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Side Effects of Ammonia-Based Hair Dyes: बालों को रंगने से स्वास्थ्य पर असर पड़ता है. इस हेयर डाई में मौजूद अमोनिया कैंसर और फेफड़ों की समस्याएं पैदा करने वाला माना जाता है.
हाल के दिनों में सफेद होते बालों की समस्या अधिकतर लोगों को परेशान कर रही है. बाल सफ़ेद होने लगते हैं, विशेषकर कम उम्र में. यही कारण है कि युवा लोग हेयर डाई और हेयर कलरिंग का सहारा लेते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह हेयर डाई या कलरिंग आपके स्वास्थ्य के लिए कितनी हानिकारक है?
बाजार में विभिन्न कंपनियों के बाल रंगने के कई विकल्प उपलब्ध हैं. इसलिए सही जानकारी बहुत जरूरी है. ऐसा इसलिए है क्योंकि उच्च गुणवत्ता वाले हेयर डाई बालों की सतह में प्रवेश करते हैं और उन्हें रंग देते हैं. लेकिन खराब गुणवत्ता से कई प्रकार की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. कैंसर उनमें से एक है.
खरीदने से पहले पढ़ें
अपने बालों को रंगने से पहले आपको उसमें इस्तेमाल होने वाले अवयवों की जांच करने के लिए कुछ समय निकालना चाहिए. अपने बालों को रंगने का प्रयास करते समय ध्यान रखें कि यदि आपके द्वारा उपयोग किए जा रहे उत्पाद में अमोनिया मौजूद है तो यह हानिकारक हो सकता है.
बाल रंगने में अमोनिया का उपयोग क्यों किया जाता है?
अमोनिया एक रसायन है जिसका उपयोग बालों को रंगने की प्रक्रिया के दौरान आपके बालों के पीएच स्तर को बढ़ाने के लिए किया जाता है. इससे आपके बालों की बाहरी परत को खोलने में मदद मिलती है, ताकि डाई या बालों का रंग कॉर्टेक्स, यानी आपके बालों की भीतरी परत पर जमा हो सके.
बालों में हेयर डाई जितना अधिक अमोनिया अवशोषित करेगी, आपके बालों का रंग उतना ही अधिक टिकाऊ होगा.
अमोनिया बालों की परत को नुकसान पहुंचाता है, जिससे बाल रूखे और कमजोर हो जाते हैं. इससे बाल और भी अधिक सफेद हो जाते हैं, क्योंकि क्यूटिकल मेलेनिन को धारण करने के लिए पर्याप्त मजबूत नहीं होता.
क्या बालों को रंगने से कैंसर होता है?
हेयर डाई रसायनों में कार्सिनोजेन्स हो सकते हैं जो कैंसर का कारण बनते हैं. इससे स्तन कैंसर का खतरा बढ़ जाता है. 2019 में, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के एक अध्ययन से पता चला कि जो महिलाएं स्थायी रूप से हेयर डाई का उपयोग करती हैं, उनमें स्तन कैंसर होने का खतरा अधिक होता है.
अमोनिया आधारित हेयर डाई के दुष्प्रभाव
बालों को स्थायी रूप से रंगना अधिक खतरनाक माना जाता है. रंग के अलावा इनमें अमोनिया, हाइड्रोजन पेरोक्साइड, पैराबेंस और सल्फेट जैसे खतरनाक रसायन भी होते हैं. इनसे गुर्दो और फेफड़ों को गंभीर क्षति पहुँचती है.
इसके साथ ही मूत्राशय कैंसर, तंत्रिका तंत्र विकार और गंभीर एलर्जी हो सकती है, जिससे आंखों में जलन हो सकती है. इसलिए, डॉक्टरों का कहना है कि गर्भवती महिलाओं, नई माताओं और अस्थमा और एक्जिमा जैसी बीमारियों से पीड़ित लोगों को इस तरह से अपने बालों को रंगने से बचना चाहिए.
(Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से संपर्क करें.)
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