit: Wikimedia Commons)
2.बहरीन का ट्री ऑफ लाइफ

ऐसा ही एक पेड़ है मेस्क्वाइट, जिसे साइंटिस्ट Mesquite tree कहते हैं. यह अमेरिका, मेक्सिको, दक्षिण अमेरिका, अफ्रीका और एशिया के कई शुष्क क्षेत्रों में पाया जाता है. मेस्क्वाइट की कई प्रजातियां हैं और बहरीन में इसकी एक प्रजाति का पेड़ काफी मशहूर है जो रेगिस्तान के बीच अकेला खड़ा है. यहां इसे ट्री ऑफ लाइफ का नाम दिया गया है. यह 9.75 मीटर ऊंचा है और प्रोसोपिस सिनेरिया वृक्ष है जो 400 साल से भी पुराना है.
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3.जड़ों में है जादू

मेस्क्वाइट पेड़ की सबसे खास बात इसकी जड़ें होती हैं. इसकी जड़ें बहुत गहरी और लंबी होती हैं, जो जमीन के अंदर कई मीटर तक जाकर पानी ढूंढ लेती हैं. कुछ मामलों में ये जड़ें 50 मीटर से भी अधिक गहराई तक पहुंच सकती हैं. यही कारण है कि यह पेड़ बिना सतही पानी के भी लंबे समय तक जीवित रह सकता है और तेज गर्मी व सूखे को आसानी से सह लेता है.
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4.मिट्टी को उपजाऊ बनाते हैं मेस्क्वाइट पेड़

यह एक फलीदार पौधा है और नाइट्रोजन फिक्सेशन की क्षमता रखता है. यह मिट्टी में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ाकर उसे अधिक उपजाऊ बनाता है. इसके फल को मेस्क्वाइट पॉड्स कहा जाता है, जो सूखे लेकिन हल्के मीठे होते हैं. इन्हें इंसान और जानवर दोनों खा सकते हैं. उत्तरी अमेरिका के आदिवासी लोग इन फलियों को पीसकर आटा बनाते थे और इसे अपने भोजन का अहम हिस्सा मानते थे.
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5.मेस्क्वाइट पेड़ों का इतिहास

मेस्क्वाइट पेड़ों का इतिहास बहुत पुराना है. ये लाखों सालों से शुष्क क्षेत्रों में पाए जाते हैं. पहले इनके बीज को विलुप्त हो चुके बड़े-बड़े जानवरों ने फैलाया था. वे इनके फल खातर दूर-दूर तक जाते थे. बाद में मवेशियों ने इनके बीजों को फैलाने में मदद की, जिससे इन पेड़ों की संख्या बढ़ती चली गई.
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6.कहीं झाड़ी तो कहीं बन जाते हैं पेड़

इन पेड़ों की एक खास बात यह भी है कि ये अलग-अलग परिस्थितियों में अलग रूप ले सकते हैं. जहां मिट्टी उथली और पानी कम होता है, वहां ये छोटे झाड़ी जैसे दिखते हैं. जबकि जहां नमी अधिक होती है, वहां ये 10 से 15 मीटर तक ऊंचे पेड़ बन सकते हैं. इनकी शाखाएं अक्सर चौड़ी फैलती हैं, जिससे ये अपनी ऊंचाई से ज्यादा क्षेत्र को ढक लेते हैं. कई प्रजातियों में एक से अधिक तने भी होते हैं, जो इन्हें और मजबूत बनाते हैं.
(Image Credit: Wikimedia Commons)
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