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Protect Eyes on Holi: होली पर कर दी ये गलती तो चली जाएगी आंखों की रोशनी, जानिए कैसे स्किन और हेयर को बचाएं?

What to do if color gets into your eyes: होली पर रंगों से खेलते समय आंखों को जरूर बचाएं क्योंकि रंगों में विभिन्न रसायनों की मौजूदगी के कारण ये आंखों को काफी नुकसान पहुंचा सकते हैं. तरल रंगों से आंखों में घाव हो जाते हैं, जिससे दृष्टि की हानि भी हो सकती है.

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Protect Eyes on Holi: होली पर कर दी ये गलती तो चली जाएगी आंखों की रोशनी, जानिए कैसे स्किन और हेयर को बचाएं?

होली पर आंखों को रंग से कैसे बचाएं?

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Chemical colours will cause loss of your eyesight: रंगों के बिना होली मनाना असंभव है, लेकिन आजकल रंगों में रसायनों के उपयोग के कारण आपको कई स्वास्थ्य और सौंदर्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. होली के दौरान विशेष रूप से उपयोग किए जाने वाले गाढ़े रंगों में कई प्रकार के खतरनाक रसायन होते हैं तथा ये ऑक्सीकरण करते हैं. इन रंगों का आपके स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है. अगर जरा सी लापरवही आपने कर दी तो आंखों की रौशनी जा सकती है या स्किन और बाल में रिएक्शन हो सकता है.

केमिकल युक्त रंग न केवल आपकी त्वचा को नुकसान पहुंचाएंगे, बल्कि इनके इस्तेमाल से कॉर्नियल अल्सर और कंजंक्टिवाइटिस जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं. इतना ही नहीं, इनसे एलर्जी भी हो सकती है और आपकी आंखों की रोशनी भी जा सकती है. तो आइए जानें होली खेलते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

फेफड़े और पेट से संबंधित समस्याएं भी हो सकती हैं 
डॉक्टरों ने यह भी चेतावनी दी है कि लोगों को ऐसे रसायन आधारित रंगों से बचना चाहिए और तरल रंगों से अपनी आंखों की रक्षा के लिए चश्मा पहनकर होली खेलनी चाहिए. लेकिन कई बार होली खेलते समय या उसके बाद कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जो कई बार लंबे समय तक बनी रह सकती हैं. रासायनिक रंगों से न केवल त्वचा और आंखों को बल्कि फेफड़ों और पेट को भी समस्या हो सकती है.

बड़े फ्रेम वाला चश्मा पहनें 
लिक्विड रंगों में कई तरह के केमिकल होते हैं, जो आंखों को काफी नुकसान पहुंचा सकते हैं. तरल रंग से आंखों में चोट लग सकती है, जिससे उपचार के बाद अंधापन भी हो सकता है. इसलिए, तरल रंगों से न खेलें और सुरक्षा की दृष्टि से बड़े फ्रेम वाला चश्मा पहनकर ही होली खेलें, ताकि कोई रंग या चमक आपकी आंखों में न जाए. यदि रंग आपकी आंखों में चला जाए तो तुरंत उन्हें साफ पानी से धो लें और डॉक्टर से परामर्श लें.

त्वचा से संबंधित कई बीमारियां हो सकती हैं.
एमडीएम अस्पताल के त्वचा रोग विशेषज्ञ डाॅ. दिलीप कछवाहा ने शहरवासियों से अपील की है कि वे अच्छे गुलाल यानि हर्बल गुलाल से ही होली खेलें. वे आगे कहते हैं कि अगर गुलाल में किसी तरह का घर्षण या खुरदरापन है, तो इसका इस्तेमाल न करें, क्योंकि इससे घर्षण होगा, जिससे मामूली चोट लगेगी और यह हमारी त्वचा को कई तरह से नुकसान पहुंचा सकता है.

अगर आप इस होली को केमिकल मुक्त ऑर्गेनिक रंगों के साथ मनाना चाहते हैं तो आप यह रंग आसानी से घर पर बना सकते हैं. आप गुलाब के फूलों से गुलाबी रंग बना सकते हैं. इसलिए गुलाब के फूलों को पानी में उबालें और उनमें से रंग हटा दें. इस रंग को अरारूट में मिला लें. इच्छित रंग के लिए जितना चाहें उतना मिलाएं. यह रंग त्वचा के लिए हानिकारक नहीं है.
 
अपनी त्वचा की ऐसे करें देखभाल

होली खेलने से पहले चेहरे पर क्रीम या वॉटरप्रूफ बेस और शरीर पर जैतून का तेल, तिल का तेल या सरसों का तेल लगाएं. इससे रंग आपके चेहरे और शरीर पर नहीं लगेगा और नहाने पर आसानी से निकल जाएगा.

अपने होठों को किसी भी नुकसान से बचाने के लिए एक अच्छा लिप बाम लगाएं, ताकि रंग आपके होठों पर न जाए.
 
अपने बालों में तेल या जेल लगाकर उन्हें बांध लें, ताकि बालों और सिर की त्वचा पर रंग की पकड़ ढीली रहे.

अपने नाखूनों पर नेल पॉलिश अवश्य लगाएं ताकि वे रंग और पानी से खराब न हों और होली खेलने के बाद भी आप अपना मूल रंग बरकरार रख सकें.

(Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से संपर्क करें.)  

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