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कौन हैं भारत के सबसे बड़े दानवीर? अंबानी- अडानी से भी निकले आगे, हर साल इतने करोड़ करते हैं दान

एडेलगिव हुरुन इंडिया फिलैंथ्रोपी लिस्ट 2025 जारी हो गई है, जो भारत में परोपकार की बढ़ती भावना को दर्शाती है. रिपोर्ट के अनुसार, बीते तीन वर्षों में देश में दान संस्कृति में 85 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. भारतीय उद्योगपति अब केवल व्यापार ही नहीं, बल्कि समाज निर्माण में भी अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं. 

राजा राम | Nov 07, 2025, 06:23 PM IST

1.कुल 10,380 करोड़ रुपये का योगदान

कुल 10,380 करोड़ रुपये का योगदान
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इस साल की सूची में 191 दानवीरों ने कुल 10,380 करोड़ रुपये का योगदान दिया है. इन आंकड़ों से साफ है कि भारत में कॉर्पोरेट सेक्टर सामाजिक उत्तरदायित्व को गंभीरता से ले रहा है. 

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2.शिव नादर देश के सबसे बड़े दानवीर

शिव नादर देश के सबसे बड़े दानवीर
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लगातार चौथे वर्ष एचसीएल टेक्नोलॉजीज के संस्थापक शिव नादर देश के सबसे बड़े दानवीर बने हैं. उन्होंने वर्ष 2025 में कुल 2,708 करोड़ रुपये का दान किया. 
 

3.दूसरे स्थान पर मुकेश अंबानी

दूसरे स्थान पर मुकेश अंबानी
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दूसरे स्थान पर मुकेश अंबानी रहे, जिन्होंने 626 करोड़ रुपये का दान किया. उनका फोकस शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण जैसे सामाजिक क्षेत्रों पर रहा. 
 

4.बजाज परिवार

बजाज परिवार
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बजाज परिवार ने 446 करोड़ रुपये दान करके तीसरा स्थान हासिल किया. यह पिछले वर्ष की तुलना में 27 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है, जो उनके समाजसेवी दृष्टिकोण को मजबूत बनाता है. 

5.कुमार मंगलम बिड़ला

कुमार मंगलम बिड़ला
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चौथे स्थान पर कुमार मंगलम बिड़ला रहे, जिन्होंने 440 करोड़ रुपये का योगदान दिया. वहीं गौतम अडानी ने 386 करोड़ रुपये दान करके पाँचवाँ स्थान प्राप्त किया. 

6.विभिन्न सामाजिक क्षेत्रों में योगदान

विभिन्न सामाजिक क्षेत्रों में योगदान
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शीर्ष दस में नंदन नीलेकणी, हिंदुजा परिवार, रोहिणी नीलेकणी, सुधीर और समीर मेहता, तथा सायरस और आदर पूनावाला जैसे नाम भी शामिल हैं, जिन्होंने विभिन्न सामाजिक क्षेत्रों में योगदान दिया. 
 

7.उद्योगपति केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं

उद्योगपति केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं
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यह रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि भारत के उद्योगपति केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनने की दिशा में भी अग्रसर हैं. 

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