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Energy Therapy: फिजिकल ही नहीं, मेंटल हेल्थ तक में कारगर है एनर्जी थेरेपी, जानिए क्या है ये ऊर्जा चिकित्सा

तन और मन दोनों ही अगर थक गए हैं और दवाओं और बीमारियों से मन भाग रहा तो आपके लिए ऊर्जा चिकित्सा से बेस्ट कुछ नहीं है. आइए ऊर्जा चिकित्सक डॉ. संजय साहा से जानें कि ये ऊर्जा चिकित्सा है क्या और इसके लाभ क्या हैं.

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Energy Therapy: फिजिकल ही नहीं, मेंटल हेल्थ तक में कारगर है एनर्जी थेरेपी, जानिए क्या है ये ऊर्जा चिकित्सा

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ऊर्जा चिकित्सा का लक्ष्य रोगी में ऊर्जा प्रवाह को संतुलित करना है. इसका उपयोग तनाव और चिंता को कम करने और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए किया जाता है. कैंसर तक के इलाज के लिए भी इस चिकित्सा का प्रयोग हो रहा. डॉ. संजय साहा बताते हैं कि यह जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने के साथ ही प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देती है और कई तरह के दुष्प्रभावों को कम करती है.

डॉ. संजय साहा जिन्हें ‘रामा’ के नाम से भी जानते हैं, वह बताते हैं कि ऊर्जा चिकित्सा और आध्यात्मिक वैकल्पिक चिकित्सा का वो समायोजन है जो मरीज का इलाज तन और मन को समझते हुए किया जाता है.

मध्य अंडमान के रंगट से अपनी प्रारंभिक शिक्षा कर डॉ.साहा एमडी और दर्शनशास्त्र में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त कर, रेकी और हिप्नोथेरेपी विशेषज्ञ हैं. चलिए डॉ. संजय साहा से चलिए जानें कि असल में उर्जा चिकित्सा किस तरह के काम करती है और इसके क्या फायदे हैं.

ऊर्जा चिकित्सा के लाभ:

1.    तनाव और चिंता में कमी: ऊर्जा चिकित्सा तकनीकों जैसे रेकी और हिप्नोथेरेपी से मानसिक तनाव और चिंता में राहत मिलती है.

2.    शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार: विभिन्न ऊर्जा विधाओं के माध्यम से शरीर के सात चक्रों का संतुलन स्थापित किया जाता है, जिससे शारीरिक बीमारियों में भी सुधार होता है.

3.    आध्यात्मिक विकास: यह चिकित्सा प्राचीन शास्त्रों और आध्यात्मिक ग्रंथों पर आधारित है, जिससे आत्म-साक्षात्कार और आंतरिक शांति की प्राप्ति होती है.

4.    व्यक्तिगत विकास: व्यक्तिगत विकास, मस्तिष्क शक्ति, और कुंडली शक्ति को बढ़ावा देती हैं.
 
डॉ. साहा वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, ब्रावो वर्ल्ड रिकॉर्ड्स और हार्वर्ड वर्ल्ड रिकॉर्ड्स जैसे प्रतिष्ठित रिकॉर्ड्स से सम्मानित हो चुके हैं. वह होली फायर विश्व शांति रेकी, कुंडलिनी रेकी, प्राचीन चुंबकत्व, प्राचीन मेस्मेरिज्म और जेंडरम साइंस जैसी विभिन्न ऊर्जा विधाओं की उनकी खोज ने उन्हें ऊर्जा चिकित्सा के क्षेत्र में एक विशिष्ट व्यक्तित्व के रूप में स्थापित किया है 
कम उम्र से ही, डॉ. साहा कई महत्वपूर्ण आध्यात्मिक गुरुओं से प्रभावित थे. उनके अध्ययन केवल एक सिद्धांत तक सीमित नहीं थे.

उन्होंने रामायण, महाभारत और बाइबिल जैसे विभिन्न पौराणिक ग्रंथों का व्यापक रूप से अध्ययन किया. इस विविध आध्यात्मिक शिक्षा ने उन्हें प्राचीन पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों, पंच तत्व और शरीर के सात चक्रों के सक्रियण की गहरी समझ दी. 35 वर्षों की अवधि में, डॉ. साहा ने भारत, नेपाल, इंडोनेशिया और कई गूढ़ ऊर्जा क्षेत्रों में व्यापक रूप से यात्रा की, जिससे उनकी आध्यात्मिक अंतर्दृष्टि और भी गहरी हुई.


डॉ. साहा ने अपनी ऊर्जा चिकित्सा के जरिये 50,000 से अधिक छात्रों के जीवन संवारा है. बच्चों के अंदर आत्म-साक्षात्कार और मनोबल तक ऊर्जा चिकित्सा के जरिये भरा जा सकता है. डॉ. साहा बताते हैं कि ऊर्जा उपचार में बायोफील्ड ऊर्जा उपचार, आध्यात्मिक उपचार, संपर्क उपचार, दूरस्थ उपचार, प्राणिक उपचार, चिकित्सीय स्पर्श, रेकी और चीगोंग आदि शामिल होती है और वह मरीज की मानसिक और शारीरिक आधार पर तय होता है कि उसे कौन सी चिकित्सा की जरूरत है.
 
डॉ. साहा बताते हैं कि उनकी मां गीता साहा और पिता समीर साहा ने उन्हें उन मूल्यों को सिखाया जिनसे उनकी आध्यात्मिक खोज मार्गदर्शित हुई और वह ऊर्जा चिकित्सा की ओर प्रेरित हुए. अब इस चिकित्सा में उनकी पत्नी शिप्रा साहा और बेटे शोभन साहा भी साथ आ चुके हैं.

(Disclaimer: यह लेख केवल आपकी जानकारी के लिए है. इस पर अमल करने से पहले अपने विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श लें.)

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