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पश्चिमोत्तानासन शब्द संस्कृत के मूल शब्दों से मिलकर बना है 'पश्चिम' जिसका अर्थ है 'पीछे' या 'पश्चिम दिशा', 'तीव्र खिंचाव' और 'आसन' यानी 'मुद्रा'. इसका सम्पूर्ण मतलब इस आसन में बैठ कर शरीर के बीच के हिस्से में तीव्र खिंचाव पैदा करना है.
डीएनए हिंदी: स्वस्थ रहने के लिए योग जरूरी है. शरीर की सक्रियता को बनाए रखने के साथ लचीलेपन को बढ़ावा देने के लिए योग का नियमित अभ्यास करना काफी लाभदायक माना जाता है. योग आसन आपकी मांसपेशियों और जोड़ों में गतिशीलता बढ़ाने के साथ संपूर्ण शरीर के फिटनेस में आपकी मदद कर सकते हैं. योग के कई आसन हैं. इन्हीं में से एक है पश्चिमोत्तानासन. आइए इस आर्टिकल में पश्चिमोत्तानासन योग करने के आसान स्टेप्स और उसके फायदों के बारे में जानते हैं.
क्या है पश्चिमोत्तानासन?
पश्चिमोत्तानासन शब्द संस्कृत के मूल शब्दों से मिलकर बना है 'पश्चिम' जिसका अर्थ है 'पीछे' या 'पश्चिम दिशा', 'तीव्र खिंचाव' और 'आसन' यानी 'मुद्रा'. इसका सम्पूर्ण मतलब इस आसन में बैठ कर शरीर के बीच के हिस्से में तीव्र खिंचाव पैदा करना है, ताकि शरीर की ऊर्जा को नियंत्रित किया जा सके.
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पश्चिमोत्तानासन करने का आसान तरीका

पश्चिमोत्तानासन के फायदे
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