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Hemoglobin Effects : महिला और पुरुषों में कितना होना चाहिए हीमोग्लोबिन, जानें कम होने की वजह और उसे बढ़ने वाली बीमारियां

शरीर में हीमोग्लोबिन का संबंध खून से होता है. यह शरीर के हर टिशू तक ऑक्सीजन के साथ बाॅन्ड बनाकर उसे रिलीज करता है.आइए जानते हैं इसकी कमी.

Hemoglobin Effects : महिला और पुरुषों में कितना होना चाहिए हीमोग्लोबिन, जानें कम होने की वजह और उसे बढ़ने वाली बीमारियां
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डीएनए हिंदी: (Hemoglobin Level In Male and Female) शरीर में खून एक अहम भूमिका निभाता है. खून के बिना एक पल भी जिंदा नहीं रहा जा सकता है. खून के साथ ही नसों में ऑक्सीजन मिलता है. यह जीवन का आधार है. इसी की मदद से शरीर के सभी अंगों में ऑक्सीजन से लेकर पोषक तत्व पहुंचता है, जिसे हमारा शरीर सही रूप से काम कर पाता है. बाॅडी में पीएच और टेंपरेचर लेवल को खून ही कंट्रोल करता है. इसी में हीमोग्लोबिन और आरबीसी (Hemoglobin and RBC) पाया जाता है. एक पुरुष के शरीर में 4 से 5 लीटर खून जरूर होना चाहिए. खून की कमी से हीमोग्लोबिन का सीधा संबंध होता है. यह शरीर के हर टिशू तक ऑक्सीजन के साथ बाॅन्ड बनाकर उसे रिलीज करता है.

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शरीर के किसी भी अंग में ऑक्सीजन का कम होने पर हीमोग्लोबिन इसे बैलेंस करता है. यह कार्बन डाय आॅक्साइड को सेल्स से लेकर किडनी तक फेफड़ों तक पहुंचा है. वहीं महिला और पुरुषों में हीमोग्लोबिन का लेवल अलग अलग जोता है. कितना हीमोग्लोबिन होना चाहिए. इसके कम होने की वजह क्या है आइए जानते हैं 

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एक्सपर्टस के अनुसार, महिला और पुरुषों में हीमोग्लोबिन की मात्रा अलग अलग होती है. इसे डेसीलीटर में मापा जाता है. पुरुषों के शरीर में आरबीसी होता है. उसमें 13.2 से 16.6 ग्राम प्रति डेसी लीटर हीमोग्लोबिन होना चाहिए. वही महिला के शरीर में आरबीसी होता है. इसमें 11.6 से 15.0 ग्राम प्रति डेसीलीटर हीमोग्लोबिना होता है. पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को हीमोग्लोबिन थोड़ा कम होता है. 

खून में क्यों कम होता है हीमोग्लोबिन

हीमोग्लोबिन की कमी होने पर एनीमिया की चपेट में आने की संभावना रहती है. ऐसी स्थिति में थकान, स्किन में पिलापन, कमजोरी, चक्कर, सांस लेने में दिक्कत, छाती और सिर में दर्द, हाथ पैरों का ठंडा होने की समस्या होने लगती है. गर्भवती महिलाओं में इसकी कमी उनके साथ ही गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए भी खतरनाक होती है. ऐसी स्थिति में तुरंत डाॅक्टर से परामर्श लेना बेहतर होता है. 

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हीमोग्लोबिन कम होने की वजह ये हैं मुख्य वजह

हीमोग्लोबिन का बढ़ना सही और कम होना कई सारे पोषक तत्व विटामिन पर निर्भर करता है. इनकी कमी शरीर में हीमोग्लोबिन को प्रभावित करने लगती है. हीमोग्लोबिन में मुख्य रूप से आयरन की कमी, विटामिन बी 12 की कमी, थायराॅयड, थैलीसीमिया, कैंसर, ब्लीडिंग, किडनी, लिवर और फाॅलेट की कमी की वजह से होती है. यह सीधे तौर पर हीमोग्लोबिन को प्रभावित करती है. 

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इन चीजों को डाइट में शामिल करते ही भर जाएगा हीमोग्लोबिन

अगर आप भी हीमोग्लोबिन की कमी से जूझ रहे हैं. डाइट का विशेष ध्यान रखें. खाने में फूलगोभ, केले, पालक, ग्रीन बींस, मीट, मसूर की दाल, टोफू, फोर्टिफाइड, एवोकाडो, राजमा, हरी मटर और बंद गोभी शामिल कर लें. इसके साथ ही साइट्रच फ्रूट, स्ट्राबेरी, हरी पत्तीदार सब्जियां, संतरा और विटामिन सी युक्त दूसरे फलों के सेवन से हीमोग्लोबिन की कमी को दूर किया जा सकता है. 

(Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें।) 

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