साइंस
गुजरात के मोरबी में एक कुआं 2 अगस्त से Dancing Well बन गया है. इसका पानी लगातार समुद्र की लहरों की तरह हिलोरे खा रहा है. अब एक्सपर्ट ने इसकी वजह बताई है...
गुजरात के मोरबी जिले के एक गांव में एक कुएं का पानी अचानक हिलोरे खाने लगा. इसके बाद इलाके में दशहत का माहौल छा गया. कुछ लोग इसे भूकंप से जोड़कर देखने लगे. 18 फीट गहरे कुएं की उठती लहरों का पानी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया. इसके बाद आसपास के इलाकों के लोग भी इस हैरतअंगेज कारनामे का साक्षी बनने के लिए लोग कुएं के पास इकट्ठा होने लगे.
यह मामला गुजरात के मोरबी जिले के वीरपरडा गांव का है. कुएं के मालिक प्राणजीवनभाई सदारिया ने बताया कि पहली बार 2 अगस्त से कुएं में इस तरह की हलचल दिखाई देनी शुरू हुई. उन्होंने घटना की आंखोंदेखी बताते हुए कहा कि जब वह अपने खेत में पहुंचे तो कुएं का पानी किनारे से बह रहा था. यह कुआं तीन महीने पहले ही बनवाया गया है. 2 अगस्त से ही इस कुएं में ऐसी हलचल जारी है. 4 अगस्त को यह हलचल कुछ समय के लिए तो रुकी लेकिन इसके बाद 5 अगस्त से लगातार कुएं की सतह का पानी हिलने की ऐसी ही स्थिति बनी हुई है.
लोगों को डर है कि यह भूकंप का संकेत हो सकता है. हालांकि, अधिकारियों ने किसी भी भूकंपीय गतिविधि की बात से इनकार किया है. जिले के जियोलॉजिस्ट जेएस वाढेर ने बताया कि शुरुआती जांच में भूकंप या टेक्टोनिक मूवमेंट की वजह से कुएं के पानी के इस तरह हिलोरे खाने के कोई संकेत नहीं मिले हैं. उन्होंने आगे बताया कि ये किसी भूकंपीय गतिविधि की वजह से नहीं हो रहा है. शुरुआती जांच में ऐसा लग रहा है कि भारी बारिश की वजह से ग्राउंडवॉटर रिचार्ज हो गया और चट्टानों के छिद्रों में फंसी हवा बाहर निकल रही है जिससे कुंए में हलचल पैदा हो गई है.
यहां देखें सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो
Well water oscillate non stop in Gujarat. Whyy ?
This is called well seiche
Imagine you have a bucket filled with water. If you suddenly shake the bucket once, the water moves left to right → left → right for some time before becoming still.
Now imagine the Earth itself is… pic.twitter.com/d26u8mgnPv— Madhu sudhan Reddy Pakala (@MSRPakala) August 7, 2026
अधिकारियों के मुताबिक, ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बारिश की वजह से जमीन के पानी के स्तर में बढ़ोतरी हुई है. जैसे-जैसे पानी जमीन के अंदर के चट्टानों से रिसता है, यह छिद्रों में फंसी हवा में दबाव डालता है जिससे हवा बाहर बुलबुलों के माध्यम से निकल सकती है और लगातार लहरें पैदा कर सकती है. इस वजह से कुएं की सतह का पानी हिलता है और इससे ऐसा लगता है मानो कुआं हिल रहा हो.
अधिकारियों ने गांधीनगर के इंस्टिट्यूट ऑफ सीस्मोलॉजिकल रिसर्च से भी इस मामले में परामर्श लिया जिसमें यह बताया गया कि इस इलाके में कोई सक्रिय फॉल्ट लाइन(भूकंपीय दरार) नहीं है. इस साल गुजरात में मानसून काफी सक्रिय रहा है जिससे कई जिलों में भारी बारिश से अत्यधिक भारी बारिश हुई है. भले ही इसे ग्राउंडवॉटर रिचार्ज का मामला माना जा रहा है लेकिन अधिकारी स्थिति पर पूरी तरह से नजर बनाए हुए हैं.