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Weak Veins Symptoms: ये लक्षण बताते हैं शरीर में ठीक ढंग से नहीं हो रहा ब्लड सर्कुलेशन, ब्लॉक हो गई हैं नसें, तुरंत दें ध्यान 

Weak Veins Symptoms: जब नसें कमजोर या डैमेज होने लगती हैं, तो इससे हार्ट में खून सही से पंप नहीं होता है. इससे शरीर को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है.

Weak Veins Symptoms: ये लक्षण बताते हैं शरीर में ठीक ढंग से नहीं हो रहा ब्लड सर्कुलेशन, ब्लॉक हो गई हैं नसें, तुरंत दें ध्यान 

ये लक्षण बताते हैं शरीर में ठीक ढंग से नहीं हो रहा ब्लड सर्कुलेशन

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डीएनए हिंदी: हमारे शरीर की धमनियां हार्ट से शुद्ध खून लेकर शरीर के हर एक अंग तक पहुंचाती है और दूसरी तरफ शरीर के अंग-अंग से नसें खून लेकर हार्ट की ओर (Weak Veins Symptoms) पहुंचती है. सीधेतौर पर नसों के माध्यम से ही हार्ट में खून पंप होता है. इसलिए नसों का मजबूत रहना बहुत ही जरूरी होता है. क्योंकि जब नसें कमजोर होने लगती हैं या डैमेज हो जाती हैं तो इससे हार्ट में खून सही से पंप (Health Tips) नहीं होता है और शरीर को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है.

नसों के कमजोर होने के कई कारण हैं, अधिकांश मामलों में खून में थक्का बनने या वेरिकोज वेंस के कारण नसें कमजोर होने लगती हैं. इसलिए इसका कारण जानना बेहद जरूरी है. 

क्या है नसों के कमजोर होने के कारण

मेडिकल टर्म में कमजोर नस जैसे शब्द नहीं होते हैं. मेडिकल की भाषा में इसे वेंस इंनसफिसिएंसी कहते हैं. इस स्थिति में नसें अपना काम करने में सक्षम नहीं है. आसान भाषा में इसक दूसरा मतलब नसें कमजोर होना ही है. नसों के कमजोर होने का सबसे बड़ा कारण नसों के अंदर खून का क्लॉट यानी थक्का जम जाना. इसकी वजह से नसों से खून को आगे पहुंचने में दिक्कत होने लगती है. इतना ही नहीं वेरिकोज वेंस की स्थिति में नसों के अंदर वॉल्व डैमेज हो जाता है, जिसके कारण यह हार्ट से वापस आ रहे खून को रोकने में असमर्थ होने लगता है.

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इसके अलावा मोटापा, प्रेग्नेंसी, स्मोकिंग, कैंसर, मसल्स वीकनेस, लेग इंज्यूरी, चोट, स्वेलिंग आदि भी कमजोर नसों का कारण हो सकते हैं.

कमजोर नसों के लक्षण

वहीं जब शिराओं में जान कम होती है तो सबसे पहले पैरों में सूजन होने लगती है और इसके साथ ही पैरों में काफी दर्द होता है. ऐसे में जब आप खड़े होते हैं तो ऐसा करना मुश्किल हो जाता है और पैरों में क्रैंप, खुजली, पैर और टखने की स्किन का पतला होना, पैरों में घाव होना, पैरों में भारीपन होना आदि लक्षण नजर आने लगते हैं. साथ ही नसों में ब्लू पैचेज में दिखने लगती है.

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क्या है इसका इलाज 

अल्ट्रासाउंड या डुप्लेक्स अल्ट्रासाउंड से कमजोर नसों के बारे में पता लगाया जा सकता है और इसके बाद लक्षण के आधार पर डॉक्टर दवा लिखते हैं. वहीं आप ब्लड फ्लो को बढ़ा कर भी कमजोर नसों को ठीक कर सकते हैं. इसके लिए पैरों की एक्सरसाइज बेस्ट ऑप्शन है. क्योंकि इससे नसों में थक्कापन खत्म होगा. इसके अलावा कंप्रेशन स्टॉकिंग पहनकर भी ब्लड फ्लो को बढ़ाया जा सकता है.

(Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ से परामर्श करें.) 

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