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पिता थे बिमार फिर भी छोड़ दी नौकरी, इस बिजनेस से बनाया करोड़ों का साम्राज्य

फैमिली मेंबर बिमार पड़ता है, तो दूसरा शख्स उसके देख-रेख के साथ-साथ अपने नाम पर भी ध्यान देता है. लेकिन आज हम एक ऐसे शख्स के बारे में बताने जा रहे है, जिसके पिता बिमार थे और उन्होंने नौकरी छोड़ दी थी और बिजनेस का फैसला लिया था. ऐसे मौके पर इतना बड़ा रिस्क लेना बहुत ही बड़ी बात है.

मोहम्मद साबिर | Nov 07, 2025, 06:50 PM IST

1.पिता थे बिमार फिर भी लिया नौकरी छोड़ने का फैसला

पिता थे बिमार फिर भी लिया नौकरी छोड़ने का फैसला
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ओडिशा के सत्यव्रत मुनि की लाइफ तब बदल गई है, जब कोरोना महामारी से पूरा भारत डरा हुआ था. तब उन्होंने नौकरी छोड़कर बिजनेस करने का फैसला किया था. उस समय ये फैसला उनकी पूरी जिंदगी खराब कर देता. लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी और रिस्क लेकर करोड़ों का साम्राज्य बना डाला. हैरान करने वाली बात ये है कि उनके पिता भी हैरान थे. 
 

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2.पिता आईसीयू में थे भर्ती

पिता आईसीयू में थे भर्ती
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सत्यव्रत मुनि ने 2020 में जब नौकी छोड़ने का फैसला किया था, तो उनके पिता आईसीयू में भर्ती थे. लेकिन उन्होंने नौकरी छोड़कर बिजनेस शुरू करने का फैसला किया. फिर उन्होंने एक स्टार्टअप शुरू किया और अपनी कड़ी मेहनत और लगन से उसे आसमान तक पहुंचाया. 
 

3.शुरू किया सुपरफूड का स्टार्टअप

शुरू किया सुपरफूड का स्टार्टअप
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सत्यव्रत मुनि ने 2022 फरवरी में मुनिको फूड्स की नींव रखी. मुनिको फूड्स में बाजरा-आधारित प्रोबायोटिक ड्रिंक 'गुट्जी' और इम्यूनिटी-बूस्टिंग पापड़ बेचना शुरू किया. उन्होंने अपनी कंपनी को इन-हाउस विकसित किया. 
 

4.10 लाख रुपये में शुरू किया बिजनेस

10 लाख रुपये में शुरू किया बिजनेस
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सत्यव्रत मुनि ने ओडिशा के बरहामपुर, लोचापड़ा में फैक्ट्री लगाई थी. उन्होंने अपनी फैक्ट्री खोलने के लिए 10 लाख रुपये का निवेश किया है. हालांकि फिर उनकी छोटी फैक्ट्री देखते ही देखते करोड़ों तक पहुंच गया. 
 

5.बनाया करोड़ों का साम्राज्य

बनाया करोड़ों का साम्राज्य
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सत्यव्रत मुनि ने सिर्फ 3 साल के अंदर ही अपनी कंपनी को करोड़ों तक पहुंचा दिया है. 2024 तक उनकी कंपनी का टर्नओवर 1.2 करोड़ रुपये था. हालांकि आने वाले एक दो सालों में ये 6 करोड़ में बदल सकता है.  
 

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