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वाराणसी की डॉ शिप्रा धर श्रीवास्तव बेटी पैदा होने पर नहीं लेती फीस, 500 से ज्यादा बच्चियों का करा चुकी हैं प्रसव

जहां एक तरफ कई जगहों पर अस्पताल का बिल न भरने पर मरीजों को बंधक बना लिया जाता है. वहीं वाराणसी की एक महिला डॉक्टर ने मिसाल पेश की है. वे 500 से ज्यादा बच्चियों को प्रसव करा चुकी हैं. वे बच्चियों के प्रसव की कोई फीस तक नहीं लेती.  

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वाराणसी की डॉ शिप्रा धर श्रीवास्तव बेटी पैदा होने पर नहीं लेती फीस, 500 से ज्यादा बच्चियों का करा चुकी हैं प्रसव
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आज के समय में जहां डॉक्टर से लेकर हेल्थ से जुड़े एक्सपर्ट्स पैसा कमाने की दौड़ में शामिल हो गये हैं. वहीं वाराणसी में एक महिला डॉक्टर हैं, जो बच्चियों का जन्म कराने पर माता पिता से कोई फीस नहीं लेती हैं. वह अब तक 500 से भी ज्यादा बच्चियों का प्रसव करा चुकी हैं. हम बात कर वाराणसी में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर शिप्रा धर श्रीवास्तव की. डॉक्टर शिप्रा वाराणसी में करुणा और साहस के साथ कहानी बदल रही है. 

बच्चियों के जन्म पर जश्न का अनोखा अंदाज

स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. शिप्रा धर 2014 से ही बच्चियों के जन्म का जश्न एक अनोखे तरीके से मना रही हैं. उनके क्लिनिक में, जब भी कोई लड़की पैदा होती है, चाहे वह सामान्य प्रसव से हो या फिर सी-सेक्शन से. वे बच्चे के पैदा होने से लेकर अस्पताल में रहने तक की पूरी फीस माफ कर देती हैं. इस मौके पर अस्पताल में मिठाइयों, मुस्कुराहटों और जश्न का माहौल होता है, क्योंकि हर लड़की के जन्म को गर्व और खुशी के पल के रूप में माना जाता है.

इसी चीज को लेकर लिया ये फैसला

डॉ शिप्रा धर श्रीवास्तव ने अपने क्लिनिक में बार-बार लिंग पक्षपात के मामलों को देखने के बाद यह फैसला लिया. उन्होंने देखा कि "लड़की है" सुनकर परिवार स्पष्ट रूप से परेशान हो जाते थे. इसी को देखते हुए डॉ धर ने फीस माफ करने का फैसला लिया. वह एक खाद्य बैंक भी चलाती हैं जो कुपोषित बच्चों को भोजन उपलब्ध कराता है. इसके साथ ही जरूरतमंद और विधवा महिलाओं की सहायता करती हैं. 

आसान नहीं रही यह यात्रा

डॉ. शिप्रा धर बताती हैं कि यह यात्रा आसान नहीं है. अस्पताल के खर्चों का प्रबंधन करना कठिन हो जाता है. फिर भी वे अपने मिशन के प्रति प्रतिबद्ध हैं. उनकी कहानी इस बात का एक बेहतरीन उदाहरण है कि किस प्रकार एक व्यक्ति का समर्पण स्थायी प्रभाव डाल सकता है. अपनी इसी प्रतिबद्धता के लिए डॉ शिप्रा अब तक 500 से भी ज्यादा बच्चियों का प्रसव करा चुकी हैं. देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी डॉक्टर शिप्रा से मिलकर उनके इस कार्य की काफी सराहना की है. 

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