साइंस
Jaya Pandey | Aug 20, 2026, 02:16 PM IST
1.प्रकृति का मातृसत्तात्मक समाज

प्रकृति में मातृसत्तात्मक समाज का सबसे शानदार उदाहरण हाथियों में दिखाई देता है. अफ्रीकी हाथियों के झुंड की अगुआई परिवार की सबसे उम्रदराज हाथी (मैट्रिआर्क) करती है. वह झुंड की दिशा तय करने वाली लीडर ही नहीं होती बल्कि उसके पास कई साल का सामाजिक और पर्यावरणीय अनुभव भी होता है. परिवार की दूसरी मादाएं और उनके बच्चे उसके साथ रहते हैं और उसके फैसलों से पूरे झुंड को फायदा मिलता है.
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2.किशोरावस्था में ही परिवार के समूह से अलग हो जाता है नर

हाथियों के परिवार में मादाएं अपने झुंड से लंबे समय तक जुड़ी रहती हैं. नर हाथी किशोरावस्था में परिवार के समूह से अलग होकर अक्सर अकेले या दूसरे नर हाथियों के साथ रहने लगते हैं. ऐसे में हाथियों का पारिवारिक समूह वयस्क मादाओं और उनके बच्चों का मातृवंशीय समूह होता है. मैट्रिआर्क की सबसे बड़ी ताकत उसकी याददाश्त और अनुभव होते हैं. वह लंबे समय से इलाके में मौजूद पानी के स्रोत, भोजन की उपलब्धता, सुरक्षित रास्तों और संभावित खतरों के बारे में जानकारी रखती है. जब परिस्थितियां प्रतिकूल होती हैं तो यही अनुभव झुंड को सही समय पर सही जगह पहुंचने में मदद करता है.
3.उम्रदराज हथिनी अपने झुंड के लिए क्यों होती है खास?

जब एक मादा हाथी अपनी प्रजनन क्षमता के साल को पार कर लेती है, वह तब भी अपने झुंड के लिए इतनी खास क्यों रहती है? इस सवाल का जवाब साल 2011 में छपी एक स्टडी में मिला था. करेन मैककॉम्ब और उनकी टीम ने केन्या के अंबोसेली इलाके में अफ्रीकी हाथियों के झुंड पर स्टडी की और यह समझने की कोशिश की कि मैट्रिआर्क की उम्र उसके नेतृत्व और खतरे को पहचानने की क्षमता को कैसे प्रभावित करती है. यह स्टडी प्रोसिडिंग ऑफ द रॉयल सोसायटी बी में छपा था.
4.जब रिसर्चर्स ने हाथियों को सुनाईं शेरों की आवाजें

रिसर्चर्स ने हाथियों के सामने शेरों की दहाड़ की रिकॉर्डिंग चलाकर उनकी प्रतिक्रिया देखी. इसमें एक शेर और तीन शेरों की दहाड़ के साथ नर और मादा शेरों की आवाजें भी शामिल थीं. रिसर्चर्स यह जानना चाहते थे कि हाथियों के परिवार समूह खतरे की संख्या और शेर के लिंग के आधार पर अपनी प्रतिक्रिया में कितना अंतर करते हैं. स्टडी में पाया गया कि हाथी एक शेर की तुलना में तीन शेरों की दहाड़ को ज्यादा गंभीर खतरे के रूप में लेते थे.
5.मैट्रिआर्क की उम्र के साथ दिखा दिलचस्प अंतर

लेकिन सबसे दिलचस्प अंतर मैट्रिआर्क की उम्र के साथ दिखाई दिया. युवा मैट्रिआर्क वाले परिवार समूह नर शेरों की दहाड़ पर कम प्रतिक्रिया देते थे जबकि उम्रदराज मैट्रिआर्क नर शेर की आवाज को ज्यादा गंभीर खतरे के रूप में पहचानने और उसके अनुसार प्रतिक्रिया देने में बेहतर थीं. उम्र बढ़ने के साथ मैट्रिआर्क की सतर्कता और प्रतिक्रिया नर शेरों की दहाड़ के मामले में बढ़ती गई.
6.नर शेरों की दहाड़ सुनने पर ज्यादा ध्यान देती थी बुजुर्ग मैट्रिआर्क

अफ्रीकी हाथियों के लिए शेर प्राकृतिक शिकारी हैं और नर शेर बड़े और ज्यादा शक्तिशाली होने की वजह से हाथियों के लिए गंभीर खतरा होते हैं. रिसर्च में पाया गया कि उम्रदराज मैट्रिआर्क नर शेरों की दहाड़ सुनने पर ज्यादा देर तक ध्यान देती थीं और परिवार को ज्यादा मजबूती से एक साथ इकट्ठा करती थीं.
7.हाथियों के संरक्षण में उम्रदराज हाथियों की सुरक्षा क्यों है जरूरी?

इस रिसर्च से यह पता चलता है कि हाथियों के संरक्षण में उम्रदराज हाथियों की सुरक्षा बेहद अहम है. बड़ी उम्र की मादा हाथियों के पास अक्सर बड़े दांत होते हैं, जिसकी वजह से वे शिकारियों के निशाने पर आती हैं. अगर कोई झुंड किसी अनुभवी मैट्रिआर्क को खो देता है तो वह सिर्फ अपने परिवार का एक सदस्य ही नहीं खोता बल्कि दशकों से जमा हुआ सामाजिक और पर्यावरणीय ज्ञान भी खो देता है और पूरे झुंड पर खतरा मंडराने लगता है.