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Bood Sugar Remedy: बैठे-बैठे करें ये काम और ब्लड शुगर 52% तक होगा कम, NIH ने बता दिया फटाफट डायबिटीज कंट्रोल का ये तरीका

क्या आपको पता है कि आप बैठे-बैठे ही 50 से 52 प्रतिशत तक अपना ब्लड शुगर कंट्रोल कर सकते हैं. अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं तो आपके लिए ये एक बेहतरीन खबर है. खास बात ये है कि ये तरीका वैज्ञानिकों ने भी कारगर सिद्ध किया है.

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Bood Sugar Remedy: बैठे-बैठे करें ये काम और ब्लड शुगर 52% तक होगा कम, NIH ने बता दिया फटाफट डायबिटीज कंट्रोल का ये तरीका

डायबिटीज कंट्रोल का बेस्ट तरीका क्या है

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खाने के बाद कई लोगों को डायबिटीज की समस्या का सामना करना पड़ता है. दरअसल, खाने के बाद थोड़ा टहलना सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है. लेकिन आजकल की भागदौड़ भरी लाइफ़स्टाइल में हर किसी के पास इसके लिए समय नहीं है. जिसकी वजह से लोगों में यह समस्या बड़ी संख्या में देखने को मिलती है. हालांकि, बैठकर किया जाने वाला एक आसान व्यायाम आपके ब्लड शुगर लेवल को 52% तक कम कर सकता है. यह वैज्ञानिक रूप से सिद्ध हो चुका है.

सोलस पुशअप करें

चाहे आपको डायबिटीज हो या आपके पास समय की कमी हो, यह व्यायाम आपके लिए फायदेमंद रहेगा. हाल ही में हुए एक स्वास्थ्य अध्ययन के अनुसार, 'सोलस पुशअप' ( Soleus Push Ups) या 'सीटेड काफ रेज' (Seated Calf Raises) नामक एक बहुत ही सरल पैर की हरकत शरीर द्वारा शुगर के उपयोग पर बड़ा प्रभाव डाल सकती है. यह व्यायाम शरीर की पिंडलियों में सोलस मांसपेशी को सक्रिय करता है. जो ब्लड शुगर को अधिक कुशलता से उपयोग करने में मदद करता है. 

सोलस पुशअप क्या है?

1-यह व्यायाम कोई भी व्यक्ति, कहीं भी कर सकता है. कुर्सी, सोफा, कार की सीट या ऑफिस डेस्क पर बैठकर.

2-अपने पैर के अगले हिस्से को ज़मीन पर रखें. फिर धीरे-धीरे अपनी एड़ी को ऊपर उठाएँ और वापस नीचे लाएँ. यह एक ही बार में, आराम से कुछ मिनटों तक किया जा सकता है.

3-यह व्यायाम टीवी देखते हुए, लैपटॉप पर काम करते हुए या फिर फोन पर बात करते हुए भी आसानी से किया जा सकता है. इसके लिए किसी उपकरण की जरूरत नहीं है और न ही खड़े होने की जरूरत है.

यह व्यायाम कैसे काम करता है?

सोलस मांसपेशी पिंडली में गहराई में स्थित होती है. यह अन्य बड़ी मांसपेशियों की तरह जल्दी थकती नहीं है. इसके विपरीत, यह मांसपेशी लंबे समय तक चलने या हरकत करने के लिए डिज़ाइन की गई है. NIH (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ) के एक अध्ययन के अनुसार, सोलस मांसपेशी को सक्रिय करने से शरीर में 'ऑक्सीडेटिव मेटाबोलिज्म' बढ़ता है. यह एक ऐसी प्रक्रिया है जो शरीर को ग्लाइकोजन का उपयोग किए बिना चीनी को ऊर्जा में बदलने की अनुमति देती है.
  
अध्ययन क्या कहता है?

अध्ययन में पाया गया कि जो लोग दिन में अधिकांश समय बैठे-बैठे काम करते हैं, यदि वे नियमित रूप से 'सोल्स पुशअप्स' करते हैं, तो उनके ब्लड शुगर का स्तर 52% तक कम हो जाता है, जबकि उनके इंसुलिन का स्तर 60% तक कम हो जाता है. यह व्यायाम विशेष रूप से टाइप 2 मधुमेह, प्री-डायबिटीज और बैठे-बैठे काम करने वाले लोगों के लिए प्रभावी हो सकता है.

 

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