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Kidney Transplant Cost In India: जिन लोगों की किडनी खराब हो चुकी हैं और काम नहीं कर रही हैं उन्हें किडनी ट्रांसप्लांट की जरूरत होती है. ऐसे में आइए जान लेते हैं भारत में किडनी ट्रांसप्लांट में कितना खर्च आता है और इसकी पूरी प्रक्रिया क्या है...
Kidney Transplant Cost In India: खराब जीवनशैली, खानपान की गलत आदतें और अन्य कई कारणों से लोगों में किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है, कई बार लोगों को इस स्थिति में किडनी ट्रांसप्लांट तक करानी पड़ जाती है. इस स्थिति में किसी जीवित या मरे हुए व्यक्ति की किडनी को जरूरतमंद के शरीर में प्रत्यारोपित किया जाता है.
हेल्थ एक्सपर्ट्स बताते हैं कि जिन लोगों की किडनी (Kidney Transplant) खराब हो चुकी हैं और काम नहीं कर रही हैं उन्हें किडनी ट्रांसप्लांट की जरूरत होती है. ऐसे में आइए जान लेते हैं भारत में किडनी ट्रांसप्लांट (Kidney Transplant) में कितना खर्च आता है और इसकी पूरी प्रक्रिया क्या है...
आमतौर पर किडनी ट्रांसप्लांट की शुरुआत 5 लाख से शुरू हो जाती है, पर ये कीमत अलग-अलग कंडीशन में अलग हो सकती है और इसका खर्च डोनर के ऊपर भी निर्भर करता है और यह भी कि मरीज की कैसी स्थिति है और किस तरह का ट्रांसप्लांट किया जा सकता है. इसके अलावा किस शहर में आपका ट्रांसप्लांट हो रहा है और किस हॉस्पिटल में आप किडनी ट्रांसप्लांट करा रहे हैं इसपर भी खर्च कम या ज्यादा हो सकता है.
वहीं अस्पताल में कितने दिन भर्ती रहना पड़ रहा है और सर्जन की फीस, डाइग्नोसिस और टेस्ट क्या हो रहे हैं और अस्पताल में कैसी सुविधाएं ले रहे हैं इसका भी आपका खर्चा बढ़ भी सकता है.
आमतौर पर सर्जरी के बाद 2-3 दिन में किडनी डोनर को डिस्चार्ज कर दिया जाता है और इस स्थिति में हफ्तेभर तक डोनर की देखभाल की जरूरत होती है. इसके बाद कुछ ही दिनों में आपकी एक किडनी ही दोनों किडनी का काम करने लगती है. कई स्टडी में ये दावा किया गया है कि किडनी दान करने से जीवित दानकर्ताओं की आयु कम नहीं होती है.
इसके अलावा किडनी दान करने से भविष्य में किडनी फेल होने का खतरा भी नहीं बढ़ता बता दें कि किसी भी स्थिति में अगर किडनी फेल हो भी जाती है तो आप जीवित डोनर की लिस्ट में सबसे ऊपर आते हैं और आपको आसानी से किडनी मिल जाती है.
किडनी ट्रांसप्लांट वाले व्यक्ति अगर जिंदा है तो ट्रांसप्लांट की तैयारी डोनर के हिसाब से की जाती है और अगर किसी मरे हुए व्यक्ति की किडनी लेनी है तो ट्रांसप्लांट केंद्र मरीज को किडनी मिलने के बाद पूरी जानकारी देता है और फिर बाद में सर्जरी होती है.
बता दें कि आमतौर पर खराब किडनी को हटाया नहीं जाता है, उसी किडनी के नीचले हिस्से में ट्रांसप्लांट किया जाता है. इसके बाद लगी हुई किडनी को ब्लड वेसल्स और ब्लैडर के साथ जोड़ दिया जाता है.
Disclaimer: यह खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है. इस पर अमल करने से पहले विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें.
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