Advertisement
हिंदी न्यूज़लाइफस्टाइल

Shocking news: पॉल्यूशन से गर्भ में पल रहे बच्चों के दिमाग पर पड़ रहा बुरा असर, स्लो हो जाती ब्रेन फंक्शनिंग

वायु प्रदूषण का असर अब गर्भ में पल रहे शिशुओं के मस्तिष्क पर भी दिखने लगा है. वैज्ञानिक शोध के अनुसारअगर गर्भवती महिला प्रदूषित वातावरण में रहती है, तो इसका असर शिशु के मस्तिष्क के विकास पर पड़ता है. इतना ही नहीं छोटे बच्चों पर पाल्यूशन का असर उनकी आंख, नाक, लंग्स को भी खराब करता है

Latest News
Shocking news: पॉल्यूशन से गर्भ में पल रहे बच्चों के दिमाग पर पड़ रहा बुरा असर, स्लो हो जाती ब्रेन फंक्शनिंग

Air pollution impacts the developing fetus and newborns

Add DNA as a Preferred Source

वायु प्रदूषण इतना गंभीर है कि इसका असर गर्भ में पल रहे बच्चे पर भी पड़ रहा है. वायु प्रदूषण का बढ़ता स्तर न सिर्फ़ आपकी सांस लेने की क्षमता को, बल्कि आपकी सोचने-समझने की क्षमता को भी प्रभावित कर रहा है, और यह तब से शुरू हो जाता है जब आप अपनी मां के गर्भ में होते हैं. अमेरिका में शोध कर रहे कुछ वैज्ञानिकों ने यह बात कही है.

वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर कोई गर्भवती महिला 2.5 PM आकार के कणों के संपर्क में आती है, तो इसका असर उसके गर्भ में पल रहे बच्चे पर पड़ता है और यह असर उसके दिमाग पर भी पड़ता है. ये 2.5 PM कण आकार में इतने छोटे होते हैं कि इन्हें इंसानी आंखों से देख पाना संभव नहीं है. हमारे बाल से भी 30 गुना छोटे ये कण हमारे दिमाग को नुकसान पहुंचाने की ताकत रखते हैं क्योंकि ये कण सीधे हमारे दिमाग की नसों पर असर डालते हैं और इनके प्रभावित होने पर हमारा दिमाग खराब होने लगता है.

खास बात यह है कि इन कणों में कुछ ऐसे पदार्थ होते हैं जो हमारे मस्तिष्क के सुचारू संचालन के लिए बेहद ज़रूरी हैं. क्या आप जानते हैं? ये कण कैसे बनते हैं? ये कण कारों और कारखानों से निकलते हैं. इनमें जलने वाले ईंधन से सीधे तौर पर ये कण बनते हैं.

जब हम अपनी माँ के गर्भ में होते हैं, तो हमारे मस्तिष्क में माइलिनेशन नामक एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया चल रही होती है, और जब हमारी माँ प्रदूषित क्षेत्र में होती है, तो हमारे मस्तिष्क में माइलिनेशन की यह प्रक्रिया तनावग्रस्त हो जाती है क्योंकि माइलिनेशन, जो हमारे मस्तिष्क में तंत्रिकाओं के बीच का संबंध है, धीमी गति से काम करना शुरू कर देता है. शोध में 137 नवजात शिशुओं की जांच की गई, और प्रदूषित क्षेत्रों में रहने वाले नवजात शिशुओं में माइलिनेशन पर प्रभाव देखा गया.

मूलतः, यदि भ्रूण अवस्था में मस्तिष्क का विकास ठीक से नहीं होता है, तो भविष्य में मानसिक विकार होने की संभावना अधिक होती है. इसका मस्तिष्क पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है.

अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए जुड़ें हमारे गूगल, फेसबुक, x,   इंस्टाग्राम, यूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से

 

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement