साइंस
Jaya Pandey | Aug 17, 2026, 11:41 AM IST
1.अब मंगल ग्रह पर वैज्ञानिकों को ऐसा क्या मिला जिसने किया हैरान?

अंतरिक्ष की दुनिया में अभी भी कई ऐसे रहस्य हैं, जिनका जवाब वैज्ञानिकों को नहीं मिला है. मंगल ग्रह इस मामले में सबसे ज्यादा दिलचस्प है. यहां की चट्टानों और मिट्टी में आज भी अरबों साल पुराने इतिहास के निशान मौजूद हैं. वैज्ञानिक जैसे-जैसे मंगल की सतह का अध्ययन कर रहे हैं, वैसे-वैसे उन्हें ऐसी चीजें मिल रही हैं जो लाल ग्रह की भूगर्भीय कहानी को नए सिरे से समझने में मदद कर रही हैं.
( All Image Credit: Ollila et al., Geophys. Res. Lett., 2026)
2.रूबी और नीलम जैसे कीमती रत्नों से मंगल का निकला कनेक्शन

अब NASA के पर्सिवरेंस रोवर ने मंगल पर एक ऐसा खनिज खोजा है, जो पृथ्वी पर रूबी और नीलम जैसे कीमती रत्नों से जुड़ा हुआ है. यह खोज जेजोरो क्रेटर के किनारे मौजूद कुछ हल्के रंग की चट्टानों में हुई है. पर्सिवरेंस रोवर ने इन चट्टानों की स्टडी अपने सुपरकैम इंस्ट्रूमेंट की मदद से की है. वैज्ञानिकों ने TRL स्पेक्ट्रोस्कोपी का इस्तेमाल करते हुए इसे खोजा है. यह टेक्निक लेजर की मदद से खनिज के अंदर मौजूद एटम्स को उत्तेजित करती है और फिर उनके सामान्य अवस्था में लौटते समय निकलने वाली लाइट को रिकॉर्ड करती है. अलग खनिज अलग रोशनी पैदा करते हैं इसलिए वैज्ञानिक इन संकेतों से चट्टान में मौजूद पदार्थों की पहचान कर सकते हैं.
3.जेरो क्रेटर के किनारे पर मिलीं प्लाजियोक्लेज से भरपूर चट्टानें

यह खोज जेजेरो क्रेटर के किनारे पर मिली तीन अलग-अलग हल्के रंग की प्लाजियोक्लेज से भरपूर चट्टानों में हुई. इन चट्टानों के नाम हैंपडेन रिवर, कॉफी कोव और स्मिथ हार्बर रखे गए हैं. वैज्ञानिकों ने इन चट्टानों में क्रोमियम युक्त कोरंडम के साफ संकेत देखे. अब सवाल उठता है कि आखिर कोरंडम इतना खास क्यों है? दरअसल कोरंडम खासतौर से एल्युमिनियम ऑक्साइड (Al2O3) से बना खनिज है.
4. मंगल पर क्रोमियम युक्त कोरंडम मिलने को वैज्ञानिक क्यों मान रहे खास?

पृथ्वी पर जब कोरंडम में थोड़ी मात्रा में अलग-अलग तत्व शामिल हो जाते हैं, तो उसके रंग और गुण बदल जाते हैं. क्रोमियम की मौजूदगी कोरंडम को लाल रंग देती है और इसे फिर रूबी के रूप में जाना जाता है. इसके अलावा नीलम भी कोरंडम का ही एक रूप है. मंगल पर क्रोमियम युक्त कोरंडम मिलना वैज्ञानिक इसलिए खास मान रहे हैं क्योंकि यह उस खनिज परिवार से संबंधित है जिससे पृथ्वी के रूबी और नीलम बनते हैं. यह रिसर्च जियोफिजिकल रिसर्च लेटर्स में छपा है.
5.पृथ्वी पर कोरंडम बनने के लिए कैसा वातावरण चाहिए?

वैज्ञानिकों के लिए इस खोज का सबसे बड़ा रहस्य सिर्फ कोरंडम की मौजूदगी नहीं है, बल्कि यह है कि मंगल की इन चट्टानों में यह खनिज बना कैसे. पृथ्वी पर कोरंडम बनने के लिए आम तौर पर ऐसा वातावरण चाहिए जिसमें एल्युमिनियम की मात्रा ज्यादा और सिलिका या सिलिकॉन डाइऑक्साइड की उपलब्धता कम हो. इसकी वजह यह है कि अगर पर्याप्त सिलिका मौजूद हो तो एल्युमिनियम दूसरे सिलिकेट खनिजों में शामिल हो सकता है. ऐसे में अलग से कोरंडम बनने के लिए जरूरी रासायनिक परिस्थितियां पैदा करना मुश्किल हो जाता है. ऐसे में रिसर्चर्स मंगल की इन चट्टानों में कोरंडम की मौजूदगी को आश्चर्य से देख रहे हैं.