लाइफस्टाइल
2020 में कोरोनावायरस महामारी के बाद से लोग Dolo 650 गोलियां बुखार, सिरदर्द, माइग्रेन आदि खाने लगे हैं. लेकिन अमेरिकी गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट और स्वास्थ्य शिक्षक पलानिअप्पन माणिक्यम का कहना है कि भारतीय डोलो 650 को कैडबरी जेम्स की तरह खा और ले रहे हैं, ये चिंताजनक है.
कोरोना काल में गोली डोलो-650 की भारी मांग थी! क्योंकि उस समय, डॉक्टर कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों को वही डोलो 650 पैरासिटामोल गोली लेने की सलाह दे रहे थे. क्योंकि यह गोली कोरोना वायरस संक्रमण के सभी लक्षणों जैसे बुखार, ठंड लगना, शरीर में दर्द और सिरदर्द के लिए रामबाण के रूप में काम करती है! इसीलिए कोरोना महामारी के दौरान अधिकतर लोगों ने एहतियातन और प्राथमिक उपचार के तौर पर इस गोली को अपने घरों में रखा और उपरोक्त लक्षण दिखने पर तुरंत इस गोली को निगल लिया!
ओवर द काउंटर इस दवा को लोग खरीदते हैं
इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि बुखार, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द जैसी कई छोटी-मोटी स्वास्थ्य समस्याओं में त्वरित राहत देने वाली ये गोलियां अब सभी के लिए मेडिकल स्टोर्स में सस्ती कीमतों पर उपलब्ध हैं.
यदि आपको बुखार या दर्द हो तो बस इस एक गोली को निगलने से तुरंत राहत मिलेगी. लेकिन लोगों ने इसके दुष्प्रभावों के बारे में कभी नहीं सोचा! विशेषज्ञों का कहना है कि इन दवाओं के अत्यधिक उपयोग से शरीर के महत्वपूर्ण अंगों पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं!
डोलो-650 गोली के बारे में अब चर्चा शुरू
अमेरिकी डॉक्टरों ने ट्वीट किया है कि यदि आप बुखार, ठंड लगना और मांसपेशियों में दर्द जैसी मामूली स्वास्थ्य समस्याओं का अनुभव होने पर डॉक्टर से परामर्श किए बिना सीधे डोलो-650 टैबलेट निगल लेते हैं, तो आपको स्वास्थ्य समस्याएं होने की अधिक संभावना है.
भारतीय इस गोली को चॉकलेट की तरह खा रहे हैं
अमेरिकी डॉक्टरों ने ट्वीट कर कहा है कि बुखार और सर्दी के लिए डोलो 650 टैबलेट का सेवन स्वास्थ्य के लिए बहुत खतरनाक है, जैसे अधिक मात्रा में लेने पर अमृत भी जहर बन जाता है. उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय लोग डोलो 650 को चॉकलेट की तरह खा रहे हैं.
भले ही कोरोना वायरस का संक्रमण खत्म हो गया है, लेकिन इस गोली का इस्तेमाल बंद नहीं हुआ है. आप जानते हैं, डोलो 650 कोरोना काल में आया था. उस समय यह दवा बुखार से पीड़ित मरीजों को दी जाती थी. लेकिन इस कोरोना वायरस के संक्रमण का दौर बीत चुका है, लेकिन देश में इसका इस्तेमाल बंद नहीं हुआ है. डोलो 650 के संबंध में डॉक्टरों को वित्तीय लाभ पहुंचाने का मामला भी प्रकाश में आया.
वर्तमान में यह दवा पूरे देश में प्रचलन में है. जैसा कि पहले बताया गया है, अधिकांश लोग डॉक्टर से परामर्श किए बिना इस गोली को ले रहे हैं, जबकि कुछ लोग डॉक्टर से परामर्श किए बिना या इस गोली को लेने के दुष्प्रभावों के बारे में सोचे बिना कई दिनों तक इस दवा को लेना जारी रखते हैं.
मेडिकल स्टोर्स पर ये दवाएं किफायती दामों पर उपलब्ध हैं
मेडिकल स्टोर से डोलो 650 प्राप्त करने के लिए किसी पर्चे की आवश्यकता नहीं है. अगर कोई मेडिकल स्टोर पर जाकर इन गोलियों के बारे में पूछेगा तो मेडिकल स्टोर वाले बिना पीछे देखे ही उन्हें ये गोलियां दे देंगे! उस समय, डॉक्टर कोरोना महामारी के दौरान लोगों को सामान्य सर्दी के लिए यह दवा लेने की सलाह दे रहे थे. लेकिन चूंकि यह गोली बिना डॉक्टर के पर्चे के हर किसी के लिए आसानी से उपलब्ध है, इसलिए लोग कई अन्य बीमारियों के लिए भी इस गोली का सेवन कर रहे हैं!
किडनी और लिवर की समस्या हो सकती है
डॉक्टरों का कहना है कि छोटी-मोटी स्वास्थ्य समस्याएं होने पर इस गोली का बार-बार या अत्यधिक उपयोग शरीर में एलर्जी पैदा कर सकता है. इतना ही नहीं, इस दवा के लगातार इस्तेमाल से लिवर और किडनी में भी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं.
इससे भी अधिक चिंताजनक बात यह है कि अनेक अध्ययनों से पता चला है कि इस दवा की अधिक मात्रा लेने से तीव्र लिवर डैमेज हो सकता है. इसलिए, डॉक्टर भी चेतावनी देते हैं कि इन गोलियों के स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव हो सकते हैं!
यह गोली डॉक्टर की सलाह पर ही लेनी चाहिए. यदि आपको हल्का बुखार है तो आपको गोलियों के बजाय घरेलू उपचार से इसका इलाज करना चाहिए. यदि सिरदर्द, जुकाम या माइग्रेन के लिए कोई घरेलू उपचार न हो तो गोलियों के स्थान पर आयुर्वेदिक उपचार अपनाना चाहिए. आप जानते हैं, अगर आप इसे लगातार लेते हैं तो यह दवा कुछ समय बाद काम करना बंद कर देती है. इसके बाद यह दवा नहीं लेनी चाहिए. दवा का सेवन अगर काम न भी करे तो भी गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं.
(Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से संपर्क करें.)
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