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Why Kadhi Prohibited in Sawan: आइए जानते हैं सावन में कढ़ी खाने से क्यों मना किया जाता है, इसके पीछे की वजह क्या है.. साथ ही जानेंगे इसके सेवन से किन बीमारियों का खतरा बढ़ता है...
Why Kadhi Prohibited in Sawan: बरसात के मौसम में खानपान का खास ख्याल रखना जरूरी है, क्योंकि इस मौसम में खानपान में जरा भी गड़बड़ी गंभीर बीमारियों को जन्म देता है. इस मौसम में कई चीजें खाना फायदेमंद होता है जबकि कुछ चीजों को खाना नुकसानदायक माना जाता है. इन्हीं में से एक है कढ़ी, जो कई लोग बड़े ही चाव से खाते हैं. लेकिन, सावन के महीने में कढ़ी खाने से मना किया जाता है. ऐसे में आइए जानते हैं सावन में कढ़ी खाने से क्यों मना किया जाता है, इसके पीछे की वजह क्या है.. साथ ही जानेंगे इसके सेवन से किन बीमारियों का खतरा बढ़ता है...
सावन में क्यों नहीं खाते हैं कढ़ी? (Why Is Kadhi Not Good In Sawan)
आयुर्वेद के मुताबिक सावन में कढ़ी के सेवन से शरीर में पित्त बढ़ सकता है, क्योंकि बरसात के मौसम में पाचन अग्नि धीमी होती है और इस कारण पाचन तंत्र धीमा हो जाता है. ऐसी स्थिति में खाना देरी से पचता है. आयुर्वेद में कढ़ी को अत्यंत पित्तवर्धक माना जाता है और इसके सेवन से शरीर में पित्त की मात्रा ज्यादा बढ़ सकती है. इसलिए बरसात के मौसम में कढ़ी के सेवन से मना किया जाता है.
सावन के महीने में पित्तवर्धक खाद्य पदार्थों का सेवन करने से कई समस्याएं हो सकती हैं. इससे पाचन क्रिया और पाचन तंत्र को नुकसान होता है. ऐसी चीजें पाचन संबंधित समस्याओं की वजह भी बन सकते हैं. ब्लोटिंग, एसिडिटी, अपच और पेट दर्द की समस्या बढ़ सकती है.
इस स्थिति में लिवर से जुड़ी समस्याएं, पाइल्स में ब्लीडिंग होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इसके अलावा बुखार और भूख न लगने जैसी समस्याओं का सामना भी करना पड़ता है.
(Disclaimer: यह खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें.)
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