लाइफस्टाइल
Which country goes 8 years behind? : साल 2025 शुरू हुए 6 महीने बीत चुके हैं लेकिन क्या आपको पता है दुनिया का एक देश ऐसा है जहां आज भी लोग 2017 में जी रहे हैं. वहां यही कलेंडर अभी चल रहा है.
Which country's calendar has 13 months?: अगर आप पूछें कि अभी कौन सा साल है, तो हर कोई स्वाभाविक रूप से जवाब देगा 2025. दुनिया में कहीं भी चले जाइए, आपको एक ही जवाब मिलेगा. पूरी दुनिया में साल 2025 आधा बीत चुका है. इस बीच एक जगह ऐसी भी है, जहां लोग 2017 में ही अटके हुए हैं. वे 2025 तक पहुंचे ही नहीं हैं. यह पढ़कर आपको हैरानी हो सकती है. आप यह जानने के लिए उत्सुक हो सकते हैं कि आखिर यह है क्या.
ये है अफ्रीकी देश इथियोपिया
यह जगह है अफ्रीका का एक देश इथियोपिया. यहाँ के लोग अभी भी 2017 में जी रहे हैं. इसके पीछे कारण यह है कि इथियोपिया का गीज़ कैलेंडर, जिसे कॉप्टिक कैलेंडर भी कहा जाता है, बाकी दुनिया में इस्तेमाल किए जाने वाले ग्रेगोरियन कैलेंडर से सात साल पीछे है.
13 महीने का होता है इनका कलेंडर
सामान्यतः कैलेंडर में 12 महीने होते हैं. लेकिन गीज़ कैलेंडर में 13 महीने होते हैं. इनमें से 12 महीने 30 दिन के होते हैं और आखिरी महीना जिसे 'पग्युम' कहते हैं, उसमें 5-6 दिन होते हैं, जो लीप वर्ष में बदल जाता है.
ग्रेगोरियन कैलेंडर से सात से आठ साल पीछे है
इथोपियाई कैलेंडर के 8 साल पीछे होने की वजह ईसा मसीह के जन्म की तारीख की गणना में अंतर है. दुनिया भर के ज़्यादातर देशों में ईसा मसीह का जन्म 1 ईस्वी में माना जाता है, जबकि इथोपियाई ऑर्थोडॉक्स चर्च के अनुसार उनका जन्म 7 ईसा पूर्व में हुआ था. यही वजह है कि इथोपियाई कैलेंडर ग्रेगोरियन कैलेंडर से सात से आठ साल पीछे है.
7 जनवरी को होता है यहां क्रिसमस
यहां क्रिसमस 25 दिसंबर की बजाय 7 जनवरी को मनाया जाता है. इथियोपिया का नया साल 11 सितंबर को मनाया जाता है, या लीप वर्ष में 12 सितंबर को. यह बरसात के मौसम का अंत और फूलों के खिलने की शुरुआत है, जो एक नई शुरुआत का प्रतीक है. इसके अलावा, इन त्योहारों की तिथियाँ पूरी तरह से गीज़ कैलेंडर के आधार पर निर्धारित की जाती हैं.
सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराएँ आज भी जीवित हैं
इथियोपिया अफ्रीका का एकमात्र ऐसा देश है जिस पर कभी किसी यूरोपीय शक्ति का कब्ज़ा नहीं हुआ. यही कारण है कि इसकी सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराएँ आज भी जीवित हैं. गीज़ कैलेंडर सिर्फ़ समय मापने की प्रणाली नहीं है, बल्कि इथियोपियाई संस्कृति, धर्म और गौरव का प्रतीक है.
हालांकि ग्रेगोरियन कैलेंडर का इस्तेमाल दुनिया भर में किया जाता है, लेकिन इथियोपिया के लोग दोनों कैलेंडर का इस्तेमाल करते हैं. ग्रेगोरियन कैलेंडर का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय व्यापार, शिक्षा और सरकारी कामों के लिए किया जाता है, जबकि गीज़ कैलेंडर का इस्तेमाल धार्मिक उद्देश्यों के लिए किया जाता है.
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