लाइफस्टाइल
तपती गर्मी में स्विमिंग पूल से बड़ी राहत मिलती है, लेकिन अगर सावधानी नहीं बरती तो यह राहत आफत में बदल सकती है. क्योंकि इसकी वजह से व्यक्ति को सेहत संबंधी समस्याओं से जूझना पड़ सकता है. इससे बचने के लिए इन बातों का विशेष ध्यान रखें.
गर्मी बढ़ते ही लोगों को राहत पाने के लिए एसी या फिर स्विमिंग पूल की तलाश रहती है. ठंडे पानी में कुछ देर बिताने से राहत मिलती है और शरीर भी तरोताजा महसूस करता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि पूल में की गई छोटी-सी लापरवाही आपकी छुट्टियों और फिटनेस प्लान दोनों को खराब कर सकती है. हेल्थ एक्सपर्ट्स का दावा है कि तैराकी जितनी फायदेमंद होती है, उतना ही जरूरी है कुछ बुनियादी सावधानियों का पालन करना. वरना स्किन इंफेक्शन से लेकर डिहाइड्रेशन और आंखों की परेशानी तक कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है.
ज्यादातर लोग स्विमिंग पूल चुनते समय सिर्फ उसकी चमक और साफ दिखने वाले पानी को देखते हैं. लेकिन असली सवाल यह है कि पानी की गुणवत्ता कितनी अच्छी है. एक्सपर्ट्स के अनुसार, अगर पूल की नियमित सफाई और पानी का सही ट्रीटमेंट नहीं किया जाता, तो उसमें बैक्टीरिया, वायरस और फंगस पनप सकते हैं. ऐसे पानी में तैरने से स्किन पर रैशेज, आंखों में जलन, कान में संक्रमण और एलर्जी जैसी समस्याएं हो सकती हैं. यही वजह है कि किसी भी पूल में उतरने से पहले उसकी साफ सफाई और रखरखाव पर ध्यान देना बहुत जरूरी है.
गर्मी में लोग अक्सर एक-दो घंटे नहीं, बल्कि कई-कई घंटे पानी में बिताते हैं. हालांकि यह आरामदायक महसूस हो सकता है, लेकिन इसका शरीर पर बुरा प्रभाव भी पड़ता है. लंबे समय तक क्लोरीन मिले पानी में रहने से स्किन की नमी कम हो सकती है. इससे स्किन रूखी, बेजान और संवेदनशील हो सकती है. बालों पर भी इसका असर पड़ सकता है. इसलिए बीच-बीच में ब्रेक लेना और जरूरत पड़ने पर पूल से बाहर निकलकर शरीर को आराम देना जरूरी माना जाता है.
कई लोग पूल से निकलने के बाद सीधे घर चले जाते हैं या कपड़े बदलकर दूसरी गतिविधियों में लग जाते हैं, लेकिन यह आदत नुकसान पहुंचा सकती है.विशेषज्ञ बताते हैं कि पूल के पानी में मौजूद क्लोरीन और अन्य रसायन लंबे समय तक स्किन पर बने रहें तो खुजली, एलर्जी और ड्राइनेस की समस्या बढ़ सकती है. तैराकी के तुरंत बाद साफ पानी और हल्के साबुन से स्नान करने से इन समस्याओं का खतरा कम किया जा सकता है.
आउटडोर स्विमिंग पूल में जाने वाले लोग अक्सर एक बात भूल जाते हैं कि वे पानी में होते हुए भी धूप के सीधे संपर्क में रहते हैं. इससे सनबर्न और डिहाइड्रेशन का खतरा बना रहता है.एक दिलचस्प तथ्य यह है कि पानी में रहने के कारण कई बार प्यास का एहसास कम होता है, लेकिन शरीर लगातार तरल पदार्थ खो रहा होता है. इसलिए तैराकी से पहले और बाद में पर्याप्त पानी पीना बेहद जरूरी है. यदि चक्कर आना, कमजोरी या असामान्य थकान महसूस हो तो तुरंत आराम करना चाहिए.
कई लोग वजन घटाने या जल्दी पूल पहुंचने के चक्कर में बिना कुछ खाए तैरने चले जाते हैं. वहीं कुछ लोग भारी भोजन करने के तुरंत बाद पानी में उतर जाते हैं.दोनों स्थितियां परेशानी पैदा कर सकती हैं. खाली पेट तैरने से कमजोरी और चक्कर आने का खतरा बढ़ सकता है, जबकि भरपेट भोजन के बाद तैराकी करने से पेट में ऐंठन, भारीपन और असहजता महसूस हो सकती है. विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हल्का भोजन करने के कुछ समय बाद ही पूल में उतरना बेहतर होता है.
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