लाइफस्टाइल
ठंड का मौसम पुरुषों के यौन स्वास्थ्य पर असर डालता है. संवहनी संकुचन से रक्त प्रवाह कम हो जाता है, जिससे 'विंटर पेनिस' की समस्या हो जाती है. नियमित व्यायाम, गर्म पानी से स्नान, योग, ध्यान और पौष्टिक आहार इस समस्या को कम कर सकते हैं. डॉक्टर से सलाह लेना फायदेमंद रहेगा.
कड़ाके की ठंड का असर पुरुषों के यौन स्वास्थ्य पर पड़ता है. ठंड के कारण शरीर का तापमान कम होते ही पुरुषों के पेनिस यानी लिंग में ब्लड सर्कुलेशन कम होने लगती है जिससे कई तरह की समस्याएं पैदा होती हैं.
ब्रिटेन के डॉक्टरों ने हाल ही में इसका कारण खोजा है. डॉक्टरों का कहना है कि अत्यधिक ठंड के दौरान तापमान में गिरावट के कारण पुरुष जननांगों में रक्त का प्रवाह बहुत कम हो जाता है, जिससे लिंग आधा सिकुड़ जाता है और इसे शीतकालीन लिंग कहा जाता है. यह समस्या पुरुषों में यौन रोग के साथ-साथ कई अन्य समस्याओं को भी जन्म देती है.
ब्लड वेसेल्स के सिकुड़ने से पुरुष के लिंग का आकार आधे तक कम हो सकता है. रक्त प्रवाह कम होने के कारण लिंग को खड़ा रखना मुश्किल हो सकता है. खासकर वे लोग जिन्हें इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ईडी) है. इसलिए विशेषज्ञों ने ऐसे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है.
ठंड के दिनों में वाहिका संकुचन एक समस्या है. यह एक शारीरिक प्रक्रिया है जिसमें शरीर की गर्मी बनाए रखने के लिए ब्लड वेसेल्स सिकुड़ जाती हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि ब्लड शरीर के महत्वपूर्ण अंगों तक सबसे पहुंच नहीं पाता है और ऑक्सीजन की कमी होने लगती है.
इसमें गुप्तांग भी शामिल हैं. इसलिए गुप्तांगों तक कम रक्त पहुंचता है. इससे ठंड के महीनों में लिंग का आकार कम हो सकता है और इरेक्शन की समस्या भी बढ़ जाती है. यूरोलॉजी जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन ने पुष्टि की है कि ठंड का मौसम ब्लड सर्कुलेशन कम होने का कारण बनता है. ठंडा तापमान रक्त वाहिकाओं की लोच को कम कर देता है. साथ ही नाइट्रिक ऑक्साइड का उत्सर्जन भी कम हो जाता है. ये सभी कारण गुप्तांगों की उत्तेजना को कम कर देते हैं.
कैसे रखें खुद को ठंड में सुरक्षित
कुछ उपायों की मदद से गुप्तांगों के ढीलेपन को कम किया जा सकता है. इसके लिए सबसे पहले जीवनशैली में बदलाव करना होगा. ठंड के दिनों में, उस क्षेत्र में रक्त परिसंचरण बनाए रखने के लिए शरीर के निचले हिस्से के चारों ओर गर्म कपड़े पहनें. शरीर के तापमान को स्थिर रखने से अत्यधिक वाहिकासंकुचन को रोका जा सकता है. इसके बाद ठंड होने पर भी नियमित व्यायाम करें.
कार्डियोवैस्कुलर व्यायाम जैसी शारीरिक गतिविधि रक्त वाहिकाओं में रक्त परिसंचरण को बढ़ाती है, जो ठंड के कारण कम रक्त प्रवाह के प्रभाव को उलट देती है. व्यायाम के बाद पौष्टिक भोजन करें. ऐसे खाद्य पदार्थ खाएं जिनमें ब्लड सर्कुलेशन को उत्तेजित करने की क्षमता हो. नट्स, सभी प्रकार के बीज, मछली आदि का अधिक सेवन करें.
इसके अलावा एंटीऑक्सीडेंट युक्त फल, जामुन, डार्क चॉकलेट आदि का सेवन करें. नाइट्रिक ऑक्साइड बढ़ाने के लिए लहसुन और अदरक का सेवन करें. पेल्विक फ्लोर व्यायाम करें. इसके लिए कीगल एक्सरसाइज पेल्विक मांसपेशियों को मजबूत बनाती है. इससे इरेक्शन की क्रिया बढ़ती है.
ठंड के मौसम में अक्सर डिहाइड्रेशन की समस्या हो जाती है, जिससे रक्त संचार कम हो जाता है. इसलिए पर्याप्त मात्रा में पानी पियें. वहीं, ठंड के दिनों में तनाव भी बढ़ जाता है. इससे बचने के लिए योग, ध्यान करें. अन्य स्थानों की यात्रा करें. ठंड के दिनों में गर्म पानी से स्नान करें. सेक्स से पहले गर्म पानी से नहाने से गुप्तांगों के आसपास रक्त संचार बढ़ता है. अगर कोई समस्या हो तो डॉक्टर से सलाह लें.
(Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. ये जानकारी सामान्य रीतियों और मान्यताओं पर आधारित है.)
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