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NASA ने दिखाई आसमान में चमकती 'ईश्वर की आंख', ब्रह्मांड के रहस्यमयी चेहरे में छिपा है सूर्य का अंजाम

हाल ही में नासा और ESA के James Webb Space Telescope (JWST) ने हेलिक्स नेबुला की एक नई, बेहद विस्तृत तस्वीर जारी की है, जो अंतरिक्ष के सबसे दिलचस्प और पास के प्लेनेटरी नेबुला में से एक है. देखें तस्वीरें...

Jaya Pandey | Feb 03, 2026, 11:54 AM IST

1.नासा ने दिखाई ईश्वर की आंख

नासा ने दिखाई ईश्वर की आंख
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नासा और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) अंतरिक्ष और खगोलीय वस्तुओं की अद्भुत तस्वीरें नियमित रूप से शेयर करते रहते हैं. हाल ही में नासा और ESA के James Webb Space Telescope (JWST) ने हेलिक्स नेबुला की एक नई, बेहद विस्तृत तस्वीर जारी की है, जो अंतरिक्ष के सबसे दिलचस्प और पास के प्लेनेटरी नेबुला में से एक है. यह नई तस्वीर नेबुला के अंदर की संरचनाओं को पहले से कहीं अधिक स्पष्ट रूप से दिखाती है, खासकर गैस और धूल के उन हिस्सों को जो एक मृत होते तारे से निकले हैं और अब विस्तारित हो रहे हैं.

(नोट- पहली तस्वीर AI जनरेटेड है और बाकी तस्वीरें NASA की हैं.)

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2.साइंटिस्ट के लिए क्यों खास है हेलिक्स नेबुला?

साइंटिस्ट के लिए क्यों खास है हेलिक्स नेबुला?
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हेलिक्स नेबुला पृथ्वी से लगभग 650 प्रकाश वर्ष दूर एक्वेरियस तारामंडल में स्थित है और यह planetary nebula के नाम से जाना जाता है. इसका मतलब है कि यह एक ऐसा बादल है जो एक ऐसे तारे द्वारा छोड़ा गया है जिसका ईंधन खत्म हो चुका है और जो अब धीरे-धीरे अपनी बाहरी परतें छोड़ रहा है. इस नेबुला का अध्ययन खगोलविदों को यह समझने में मदद करता है कि हमारे अपने सूर्य जैसे तारे आखिरकार कैसे मरते हैं और अपने चारों ओर का पदार्थ ब्रह्मांड में कैसे फैलाते हैं.

3.नेबुला की नई तस्वीर

नेबुला की नई तस्वीर
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वेब के Near-Infrared Camera (NIRCam) नेबुला की नई तस्वीर में हमें हजारों धूमकेतु दिखती है. ये वास्तव में गैस और धूल के स्तंभ हैं जो उस समय बनते हैं जब तारे से तेज गर्म हवाएं पहले निकले ठंडे गैस और धूल के साथ टकराती हैं. इस टकराव से नेबुला की परतें और जटिल पैटर्न बनते हैं जो प्रकाश और तापमान के अनुसार अलग-अलग रंगों में दिखाई देते हैं.

4.इस तस्वीर के रंग क्या देते हैं जानकारी?

इस तस्वीर के रंग क्या देते हैं जानकारी?
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इस तस्वीर में रंग केवल सुंदर दिखने के लिए नहीं हैं बल्कि वे तापमान और रासायनिक संरचना के बारे में भी जानकारी देते हैं. केंद्र के पास जो नीला-सफेद रंग दिखता है, वह वहां की सबसे गर्म और उच्च ऊर्जा वाली गैस का संकेत है, जिसे केंद्रीय सफेद बौना तारा उत्सर्जित करता है. जैसे-जैसे हम बाहरी क्षेत्रों की ओर बढ़ते हैं, रंग पीले और फिर लाल की ओर बदलते हैं, जो धीमे ठंडी होती गैस और धूल को दर्शाते हैं.

5.अपनी सामग्री ब्रह्मांड में पुनर्चक्रित करते हैं तारे?

अपनी सामग्री ब्रह्मांड में पुनर्चक्रित करते हैं तारे?
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ये रंगीन बदलाव ब्रह्मांड के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं क्योंकि धूल की परतों के भीतर जटिल अणु और रसायन बनते हैं, जो बाद में नई दुनिया और ग्रहों के निर्माण के कच्चे पदार्थ के रूप में काम कर सकते हैं. इसी प्रकार के पदार्थों का अगली पीढ़ी के तारे, ग्रहों और संभावित रूप से जीवन-योग्य वातावरण की नींव के रूप में निर्माण होना वैज्ञानिकों के लिए बेहद मूल्यवान जानकारियों में से एक है. हेलिक्स नेबुला का अध्ययन हमें यह समझने में मदद करता है कि तारे कैसे अपनी सामग्री ब्रह्मांड में पुनर्चक्रित करते हैं और ब्रह्मांड के शाश्वत चक्र में योगदान देते हैं.

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