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Plastic Bottle Vs Glass Bottle: लोग प्लास्टिक की बोतल से माइक्रोप्लास्टिक कण निकलते हैं जो सेहत के लिए अच्छे नहीं होते हैं. लोग इसे कांच की बोतल से बदल देते हैं. लेकिन यह भी सेहत के लिए सही नहीं है.
Glass Water Bottle Microplastics: प्लास्टिक और कांच की बोतल में कौन सी का इस्तेमाल करना ज्यादा सुरक्षित है. इसके जवाब में आपको कांच की बोलत ही सुनने को मिलेगा. प्लास्टिक की बोतल माइक्रोप्लास्टिक छोड़ती है जो हेल्थ के लिए नुकसानदायक होती है. लेकिन अगर आप इसके मुकाबले कांच की बोतल को सुरक्षित मानते हैं तो आप गलत हैं. दरअसल, एक स्टडी के मुताबिक, कांच की बोतल भी माइक्रोप्लास्टिक छोड़ती है जो सेहत के लिए सही नहीं है. आइये इसके बारे में जानते हैं.
कांच की बोतल भी माइक्रोप्लास्टिक छोड़ती है जो बोतल में मौजूद पानी और पदार्थ को दूषित करते हैं. फ्रांस की फूड सेफ्टी एजेंसी ANSES द्वारा किये गए शोध में इसकी जानकारी मिली है. इस रिसर्च के मुताबिक, कांच की बोतल में कोल्ड ड्रिंक, नींबू पानी, आइस टी और बीयर प्रति लीटर औसतन 100 माइक्रोप्लास्टिक कण होते हैं. जबकि, प्लास्टिक की बोतल में माइक्रोप्लास्टिक कण 50 गुना तक होते हैं.
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इस शोध के मुताबिक, कांच की बोतल में पाए गए माइक्रोप्लास्टिक कण ढक्कन के रंग से मिलते पाए गए हैं. ऐसे में इन प्लास्टिक कणों के लिए ढक्कन जिम्मेदार है. सादा सोडा पानी में माइक्रोप्लास्टिक का स्तर काफी कम था. प्लास्टिक की बोतल में माइक्रोप्लास्टिक के 1.6 कण थे और कांच की बोतलों में लगभग 4.5 कण प्रति लीटर थे.
ANSES के शोध निदेशक गिलौम डुफ्लोस ने इसका संभावित समाधान बताया है कि, ढक्कनों को अच्छी तरह से धोकर और इथेनॉल-पानी के घोल साफ करके लगाया जाए. इस तरह से माइक्रोप्लास्टिक कणों की संख्या को काफी कम कर सकते हैं. इस समाधान के जरिए आप खाद्य और पेय पदार्थ में माइक्रोप्लास्टिक की बढ़ती संख्या के खतरे को कम कर सकते हैं.
(Disclaimer: यह खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है. इस पर अमल करने से पहले विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें.)
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