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क्या मोबाइल और लैपटॉप के ज्यादा इस्तेमाल से कम हो रही है Male Fertility? चौंका देगी ये रिपोर्ट

Male Fertility: एक्सपर्ट्स का कहना है कि पॉकेट में पांच घंटे से ज्यादा मोबाइल रखने और गोद में लैपटॉप रखकर काम करने वाले युवाओं की प्रजनन क्षमता प्रभावित हो सकती है. आइए जानते हैं क्या कहती है स्टडी...

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क्या मोबाइल और लैपटॉप के ज्यादा इस्तेमाल से कम हो रही है Male Fertility? चौंका देगी ये रिपोर्ट

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Male Fertility: फोन, लैपटॉप के ज्यादा इस्तेमाल से इन दिनों लोगों में कई तरह की गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है. हाल ही में आई एक स्टडी के मुताबिक, इसका असर मेल फर्टिलिटी पर भी पड़ता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, फोन और लैपटॉप से निकलने वाली रेड‍ियाे फ्रीक्‍वेंसी इलेक्‍ट्रोमैग्‍नेट‍िक रेड‍िएशन स्‍क्रोटम का तापमान बढ़ा देती है और इससे ये नुकसान हो सकता है.

एक्सपर्ट्स का कहना है कि पॉकेट में पांच घंटे से ज्यादा मोबाइल रखने और गोद में लैपटॉप रखकर काम करने वाले युवाओं की प्रजनन क्षमता प्रभावित हो सकती है. आइए जानते हैं इस खास स्टडी के बारे में... 

क्या कहती है स्टडी? 

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, गोद में लैपटॉप रखने या मोबाइल फोन को पैंट की जेब में रखने से हाई-इंटेसिटी वाला इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड बनता है, ऐसे क्षेत्रों में अंडकोषों के लंबे समय तक संपर्क में रहने से इससे जुड़ी गर्मी से अंडकोषों के भीतर नाजुक टिश्यू को काफी नुकसान पहुंचता है, जिससे शुक्राणु-प्रोडक्शन सेल्स डैमेज हो सकती है. 

यह डैमेज खास जीन बदलावों वाले व्यक्तियों में ज्यादा गंभीर प्रतीत होती है, खासतौर से युवा पुरुषों के लिए चिंताजनक है, जो ऐसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग सबसे ज्यादा करते हैं.

सैम्पल का विश्लेषण

स्टडी में पाया गया कि जो लोग इन उपकरणों के साथ लंबे समय तक सीधे शारीरिक संपर्क बनाए रखते हैं, वे सबसे ज्यादा असुरक्षित माने जाते हैं. एक्सपर्ट्स के मुताबिक इसमें जिन पुरुषों के सैम्पल का विश्लेषण किया गया, वे 20-40 साल की आयु के थे और स्टडी करने वाली टीम ने उनकी लाइफस्टाइल, डाइट, वर्कप्लेस के रिस्क और किसी भी नशे की लत का अध्ययन किया. 

(Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ से परामर्श करें.)  

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