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Cream Ghee: आप भी खाते हैं दूध की मलाई से बना घी? हो सकते हैं ये गंभीर नुकसान! आयुर्वेद में छिपा है सच

Cream based ghee: आज के समय में ज्यादातर घी में मिलावटी पदार्थ को मिलाकर बेचा जा रहा है, ऐसे में शुद्ध घी खरीदना किसी मुश्किल टास्क से कम नहीं है, बाजार में मिलने वाले घी की शुद्धता की पहचान कर पाना भी मुश्किल है. आइए जानें आयुर्वेद क्या कहता है... 

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Cream Ghee: आप भी खाते हैं दूध की मलाई से बना घी? हो सकते हैं ये गंभीर नुकसान! आयुर्वेद में छिपा है सच

Cream Based Ghee (AI Image)

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Natural Ghee Benefits: आज के समय में ज्यादातर घी में मिलावटी पदार्थ को मिलाकर बेचा जा रहा है, ऐसे में शुद्ध घी खरीदना किसी मुश्किल टास्क से कम नहीं है, बाजार में मिलने वाले घी की शुद्धता की पहचान कर पाना भी मुश्किल है. चरक संहिता में कहा गया है, “सर्वस्नेहेषु श्रेष्ठं घृतम्," जिसका अर्थ है कि सभी वसायुक्त पदार्थों में घी सर्वोत्तम है. आयुर्वेद में घी को वसा रहित माना गया है, जिसमें किसी तरह का ट्रांस फैट नहीं होता है. आयुर्वेद में घी बनाने की सही विधि भी बताई गई है, जिसका पालन सदियों से हमारे देश में होता आ रहा है, लेकिन समय की कमी और आधुनिकता ने सब कुछ बदलकर रख दिया है.

पहले दूध से दही जमाया जाता है, फिर दही को मथकर माखन निकाला जाता है, और अंत में उसी माखन को पकाकर घृत तैयार किया जाता है. लेकिन आज सीधा दूध से मलाई को इकट्ठा कर घी निकाल दिया जाता है, जिसमें वसा ज्यादा और पोषक तत्व कम होते हैं.. 

प्राकृतिक तरीके से बने घी के फायदे

प्राकृतिक तरीके से बनाए गए घी को मटके में धीमी आंच पर पकाने की परंपरा रही है, जिससे घी में केवल स्वाद ही नहीं, बल्कि पाचन में आसानी और शरीर के लिए बलवर्धक रहा है. प्राकृतिक तरीके से बनाए गए घी को बनाने से पहले दूध को दही के रूप में जमाया जाता है, जो उसके गुणों में वृद्धि करता है. दही में मौजूद प्राकृतिक जीवाणु दही को पौष्टिक और पाचन में आसान बनाते हैं, और उससे निकले मक्खन में वही सारे गुण होते हैं. 

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क्रीम वाले घी के नुकसान

आयुर्वेद के मुताबिक, प्राकृतिक तरीके से बना घी पाचन में आसान होता है, पाचन अग्नि को भी संतुलित करता है, धातुओं को पोषण देता है, और शरीर का ओज भी बरकरार रखता है. वहीं, सीधा मलाई या क्रीम से बनाए गए घी में दही जमाने वाला चरण नहीं होता है, जिससे घी की गुणवत्ता कम होती है. सीधे क्रीम से घी निकालने पर हाथ में घी नहीं, प्योर वसा आती है. इसका सेवन करने से सिर्फ मोटापा और बीमारी ही मिलती है. इनपुट- आईएएनएस

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