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अंतरिक्ष में कहां से आई 'मिठाई'? मिल्की वे में पहली बार मिली चीनी जैसी चीज, वैज्ञानिक भी हैरान!

वैज्ञानिकों ने पहली बार सौर मंडल के बाहर अंतरिक्ष में एक दुर्लभ शर्करा की पहचान की है. यह शुगर रेस्पबेरी जैसे फलों में पाया जाता है, जानें साइंटिस्ट इस खोज को क्यों मान रहे हैं खास...

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अंतरिक्ष में कहां से आई 'मिठाई'? मिल्की वे में पहली बार मिली चीनी जैसी चीज, वैज्ञानिक भी हैरान!

वैज्ञानिकों ने हमारी आकाशगंगा में खोज निकाली दुर्लभ Erythrulose Sugar. (Image Credit: NASA/Wikimedia Commons)

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  • वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में ढूंढ निकाली 'चीनी'
  • स्पेस में एरिथ्रुलोज नाम की एक दुर्लभ शर्करा की हुई पहचान
  • रेस्पबेरी जैसे फलों में पाया जाता है यह शुगर
  • इससे पहले राइबोज और ग्लूकोज ढूंढ चुके हैं साइंटिस्ट

चीनी अब सिर्फ हमारी पृथ्वी तक सीमित नहीं रह गई है. वैज्ञानिकों ने पहली बार सौर मंडल के बाहर अंतरिक्ष में एरिथ्रुलोज नाम की एक दुर्लभ शर्करा की पहचान की है.  यह खोज हमारी आकाशगंगा के केंद्र के पास स्थित G+0.693−0.027 नाम के विशाल गैस और धूल के बादल में हुई है. रिसर्चर्स का मानना है कि यह खोज जीवन की उत्पत्ति से जुड़े सबसे अहम सवालों के जवाब खोजने में मदद कर सकती है.

पहली बार इंटरस्टीलर स्पेस में पाया गया एरिथ्रुलोज जैसा शुगर

यह स्टडी जाने-माने जर्नल नेचर एस्ट्रोनॉमी में 13 जुलाई को छपी थी. स्पेन के येबेस 40 मीटर रेडियो टेलीस्कोप और IRAM 30 मीटर रेडियो टेलीस्कोप की मदद से साइंटिस्ट ने इस शुगर के संकेत दर्ज किए. बाद में लैब में किए गए  स्पेक्ट्रोस्कोपिक टेस्ट में एरिथ्रुलोज शुगर की पुष्टि की गई. ऐसा पहली बार है जब इस शुगर को सौर मंडल के बाहर इंटरस्टीलर स्पेस में खोजा गया है. 

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क्या होता है एरिथ्रुलोज और क्या है इसकी भूमिका?

एरिथ्रुलोज चार कार्बन परमाणुओं वाला एक शुगर कंपाउंड है जो प्राकृतिक रूप से रेस्पबेरी जैसे फलों में पाया जाता है. भले ही यह हमारे रोजमर्रा के भोजने में मिलने वाला शुगर न हो लेकिन वैज्ञानिकों के लिए इसका महत्व काफी ज्यादा है. ऐसे शुगर जीवित कोशिकाओं को ऊर्जा देने, जैविक संरचनाओं के निर्माण और डीएनए- आरएनए जैसे आनुवंशिक अणुओं के बनने की रासायनिक प्रक्रियाओं में अहम भूमिका निभाते हैं.

कैसे हुई इस शुगर की पहचान?

इस स्टडी के को-ऑथर और स्पेनिश नेशनल रिसर्च काउंसिल के साइंटिस्ट इजस्कुन जिमेनेज-सेरा के मुताबिक हाई सेंसिटिव रेडियो ऑब्जर्वेशन, ब्रॉड फ्रिक्वेंसी कवरेज और लैब डेटा की वजह से ही इस शुगर की पहचान हो पाई. उन्होंने बताया कि जिस गैस वाले बादल में यह खोज हुई है, वह हमारी आकाशगंगा के सबसे रासायनिक रूप से समृद्ध क्षेत्रों में से एक माना जाता है इसलिए वहां ऐसे अनोखे कार्बनिक अणुओं के मिलने की संभावना पहले से ही थी. 

साइंटिस्ट लंबे समय से यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि पृथ्वी पर जीवन के लिए जरूरी केमिकल एलिमेंट आखिर कहां से आए. अब तक अंतरिक्ष में पानी, अमीनो एसिड और कई कार्बनिक अणुओं के प्रमाण मिल चुके हैं. इससे पहले उल्कापिंडों और क्षुद्रग्रहों के नमूनों में राइबोज और ग्लूकोज जैसे शुगर भी मिल चुके हैं.  नासा के OSIRIS-REx मिशन के दौरान Bennu एस्टेरॉयड के नमूनों में राइबोज और ग्लूकोज की मौजूदगी मिली थी और अब इस लिस्ट में एरिथ्रुलोज का नाम भी जुड़ गया है.
 

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