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उदासी मन पर रहती है हावी तो बस ये छोटा सा काम कर लें, स्ट्रेस-टेंशन अपने आप होगा छूमंतर

अगर आपके दिल-दिमाग पर किसी बात का तनाव या दर्द है तो उसके दूर करने का बेहद आसान तरीका वर्जिनिया यूनिवर्सिटी के न्यूरोसाइंटिस्ट ने बताया है और ये बेहद कारगर है. इसे करने से जादुई तरीके से आपका दुख और दर्द खत्म होगा और खुशियों से मन भर जाएगा.

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उदासी मन पर रहती है हावी तो बस ये छोटा सा काम कर लें, स्ट्रेस-टेंशन अपने आप होगा छूमंतर

उदासी मन पर रहती है हावी तो बस ये छोटा सा काम कर लें

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क्या आपने अपने भविष्य के बारे में खुद को पत्र लिखने के विचार के बारे में सुना है? जी हां, ऐसा करने से हमारा मानसिक स्वास्थ्य बेहतर हो सकता है और हम ज़्यादा खुश रह सकते हैं. इतना  ही नहीं अगर आपका दिल टूटा है या आप किसी उदासी से घिरे हैं तो भी आप ये उपाय अपना कर खुद को संतुलित रख सकते हैं.

वर्जीनिया विश्वविद्यालय में न्यूरोलॉजिस्ट और मनोविज्ञान की प्रोफ़ेसर एरिन क्लाबू के अनुसार खुद को लेटर लिख कर न केवल आप अपने भविष्य के बारे में सकारात्मक दिशा दे सकते हैं बल्कि अपने कष्ट को लिख कर अपने दिल और दिमाग को भी हल्का करते हैं. क्लाबू कहती हैं कि इससे हम ज़्यादा खुश महसूस करते हैं और भविष्य की चिंताओं से मुक्त होते हैं.

उन्होंने कहा कि बेहतर और खुशहाल भविष्य के लिए खुद को पत्र लिखने से हमारे भावी जीवन में खुशियां आती हैं. हर किसी के मन में यह विचार होता है कि उसका भविष्य कैसा होना चाहिए, लेकिन उसे लिखकर शब्दों में बयां करने से और भी खूबसूरत यादें बनती हैं और लक्ष्य प्राप्ति में आसानी होती है.
 
अपने भविष्य को पत्र लिखने से हमें नियंत्रण मिलता है 

न्यूरोसाइंटिस्ट एरिन क्लाबू कहती हैं कि अपने भविष्य के लिए पत्र लिखने से आपको यह आकलन करने का मौका मिलता है कि क्या आपके वर्तमान मूल्य उस जीवन से मेल खाते हैं जिसे आप जीना चाहते हैं. यह आपको बदलने और विकसित होने का मौका देता है. आप सोच सकते हैं कि अपने लिए निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए आपको क्या करने की आवश्यकता है.

क्लूबो का कहना है कि पत्र को बाद में पढ़ना भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि उसे लिखना, तथा मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव डालने के लिए यह महत्वपूर्ण है कि हम दयालु और करुणामय रहें.

वे कहते हैं कि हमारे लिखे शब्दों में हमारा भविष्य और उसे खुलकर व्यक्त करने की आज़ादी शामिल होनी चाहिए. वे कहते हैं कि जब हमारे पास स्वतंत्र इच्छाशक्ति होती है, तो हम अपने जीवन पर नियंत्रण रख सकते हैं.

भविष्य के लिए हमें अपने आप को जो पत्र लिखना चाहिए उसमें क्या होना चाहिए?
एरिन क्लाबाऊ कहती हैं कि हमें इस बात पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए कि हमारे जीवन में क्या अच्छा चल रहा है और हम अपना भविष्य कैसा चाहते हैं. उनका कहना है कि अगर हम खुद के प्रति ईमानदार रहें, तभी हम एक सुंदर भविष्य की कल्पना कर सकते हैं.
 
क्लाबाऊ का कहना है कि यह स्पष्ट रूप से समझना महत्वपूर्ण है कि हमारी प्राथमिकताएं क्या हैं और हमारे मूल्य क्या हैं, ताकि आप अपने समय, ऊर्जा और संसाधनों को आवंटित करने के तरीके पर गर्व कर सकें.

न्यूरोसाइंटिस्ट्स के अनुसार, आपको साल में कम से कम एक बार खुद को एक पत्र लिखना चाहिए. अपने पत्र में, आपको अपनी कठिनाइयों और उनसे निपटने के तरीके के बारे में लिखना चाहिए, तभी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से पार पाना आसान होगा.
 
लक्ष्य निर्धारित करने से बहुत फ़र्क़ पड़ता है. क्लाबू कहते हैं कि यह एक ऐसी आदत है जिसे सभी लोगों को, चाहे वे जीवन के किसी भी पड़ाव पर हों अपनाना चाहिए.
 

Disclaimer: यह खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है.  डीएनए इसकी जिम्मेदारी या पुष्टी नहीं करता है. अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से संपर्क करें.

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