साइंस
Jaya Pandey | Jul 20, 2026, 03:11 PM IST
1.प्लूटो पर मिले लैंडस्लाइड के सबूत

क्या लैंडस्लाइड सिर्फ हमारी धरती तक ही सीमित है या हमारे सौर मंडल के दूसरे ग्रहों और उपग्रहों पर भी ऐसा होता है? अब वैज्ञानिकों ने इस सवाल का जवाब ढूंढ निकाला है. हमारे सौर मंडल के बौने ग्रह प्लूटो पर पहली बार लैंडस्लाइड के सबूत मिले हैं. वैज्ञानिकों का कहना है कि इस खोज से पता चलता है कि हमारी धरती से अरबों किलोमीटर दूर यह बर्फीली दुनिया आज भी पूरी तरह से जियोलॉजिकली इन-एक्टिव नहीं है.
(Image Credit: NASA/JHUAPL/SwRI/Discenza et al)
2.NASA की 2015 की तस्वीरों में हुआ खुलासा

यह खोज 2015 में नासा के न्यू होराइजन्स मिशन की तस्वीरों की एनालिसिस के बाद सामने आई है. न्यू होराइजन्स प्लूटो के बेहद करीब से गुजरने वाला अब तक का इकलौता स्पेसक्राफ्ट है. उसने अपने लॉन्ग रेंज रिकॉनिसेंस इमेजर (LORRI) कैमरे से प्लूटो की सतह की बेहद हाई क्वॉलिटी की तस्वीरें ली हैं. यह स्टडी जानी-मानी साइंस मैग्जीन Icarus में छपी है.
3.स्पुतनिक प्लानिटिया में 8 लैंडस्लाइड के सबूत

इटली के जियोलॉजिस्ट मार्को इमैनुएल डिस्सेंजा और उनकी टीम ने इस तस्वीरों की गहराई से स्टडी की. LORRI कैमरा प्लूटो की सतह पर लगभग 300 मीटर तक की छोटी से छोटी भू-आकृतियों को पहचानने में सक्षम था. स्टडी के दौरान वैज्ञानिकों को प्लूटो के स्पुतनिक प्लानिटिया के पश्चिमी किनारे पर मौजूद तीन बड़े क्रेटरों की अंदरूनी दीवारों में कुल 8 लैंड-स्लाइड के प्रमाण मिले. स्पुतनिक प्लानिटिया प्लूटो का वही दिल के आकार वाला विशाल इलाका है, जिसने साल 2015 में प्लूटो की पहली तस्वीरों के साथ पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा था.
4.कॉफलिन क्रेटर में 2.2km फैला लैंडस्लाइड

इससे पहले मंगल, ड्वॉर्फ प्लेनेट सेरेस, गैस जायंट प्लेनेट्स के कई बर्फीले चंद्रमाओं और प्लूटो के सबसे बड़े उपग्रह चारोन पर भी लैंडस्लाइड जैसी भूवैज्ञानिक संरचनाओं के प्रमाण मिल चुके हैं. लेकिन प्लूटो पर पहली बार ऐसा कुछ पाया गया है. वैज्ञानिकों ने कॉफलिन क्रेटर में लगभग 2.2 किलोमीटर तक फैले एक बड़े लैंड-स्लाइड की पहचान की है.
5.कैसा और क्यों हुआ ये लैंडस्लाइड?

वैज्ञानिकों का मानना है कि इसके पास एक छोटे इम्पैक्ट क्रेटर में उल्कापिंड की टक्कर से पैदा हुए कंपन ने इस लैंड-स्लाइड को शुरू किया होगा. इसके अलावा गिक्लास क्रेटर में दो और एक तीसरे और क्रेटर में तीन लैंडस्लाइड्स के संकेत मिले हैं. इनकी पहचान क्रेटरों के तल पर फैले विशाल मलबे के जमाव से की गई.
6.ये वजहें भी हो सकती हैं जिम्मेदार

इन भूस्खलनों के पीछे प्लूटो की सतह पर मौजूद बर्फ में पैदा होने वाला थर्मल स्ट्रेस भी जिम्मेदार हो सकता है. प्लूटो की सतह पर जमी नाइट्रोजन, मीथेन और कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी भाप बन सकने वाली बर्फ तापमान में छोटे-छोटे बदलाव के कारण समय-समय पर ठोस अवस्था से गैस में बदलती है और फिर दोबारा जम जाती है. यह लगातार होने वाला फैलाव और सिकुड़न सतह की बर्फ को कमजोर कर सकता है, जो लैंडस्लाइड का रूप से सकता है. प्लूटो की बेहद अंडाकार कक्षा के कारण सूर्य से उसकी दूरी भी समय-समय पर बदलती रहती है. इससे लंबे समय में तापमान में भी परिवर्तन होता है.