Advertisement

Vitamin P Deficiency: क्या है विटामिन P? शरीर को अंदर से कमजोर बना देगी इसकी कमी

Vitamin P Health Risk: विटामिन P को फ्लेवोनॉयड के नाम से भी जाना जाता है. बाकी विटामिन्स की तरह विटामिन P के भी बहुत फायदे हैं और ये कई गंभीर बीमारियों से बचाने में अहम भूमिका निभाते हैं.

Vitamin P Deficiency: क्या है विटामिन P? शरीर को अंदर से कमजोर बना देगी इसकी कमी

क्या है विटामिन P? शरीर को अंदर से कमजोर बना देगी इसकी कमी

Add DNA as a Preferred Source

डीएनए हिंदी: विटामिन A, B, C, D, E और K की तरह शरीर के बेहतर कामकाज और सेहत को दुरुस्त बनाए रखने के लिए विटामिन-P (Vitamin P) की भी जरूरत होती है. अगर शरीर में इस विटामिन की कमी हो जाए तो इससे हेल्थ पर बुरा असर पड़ सकता है. आपने पहले शायद इसका नाम ना सुना हो. लेकिन, शरीर को कई तरह की गंभीर बीमारियों से बचाने वाला यह तत्व रोजाना खाई जाने वाली कई चीजों में पाया जाता है. विटामिन P को फ्लेवोनॉयड के नाम से भी जाना जाता है. बाकी विटामिन्स की तरह विटामिन P के भी बहुत फायदे हैं और ये कई गंभीर बीमारियों से बचाने में अहम भूमिका निभाते हैं. आज आपको बता रहे हैं कि विटामिन P क्या है और इससे हमारे शरीर को क्या-क्या फायदे मिलते हैं.

क्या है विटामिन P 

विटामिन पी को फ्लेवोनॉयड के नाम से जाना जाता है. बता दें कि यह सच में विटामिन नहीं है, यह एंटीऑक्सीडेंट और सूजन रोधी गुणों वाले फाइटोन्यूट्रिएंट्स का एक वर्ग है, जो पौधों पर आधारित खाद्य पदार्थ में पाए जाते हैं. इससे कई स्वास्थ्य लाभ जुड़े होते हैं. इसके अलावा फ्लेवोनॉयड फलों और सब्जियों को रंग देने के लिए जरूरी होता है. साल 1930 में वैज्ञानिकों ने पहली बार संतरे के फल से फ्लेवोनॉयड निकला और उस समय इसे विटामिन समझा जा रहा था. इसी वजह से इसका नाम विटामिन P पड़ा. लेकिन अब यह विटामिन नहीं माना जाता है.

हार्ट की ब्लॉकेज को खोल देंगी ये सुगंधित छालें, धमनियों से पिघलेगा कोलेस्ट्रॉल तो चर्बीमुक्त होंगी नसें

विटामिन P के फायदे

- विटामिन P दिल के सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है और विटामिन P रिच डाइट से ब्लड वेसल्स अच्छे से कम करना शुरू करता है. इससे दिल को काफी फायदा पहुंचता है दिल की बीमारियों का रिस्क काफी कम हो जाता है.

- विटामिन P एक एंटीऑक्सीडेंट के रूप में काम करता है और हानिकारक मुक्त कणों को बेअसर करने में मदद करता है, जो कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं और प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर करते हैं. इसके अलावा कई क्रॉनिक बीमारियां भी इसके कारण होती हैं.

-इसमें सूजन रोधी गुण होते हैं जो सूजन को कम करने और गठिया एलर्जी और अस्थमा जैसी स्थितियों से जुड़े लक्षणों को कम करने में मदद करते हैं. इसके अलावा विटामिन P स्किन के लिए भी लाभदायक होता है. इससे वेरीकोज वेन जैसी समस्या का जोखिम काफी हद तक कम हो जाता है.

- विटामिन P युक्त आहार सेवन करने से आंखों की ब्लड वेसल्स को लाभ मिलता है और इससे आपकी विज़न में सुधार होता है.

Nutrition Deficiency: जरा सा काम करके होती है थकान और कमजोरी? तो शरीर में हो चुकी है इन 5 चीजों की कमी

विटामिन-P की कमी के लक्षण व नुकसान 

बायोफ्लेवोनॉइड की कमी के लक्षण विटामिन-C की तरह होते हैं और सबसे बड़ा लक्षण आसानी से चोट लगना और खून बहना है. ऐसे में ब्लीडिंग तब होती है, जब तक खून एक टूटी हुई रक्त वाहिका से निकल जाता है. बता दें कि इसकी कमी से आपको गठिया से संबंधित सूजन भी हो सकती है. इसकी कमी स्कर्वी, मसूड़ों और दांतों की समस्याओं, त्वचा और बालों में सूखापन और एनीमिया का कारण बनता है. 

विटामिन-P के स्रोत

विटामिन-P यानी फ्लेवोनोइड्स कई गहरे रंग के फल-सब्जियों के रंग के लिए भी जिम्मेदार हैं और ये यौगिक जैतून के तेल, जामुन, प्याज, केल, अंगूर, टमाटर, रेड वाइन, चाय, कोको, सेब, अंगूर, सोयाबीन, सोया उत्पाद, क्रैनबेरी, स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी, ब्लैकबेरी आदि में पाए जाते हैं. 
 

(Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें.)

देश-दुनिया की ताज़ा खबरों Latest News पर अलग नज़रिया, अब हिंदी में Hindi News पढ़ने के लिए फ़ॉलो करें डीएनए हिंदी को गूगलफ़ेसबुकट्विटर और इंस्टाग्राम पर.

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement