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अब देश में ऐसी बसें आने वाली हैं जो हवाई जहाज़ जैसी आलीशान होंगी. ये बसें पूरी तरह आरामदायक और सभी सुविधाओं से लैस होंगी. बिलुकल प्लेन सरीखी सुविधाएं और होटेज भी होंगी.
Nitin Gadkari on Electric bus: देश में अब ऐसी बसें आने वाली हैं जो हवाई जहाज जैसी आलीशान होंगी. ये बसें इलेक्ट्रिक होंगी और पूरी तरह से आरामदायक और सभी सुविधाओं से लैस होंगी. सबसे खास बात ये है कि जैसे हवाई जहाज में एयर होस्टेस होती हैं, वैसे ही बसों में बस होस्टेस होंगी. केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इसकी जानकारी दी है. वे भारत में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और बेहतर बनाने पर काम कर रहे हैं. सरकार अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बसें चलाने की योजना पर काम कर रही है. जिसमें यात्रियों को कॉफी, चाय, फल और कोल्ड ड्रिंक्स की सुविधा मिलेगी. फिलहाल, टाटा के सहयोग से इस प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है.

बस सुविधाएं हवाई जहाज जैसी होंगी
इस बस के किराए की बात करें तो इसका किराया डीजल बस के मुकाबले लगभग 30 प्रतिशत कम रहने की उम्मीद है. एक ओर, यह सार्वजनिक परिवहन बसों को अत्याधुनिक और आरामदायक बनाने का प्रयास है, तो दूसरी ओर, इसका उद्देश्य यात्रियों के सफर को सुखद और यादगार बनाना है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल पर ज़ोर देते हुए नितिन गडकरी ने कहा कि वह सुरंगों, पुलों और सड़कों के निर्माण में भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल पर विचार कर रहे हैं.

बस की बैठने की क्षमता 135 रहेगी
प्राप्त जानकारी के अनुसार इस बस की बैठने की क्षमता 135 होगी. ये सभी सीटें वातानुकूलित होंगी. कुर्सियां भी आरामदायक होंगी. प्रत्येक सीट के सामने एक टेलीविजन और लैपटॉप रखने की सुविधा भी दी गई है. फ्लैश चार्जिंग तकनीक भी दी गई है. बस होस्टेस यात्रियों को फल, पैकेज्ड खाद्य पदार्थ परोसेंगे. इस योजना का पायलट प्रोजेक्ट नागपुर में शुरू किया गया है. इस बस को चलाने में भी भारी लागत आएगी. इस बस को चलाने का खर्च 35 से 40 रुपये प्रति किलोमीटर होगा. 40 किलोमीटर का सफर तय करने के बाद बस रुक जाएगी. उसके बाद महज 40 सेकंड में चार्जिंग पूरी हो जाएगी, जिससे अगले 40 किलोमीटर का रास्ता साफ हो जाएगा.

कृत्रिम बुद्धिमत्ता पहाड़ी क्षेत्रों में मददगार
पहाड़ी इलाकों, खासकर हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया जाएगा. गौरतलब है कि देश और दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल तेज़ी से बढ़ रहा है. ऐसे में नितिन गडकरी ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इसके इस्तेमाल से सड़क बुनियादी ढांचे में आमूल-चूल बदलाव आ सकता है.
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