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Embryo Freezing: US में एम्ब्रियो फ्रीजिंग तकनीक की मदद से एक कपल ने स्वस्थ जुड़वा बच्चों को जन्म दिया है, क्या है यह तकनीक जानिए यहां
डीएनए हिंदी: Embryo Freezing- यूनाइटेड स्टेट के एक कपल ने एम्ब्रियो फ्रीजिंग तकनीक से जुड़वा बच्चों को जन्म दिया है. इस तकनीक से जन्मे ये जुड़वा बच्चे बिल्कुल स्वस्थ हैं. विज्ञान की दुनिया में यह किसी चमत्कार से कम नहीं है. इस भ्रूण को 22 अप्रैल 1992 को फ्रीज किया गया था जिसकी मदद से कपल्स ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया है. तीन दशक बाद इस भ्रूण से स्वस्थ जुड़वा बच्चों ने जन्म लिया है.
दरअसल कई कपल्स विशेष कारणों की वजह से इस तकनीक का सहारा लेते हैं. इसके लिए कपल्स भ्रूण को फ्रीज कराते हैं ताकि भविष्य में जब मां बनना हो, तो वे इसका प्रयोग कर सकें. इसके अलावा कुछ कपल्स इसे डोनेट भी कर देते हैं ताकि बांझपन से जूझ रहीं महिलाएं मां बन सकें. चलिए जानते हैं इन बच्चों के बारे में और साथ ही क्या है यह प्रक्रिया
फ्रोजेन भ्रूण से पैदा हुए जुड़वा बच्चे
नेशनल एम्ब्रियो डोनेशन सेंटर (National Embryo Donation Center) के अनुसार लिडा और टिमोथी रिडवे का जन्म 31 अक्टूबर को सबसे लंबे समय तक फ्रोजन एम्ब्रियो (भ्रूण) से हुआ था. हालांकि ये पहली बार नहीं हुआ है जब किसी बच्चे का जन्म इस तकनीक के जरिए हुआ है. इससे पहले का रिकॉर्ड मौली गिब्सन नाम शख्स के पास है जो 2020 में एक भ्रूण से पैदा हुए थे. जिस भ्रूण से मौली गिब्सन का जन्म हुआ था उसे लगभग 27 वर्ष पहले फ्रोज किया गया था. इसके अलावा मौली की बहन 24 साल तक फ्रीज किए गए भ्रूण से पैदा हुई थी.
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क्या है एम्ब्रयो फ्रीजिंग (What is Embryo Freezing)
एम्ब्रयो कफ्रीजिंग एक ऐसी प्रक्रिया होती है जिसमें एम्ब्रियो फ्रीज़ किया जाता है और उसे स्टोर करके रखा जाता है. यह IVF (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) का जरूरी हिस्सा है. IVF/ICSI की प्रक्रिया में स्त्री के एग सेल्स (oocyte) और पुरुष के एग (स्पर्म) को निकालकर लैब में एक खास द्रव्य जिसे कल्चर मीडियम में रखा जाता है.
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कल्चर मीडियम में बनने वाले नए सेल को एम्ब्रियो कहते हैं. जिसके बाद स्त्रियों के यूट्रेस में इन एम्ब्रियो को डालते हैं. ये एम्ब्रयो यूट्रेस की सतह से खुद को जोड़ लेते हैं. इस प्रक्रिया को इम्प्लांटेशन भी कहते हैं. इसके बाद यानी एम्ब्रियो इम्प्लांटेशन के बाद ये बच्चे के रूप में बढ़ने लगता है.
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