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जन्मदिन पर मौत का खतरा ज़्यादा क्यों होता है? 'बर्थडे इफ़ेक्ट' से जुड़ी ये रिसर्च को पढ़कर पकड़ लेंगे माथा

What is Birthday Effect: आज एक ऐसी रिसर्च के बारे में बताएंगे जो आपका माथा चकरा देगी क्योंकि ये ये रिसर्च जन्मदिन पर सबसे ज्यादा मौत के खतरों से जुड़ी है. वैज्ञानिकों का कहना है कि किसी व्यक्ति के जन्मदिन पर मृत्यु की संभावना अन्य दिनों की तुलना में अधिक होती है. वे इसे 'जन्मदिन प्रभाव' कहते हैं.

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जन्मदिन पर मौत का खतरा ज़्यादा क्यों होता है? 'बर्थडे इफ़ेक्ट' से जुड़ी ये रिसर्च को पढ़कर पकड़ लेंगे माथा

क्या जन्मदिन पर मौत का खतरा ज़्यादा होता है? 

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क्या किसी व्यक्ति के किसी खास दिन मरने की संभावना ज़्यादा होती है? यह सवाल आपको बेकार या हास्यास्पद लग सकता है, लेकिन वैज्ञानिकों के लिए यह एक अहम सवाल है. जी हां. वैज्ञानिकों ने जो दावा किया है, वह और भी अजीब है. उनका कहना है कि किसी व्यक्ति के अपने जन्मदिन पर मरने की संभावना दूसरे दिनों के मुकाबले ज़्यादा होती है. वे इसे 'बर्थडे इफ़ेक्ट' कहते हैं.

2016 में जापान में किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि जो लोग अपने जन्मदिन पर मरते हैं, उनके आत्महत्या करने की संभावना 50% अधिक होती है. 2015 में अमेरिका में किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि जो लोग अपने जन्मदिन पर मरते हैं, उनके जन्मदिन पर मरने की संभावना 6.7% अधिक होती है. 2012 में स्विट्जरलैंड में किए गए एक अध्ययन में भी यही पाया गया. 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों में अपने जन्मदिन पर मृत्यु का जोखिम 13.8% अधिक होता है.
 
कुछ वैज्ञानिकों का कहना है कि मृत्यु रिकॉर्ड में गलतियाँ हो सकती हैं. जन्म तिथि और मृत्यु तिथि एक ही लिखी जा सकती है. लेकिन स्वास्थ्य लेखक होली मैकह्यू का कहना है कि ऐसी गलतियाँ बहुत कम होती हैं. इनका नतीजों पर ज़्यादा असर नहीं पड़ता. उन्होंने बीबीसी साइंस फ़ोकस में इस बारे में लिखा है.

कारण क्या हैं?

वैज्ञानिकों का कहना है कि जन्मदिन एक खास दिन होता है. लोग इस दिन जश्न मनाते हैं. कई बार वे बहुत ज़्यादा शराब पी लेते हैं. इससे जोखिम भरा व्यवहार बढ़ जाता है. लोग गलत फ़ैसले ले लेते हैं. दुर्घटनाएँ हो सकती हैं. शराब पीकर गाड़ी चलाना भी इसका एक कारण हो सकता है.

जन्मदिन की उदासी' क्या है

मैकह्यू कहते हैं कि कुछ लोगों के लिए जन्मदिन मुश्किल होता है. वे उदासी या तनाव ला सकते हैं. इसे 'जन्मदिन की उदासी' कहते हैं. लोग बढ़ती उम्र या अकेलेपन के बारे में सोचते हैं. इससे आत्महत्या का जोखिम बढ़ सकता है. इतना ही नहीं, कुछ लोग गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं. उनके लिए जन्मदिन एक बड़ा लक्ष्य है. वे आज तक जिंदा रहने की कोशिश करते हैं. वैज्ञानिकों का मानना ​​है कि ऐसे लोग अपने जन्मदिन के बाद हिम्मत खो सकते हैं. इससे उनकी मौत हो सकती है. जन्मदिन तनाव भी ला सकता है. लोग अपने जीवन के बारे में सोचते हैं. अगर उन्हें लगता है कि उन्होंने कुछ हासिल नहीं किया है, तो वे उदास हो सकते हैं.

सवाल यह है कि क्या आपको अपने जन्मदिन पर कोई सावधानी बरतनी चाहिए

जन्मदिन के दुष्परिणामों से बचने के लिए यह ज़रूरी है. जन्मदिन को सावधानी से मनाने की सलाह दी जाती है. अत्यधिक शराब पीने से बचें. अगर आप उदास या बीमार महसूस कर रहे हैं, तो दोस्तों या परिवार से बात करें. मानसिक स्वास्थ्य परामर्शदाता से मदद लें. अपने जन्मदिन को खुशी का दिन बनाएं, तनाव का नहीं. इसमें कोई संदेह नहीं है कि जन्मदिन हर किसी के लिए खतरनाक नहीं है, फिर भी यह कई लोगों के लिए खतरनाक है.

(Disclaimer: यह खबर सामान्य जानकारी और रिसर्च पर आधारित है. इस खबर की पुष्टी डीएनए हिंदी नहीं करता है.)

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