साइंस
मोदी सरकार ने भारत के स्पेस सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए 'स्टार्टअप्स के लिए फंड ऑफ फंड्स '(FFS) योजना के तहत 211 करोड़ रुपये का निवेश समर्थन दिया है. जानें इससे जुड़ी सारी डिटेल्स...
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि केंद्र सरकार ने 'स्टार्टअप्स के लिए फंड ऑफ फंड्स '(FFS) योजना के तहत 211 करोड़ रुपये का निवेश समर्थन दिया है. इससे भारत के स्पेस सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा.
वाणिज्य और उद्योग मंत्री ने एक पोस्ट में लिखा, 'भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र को बढ़ावा. @StartupIndia पहल के तहत स्टार्टअप्स के लिए फंड ऑफ फंड्स (FFS) योजना के साथ हमारी सरकार महत्वपूर्ण संसाधनों के साथ अंतरिक्ष तकनीक के क्षेत्र में नए घरेलू उद्यमियों का समर्थन करके साहसिक विचारों को बढ़ावा दे रही है.'
गोयल ने एक्स पोस्ट में कहा, 'यह अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा दे रहा है और भारत को वैश्विक स्तर पर एक उभरती हुई अंतरिक्ष शक्ति बना रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण से प्रेरित होकर हमारा ध्यान न केवल रिसर्च के लिए बल्कि परिवर्तन के लिए भी अंतरिक्ष का लाभ उठाने के लिए नवाचार, आत्मनिर्भरता और युवा-संचालित उद्यमिता पर है.'
Boosting Bharat's Space Sector 🇮🇳 🚀
— Piyush Goyal (@PiyushGoyal) August 23, 2025
With the Fund of Funds for Startups (FFS) Scheme under @StartupIndia initiative, our government is fuelling bold ideas by backing homegrown innovators in the field of space tech with critical resources.
This is propelling cutting-edge… pic.twitter.com/ufqEt7KVy9
एक अलग पोस्ट में गोयल ने कहा कि भारत के स्टार्टअप अब अंतरिक्ष की दुनिया में भी आत्मनिर्भरता की नई उड़ान भर रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू की गई स्टार्टअप इंडिया पहल ने विभिन्न नीतिगत सुधारों के साथ-साथ युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित किया है. गोयल ने आगे कहा कि इससे एथरियल एक्स जैसे स्टार्टअप न केवल अंतरिक्ष उपलब्धियों में योगदान दे रहे हैं, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत को आत्मनिर्भरता और नवाचार के प्रतीक के रूप में भी स्थापित कर रहे हैं.
स्टार्टअप इंडिया पहल के तहत सरकार तीन प्रमुख योजनाओं को स्टार्टअप के लिए फंड ऑफ फंड्स (एफएफएस), स्टार्टअप इंडिया सीड फंड स्कीम (एसआईएसएफएस) और स्टार्टअप के लिए क्रेडिट गारंटी स्कीम (सीजीएसएस) को क्रियान्वित कर रही है जिससे व्यापार चक्र के विभिन्न चरणों में स्टार्टअप को समर्थन दिया जा सके. उद्यम पूंजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए एफएफएस की स्थापना की गई है और इसका संचालन भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI) करता है जो SEBI में रजिस्टर्ड वैकल्पिक निवेश कोषों (IMF) को पूंजी प्रदान करता है, जो बदले में स्टार्टअप्स में निवेश करते हैं.
एफएफएस के तहत समर्थित एआईएफ को स्टार्टअप्स में एफएफएस के तहत प्रतिबद्ध राशि का कम से कम दोगुना निवेश करना आवश्यक है. 30 जून 2025 तक इस योजना के तहत समर्थित 141 एआईएफ को 9,994 करोड़ रुपये की प्रतिबद्धताएं दी गई हैं.
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