लाइफस्टाइल
अक्सर आपने सुना होगा की ताजा आटे की बनी रोटी ही खानी चाहिए क्योंकि पहले से गुथे आटे की रोटी सेहत के लिए हानिकारक है लेकिन कितने देर तक का गूंथा आटा यूज करना चाहिए ये कोई नहीं बताता. चलिए आटे से जुड़ा ये मिथ न्यूट्रिशनिस्ट से जानें.
कई लोग अक्सर ज़रूरत से ज़्यादा आटा गूंथकर उसे फ्रिज में रख देते हैं. हालांकि, न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह ने एक इंस्टाग्राम वीडियो में बताया कि यह एक अस्वास्थ्यकर आदत है जिससे गेहूं में ज़्यादा ग्लूटेन निकलता है, जिससे कई लोगों को पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं. शाह ने कहा, "ज़्यादातर लोग सोचते हैं कि गेहूं ही समस्या है. लेकिन असल में, हमारी आदतें ही समस्या हैं. सबसे बड़ी गलती? सुबह आटा गूंथकर रात में इस्तेमाल करना या आटे को 10-48 घंटे तक फ्रिज में रखना."
उनके अनुसार जब पानी आटे में ज़्यादा देर तक रहता है तो अतिरिक्त ग्लूटेन निकल जाता है, जिससे रोटियां लचीली, चबाने में कठिन और पचने में मुश्किल हो जाती हैं. ताज़ा आटा से कम ग्लूटेन निकलता और पचाने में आसान होता है. शाह बताती हैं कि हमेशा ताज़ा आटा गूंथना चाहिए और उसे 10-15 मिनट के अंदर इस्तेमाल कर लेना चाहिए. आटे को 15-30 दिनों से ज़्यादा समय तक स्टोर करने से बचना चाहिए.
क्या इस दावे में कोई सच्चाई है?
ताज़ा तैयार किया गया आटा लंबे समय तक रखे गए आटे से बहुत अलग तरीके से काम करता है . जब गेहूं के आटे को कई घंटों तक पानी में भिगोया जाता है तो ग्लूटेन ढीला होकर फैलता रहता है. इससे आटा लचीला, रबड़ जैसा हो जाता है और पेट के लिए उसे पचाना मुश्किल हो जाता है. हालांकि, ताज़ा आटा कम ग्लूटेन मुक्त होने के साथ एक नरम संरचना बनाता है. परिणामस्वरूप, रोटियां हल्की, पचने में आसान और खाने के बाद पेट फूलने या भारीपन की संभावना कम होती है."
क्या बासी आटा पाचन या आंत की सुविधा को प्रभावित करता है?
बहुत देर तक रखा हुआ आटा, चाहे बाहर हो या फ्रिज में, खमीर उठ सकता है या थोड़ा अम्लीय हो सकता है. इससे गैस, एसिडिटी और खाने के बाद बेचैनी जैसी समस्याएं हो सकती हैं. समय के साथ ग्लूटेन की संरचना भी सख्त हो जाती है, जिससे आंत को ज़रूरत से ज़्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है. जो लोग अक्सर कहते हैं कि गेहूं उन्हें 'नहीं खाता', हो सकता है कि वे गेहूं के बजाय बासी आटे पर प्रतिक्रिया कर रहे हों.
क्या ताजे आटे और हफ्तों तक भंडारित आटे में पोषण संबंधी अंतर होता है?
ताज़ा आटा अपने प्राकृतिक तेलों, सुगंध और पोषक तत्वों को बरकरार रखता है. गेहूं का पिसा आटा अगर बहुत लंबे समय तक खासकर 15 से 30 दिनों से ज़्यादा समय तक रखा जाता है तो ये तेल ऑक्सीकृत हो सकते हैं जिससे इनकी ताज़गी और पोषण संबंधी गुणवत्ता कम हो जाती है. ताज़ा पिसे हुए आटे में एंटीऑक्सीडेंट का स्तर ज़्यादा होता है , स्वाद बेहतर होता है और बनावट भी बेहतर होती है. इसे जल्दी इस्तेमाल करने से आपको फाइबर, खनिज और विटामिन बी का पूरा लाभ मिलता है."
आटा गूंथने के कितने देर के अंदर यूज कर लेना चाहिए?
ज़्यादा देर रखने पर आटा खट्टा होने लगता है, उसमें किण्वन (फर्मेंटेशन) शुरू हो जाता है और रोटी की स्वाद, बनावट और पोषक गुण प्रभावित होते हैं. गर्मियों में इसे 1–2 घंटे में ही उपयोग कर लेना बेहतर है.
Disclaimer: यह खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है. डीएनए इसकी पुष्टी नहीं करता है. अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से संपर्क करें.
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