Advertisement
हिंदी न्यूज़लाइफस्टाइल

Diabetes Control: ये 3 आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां नेचुरली इंसुलिन का प्रोडक्शन बढ़ाती हैं, काबू में रहेगा ब्लड शुगर

Ayurvedic herbs for type 2 diabetes: कुछ आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों की मदद से टाइप 2 डायबिटीज को नियंत्रित किया जा सकता है.

Latest News
Diabetes Control: ये 3 आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां नेचुरली इंसुलिन का प्रोडक्शन बढ़ाती हैं, काबू में रहेगा ब्लड शुगर

ये 3 आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करेंगी

Add DNA as a Preferred Source

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, 2030 तक टाइप 2 डायबिटीज रोगियों की संख्या दोगुनी हो जाएगी, जो चिंता का विषय है. हालाँकि यह स्थिति जीवन के लिए खतरा है, लेकिन अपनी जीवनशैली में कुछ बदलाव करके और कुछ सरल घरेलू उपचार (Diabetes Diet) अपनाकर टाइप 2 डायबिटीज को नियंत्रित किया जा सकता है.

टाइप 2 डायबिटीज के साथ जीना आसान नहीं है. यह एक जटिल बीमारी है, लेकिन कुछ आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों की मदद से टाइप 2 डायबिटीज को नियंत्रित किया जा सकता है. इसलिए आज हम आपको शरीर में अचानक ग्लूकोज बढ़ने के खतरे को कम करने के लिए कुछ प्रभावी जड़ी-बूटियों के बारे में बताने जा रहे हैं. आप इसे अपने दैनिक आहार में शामिल करके टाइप 2 डायबिटीज को नियंत्रित कर सकते हैं.  

टाइप 2 डायबिटीज को नियंत्रित करने के लिए आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां

1. दालचीनी

घर के बने मसालों में दालचीनी होती है. दालचीनी रक्त शर्करा के स्तर को कम करने और टाइप 2 डायबिटीज से लड़ने के लिए इंसुलिन के प्रभावों में से एक है. यह कोशिकाओं में रक्त शर्करा के परिवहन को तेज करने में मदद कर सकता है. यह इंसुलिन संवेदनशीलता को बढ़ाकर रक्त शर्करा के स्तर को कम करने में भी मदद कर सकता है, जो कोशिकाओं में चीनी को स्थानांतरित करने में इंसुलिन को अधिक कुशल बनाता है.  सफेद प्याज: क्या आपने कभी सफेद प्याज खाया है? इसके एक नहीं बल्कि कई फायदे हैं

2. धनिये के बीज

धनिये के बीज टाइप 2 डायबिटीज के लिए एक बेहतरीन उपाय हैं. टाइप 2 डायबिटीज विरोधी गतिविधि की अच्छी रिपोर्टें हैं. जो अग्न्याशय की कोशिकाओं से अधिक इंसुलिन उत्पादन को प्रेरित करता है. धनिया के बीज शरीर में रक्त शर्करा को कम करने के लिए जिम्मेदार एंजाइमों की गतिविधि को बढ़ा सकते हैं. यह ब्लड शुगर लेवल में मदद करता है.

3. मेथी के बीज

मेथी के बीज में एक मुक्त अप्राकृतिक अमीनो एसिड (4-हाइड्रॉक्सीआइसोसायनेट) होता है, जो शरीर की अग्न्याशय आइलेट कोशिकाओं में ग्लूकोज-उत्तेजित इंसुलिन उत्पादन को बढ़ाता है. मेथी के बीज में 50 प्रतिशत फाइबर होता है, जो इसके हाइपोलिपिडेमिक प्रभाव का एक और कारण है.

(Disclaimer: यह लेख केवल आपकी जानकारी के लिए है. इस पर अमल करने से पहले अपने विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श लें.)

ख़बर की और जानकारी के लिए डाउनलोड करें DNA App, अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए जुड़ें हमारे गूगल, फेसबुक, x, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से.

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement