Advertisement
हिंदी न्यूज़लाइफस्टाइल

खांसी, अस्थमा से लेकर डायबिटीज तक में फायदेमंद है ये घास, जान लें सेवन करने का तरीका

Health Tips: कई तरह की आयुर्वेदिक जड़ी बूटियां होती है जो सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद होती है. आज हम आपको ऐसी ही एक घास के बारे में बताने वाले हैं. जो खांसी, अस्थमा, डायबिटीज से लेकर स्किन संबंधी समस्याओं में फायदेमंद साबित हो सकती हैं.

Latest News
खांसी, अस्थमा से लेकर डायबिटीज तक में फायदेमंद है ये घास, जान लें सेवन करने का तरीका

Cough, Cold and Diabetes Care

Add DNA as a Preferred Source

Dudhi Ghas Benefits: कई पेड़-पौधे, इनकी जड़ों-तनों और पत्तियों का इस्तेमाल औषधि के तौर पर किया जाता है. आज हम आपको दूधी घास के बारे में बताने वाले हैं इसका इस्तेमाल औषधि के तौर पर किया जाता है. यह साधारण सी घास कई तरह से सेहत के लिए फायदेमंद होती है. इस घास को तोड़ने पर पौधे से दूध निकलता है इसी कारण इसे दूधी घास कहते हैं.

दूधी घास के पत्ते अंडाकार होते हैं. यह हल्के लाल रंग के होते हैं. यह दो प्रकार की होती है एक छोटे पत्तों वाली और दूसरी बड़े पत्तों वाली. इस घास को दूधी, दुग्धिका, और शीता के नाम से भी जाना जाता है. चलिए आपको इसके फायदों के बारे में बताते हैं.

दूधी घास के फायदे (Dudhi Ghas ke Fayde)
डायबिटीज के लिए

दूधी घास से डायबीटीज की परेशानी में काफी लाभ मिलता है. दूधी घास का सेवन करने से ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल कर सकते हैं. इसका काढ़ा बनाकर पीना अच्छा होता है.

अस्थमा के लिए

अस्थमा के मरीजों को सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ता है. वह लोग भी दूधी घास का सेवन कर सकते हैं. इसका काढ़ा बनाकर पीने से अस्थमा मरीज को आराम मिलता है.


होली मनाने जा रहे हैं मथुरा-वृंदावन, तो इन 5 जगहों को जरूर घूमें, वरना अधूरी रहेगी सैर


खांसी के लिए

रोग प्रतिराेधक क्षमता को बढ़ाने के लिए और खांसी-जुकाम को दूर करने के लिए चम्मच दूधी घास का चूर्ण पानी में उबालकर पी सकते हैं.

स्किन के लिए

दूधी घास का सेवन स्किन और बालों के लिए भी अच्छा होता है. अगर चेहरे के पिंपल से परेशान हैं तो इस घास का पेस्ट बनाकर सीधे चेहरे पर लगा सकते हैं.

ऐसे करें दूधी घास का सेवन

दूधी घास का सेवन कई तरह से कर सकते हैं. दूधी घास को पानी में उबालकर काढ़ा बनाकर पी सकते हैं. इस पौधे का पेस्ट बनाकर चेहरे पर लगा सकते हैं जो त्वचा के लिए अच्छा होता है. इसके चूर्ण को भी पानी या दूध के साथ ले सकते हैं.

दूधी घास का काढ़ा

एक बर्तन में दो कप पानी गर्म करने रखें. इसमें दूधी घास की 5-6 टहनियाँ मिलाकर उबालें. इसे अच्छे से उबाल लें और पानी आधा रह जाने पर इसे छानकर पी लें.

Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. ये जानकारी सामान्य रीतियों और मान्यताओं पर आधारित है.)

ख़बर की और जानकारी के लिए डाउनलोड करें DNA App, अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए जुड़ें  हमारे गूगलफेसबुकxइंस्टाग्रामयूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से.

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement