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Potli Massage Therapy Benefits: पोटली मसाज थेरेपी की मदद से शरीर में होने वाली दर्द और अन्य समस्याओं से निजात पाया जा सकता है.
डीएनए हिंदी: दिनभर की भागदौड़ और हैवी वर्कआउट के बाद जब भी थकान महसूस होती है, तो ऐसे में कई लोग पोटली थेरेपी (Potli Massage Therapy) का सहारा लेते हैं. इसे भारत की प्राचीन थेरेपियों में से एक माना जाता है. पोटली मसाज थेरेपी में गर्म हर्बल पाउच का इस्तेमाल किया जाता है. यह एक आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति है, जिसकी मदद से शरीर के दर्द को कुछ ही मिनटों में दूर किया जा सकता है (Potli Massage Therapy Benefits). अगर सही ढंग इस मसाज को किया जाए तो हेल्थ से जुड़ी कई तरह की समस्याओं से आसानी से निजात पाया जा सकता है.
पोटली मसाज से मांसपेशी का दर्द, टेंशन, टीशू प्रॉब्लम जैसी सभी तरह की बीमारियों ठीक हो जाती हैं. आइए जानते हैं क्या है पोटली मसाज और कैसे करता है काम.
क्या है पोटली थेरेपी (Potli Massage Therapy In Hindi)
दुनिया में प्रचलित थेरेपी में से एक पोटली थेरेपी एक आयुर्वेदिक मसाज प्रक्रिया है, इसका इस्तेमाल भारत सहित दक्षिण पूर्व एशिया और थाईलैंड में सदियों से एक प्राकृतिक उपचार के रूप में किया जाता रहा है. पोटली मसाज थेरेपी में गर्म हर्बल पाउच का इस्तेमाल किया जाता है, इसे जब भी शरीर पर रखा जाता है, तो दर्द से राहत मिलती है और व्यक्ति तरोताजा महसूस करता है.
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कैसे दी जाती है पोटली थेरेपी (How To Do Potli Massage Therapy)
पोटली थेरेपी का एक सेशन 15 से 20 मिनट के लिए होता है. इसके लिए सबसे पहले आयुर्वेदिक तेल जैसे- तिल के तेल या नारियल के तेल में जड़ी बूटियां डालकर इसे पकाया जाता है और फिर पोटली में भरकर हल्के हाथों से पूरे शरीर का मसाज किया जाता है.
क्या हैं पोटली थेरेपी के फायदे (Potli Massage Therapy Benefits)
जोड़ों के दर्द से मिलता है आराम (Joint Pain
पोटली थेरेपी में इस्तेमाल होने वाला तेल जोड़ों के दर्द को कम करने में मदद करता है. साथ ही इससे शरीर का ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और मांसपेशियों को मजबूती मिलती है.
स्किन के लिए है फायदेमंद (Skin)
पोटली थेरेपी के लिए अगर आप सरसों और नीम के तेल को पोटली में भरकर मसाज करते हैं, तो इससे आपकी एजिंग की समस्या दूर हो सकती है. इसके अलावा इससे चेहरे पर निखार भी आता है.
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राइस पोटली (Types Of Potli Massage Therapy)
इसके लिए कई पोटली मसाज में चावल और रोजमैरी की पत्तियों का उपयोग किया जाता है, जिसे थोड़ा गर्म कर शरीर पर मसाज किया जाता है. इससे शरीर के मांसपेशियों को मजबूती मिलती है.
सेंधा नमक की पोटली
पोटली में सेंधा नमक, अजवाइन, मेथी दाना, लहसुन के तेल का इस्तेमाल करने से पुराने से पुराना दर्द कम होता है. इस थेरेपी से वेट लॉस में भी मदद मिलती है.
पाउडर पोटली
इस पोटली में औषधीय पाउडर जैसे- अश्वगंधा, सरसों के दाने, नीम की पत्ती, हल्दी, अदरक, मेहंदी के साथ ही जड़ी बूटियों को मिक्स किया जाता है और इससे पाउडर की पोटली बनाई जाती है. इस विधि से मसाज करने से शरीर के टॉक्सिन पदार्थ बाहर निकल जाते हैं और वात, पित्त और कफ से जुड़ी समस्याएं दूर होती हैं.
(Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें.)
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