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Ayurvedic herbs for Uric Acid: बढ़े हुए यूरिक एसिड को कंट्रोल करने में कारगर हैं ये 6 आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां, जानें कैसे करें इस्तेमाल

Ayurvedic herbs for Uric Acid: यूरिक एसिड बढ़ने से जोड़ों में दर्द और गाउट जैसी समस्याएं हो सकती हैं. कुछ आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां इसे नियंत्रित करने में बहुत कारगर होती हैं. यहां कुछ जड़ी-बूटियां और उनके उपयोग बताए गए हैं जिनका आप इस्तेमाल कर सकते हैं. 

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Ayurvedic herbs for Uric Acid: बढ़े हुए यूरिक एसिड को कंट्रोल करने में कारगर हैं ये 6 आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां, जानें कैसे करें इस्तेमाल

Uric Acid Remedies

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आज के समय में खराब लाइफस्टाइल के कारण कई लोगों का यूरिक एसिड लेवल हाई रहता है. यूरिक एसिड शरीर में बनने वाला एक प्राकृतिक वेस्ट प्रोडक्ट है, जो प्यूरीन नामक पदार्थ के टूटने से बनता है. आमतौर पर किडनी यूरिक एसिड को फिल्टर करके शरीर से बाहर निकाल देती है. लेकिन, जब शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ जाती है, तो यह जोड़ों में क्रिस्टल के रूप में जमा होने लगता है, जो गठिया जैसी कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है. आयुर्वेद में बढ़े हुए यूरिक एसिड को कंट्रोल करने के लिए कई कारगर जड़ी-बूटियों के बारे में बताया गया है. ये जड़ी-बूटियां प्राकृतिक तरीके से यूरिक एसिड के स्तर को कम करने में मदद करती हैं और गठिया के लक्षणों से राहत दिलाती हैं. आइए यहां कुछ ऐसी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों के बारे में जानते हैं, जिनके इस्तेमाल से आप बढ़े हुए यूरिक एसिड को कंट्रोल कर सकते हैं.

बढ़े हुए यूरिक एसिड को कंट्रोल करने में कारगर हैं ये जड़ी-बूटी

गिलोय
गिलोय एक प्रसिद्ध आयुर्वेदिक जड़ी बूटी है जिसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और डिटॉक्सिफाइंग गुण होते हैं. यह शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने और यूरिक एसिड के स्तर को कम करने में मदद करता है. नियमित रूप से गिलोय का जूस या काढ़ा पीना यूरिक एसिड को नियंत्रित करने में बहुत फायदेमंद होता है. आप गिलोय के पत्तों या तने का इस्तेमाल करके काढ़ा बना सकते हैं या आप बाजार में उपलब्ध गिलोय के जूस का भी उपयोग कर सकते हैं.

नीम 
नीम अपने खून साफ करने और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के लिए जाना जाता है. यह खून को साफ करने और शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालने में मदद करता है, जिससे यूरिक एसिड का स्तर कम होता है. नीम के पत्तों का काढ़ा या नीम के पाउडर का सेवन करने से यूरिक एसिड को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है.

मंजिष्ठा 
मंजिष्ठा एक और बेहतरीन खून साफ करने वाली जड़ी बूटी है. यह खून को साफ करने, विषाक्त पदार्थों को निकालने और सूजन को कम करने में मदद करती है. मंजिष्ठा का काढ़ा या चूर्ण यूरिक एसिड को नियंत्रित करने और गठिया के लक्षणों को कम करने में फायदेमंद हो सकता है.

अदरक 
अदरक अपने एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के लिए मशहूर है और पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में भी मदद करता है. अदरक के सेवन से शरीर में सूजन को कम करने और यूरिक एसिड के स्तर को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है. आप अपने खाने में अदरक को शामिल कर सकते हैं या अदरक का काढ़ा या सूखी अदरक के पाउडर का इस्तेमाल कर सकते हैं.


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पुनर्नवा 
पुनर्नवा एक ऐसी जड़ी बूटी है जो शरीर से अतिरिक्त तरल पदार्थ और यूरिक एसिड को बाहर निकालने में मदद करती है. यह किडनी के स्वास्थ्य को बढ़ावा देती है और यूरिक एसिड के स्तर को कम करने में मदद कर सकती है. पुनर्नवा का जूस या काढ़ा यूरिक एसिड को नियंत्रित करने के लिए कारगर माना जाता है.

त्रिफला 
त्रिफला तीन चीजें आंवला, बहेड़ा और हरड़ का मिश्रण है. आयुर्वेद में यह अपने डिटॉक्सिफाइंग और पाचन गुणों के लिए जाना जाता है. त्रिफला शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालने और पाचन में सही रखने में मदद करता है, जो बढ़े हुए यूरिक एसिड को नियंत्रित करने के लिए  बहुत जरूरी है. रात को सोने से पहले गर्म पानी के साथ त्रिफला चूर्ण लेने से कई लाभ होते हैं.

(Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से संपर्क करें.)

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