लाइफस्टाइल
Jamdani saree: बंगाल में दुर्गा पूजा समेत कई अन्य शुभ अवसर पर पहनी जाने वाली जामदानी साड़ी यहां बेहद खास मानी जाती है. जानें इसके बारे में सब कुछ
डीएनए हिंदी: Bengal Jamdani Saree- हमारी परंपरा, हमारी संस्कृति हमेशा से बेहद अलग और खास रही है. प्राचीन समय से ही हमारे खान-पान से लेकर पहनावे तक का अंदाज सबसे अलहदा रहा है. भारतीय महिलाओं के पहनावे में साड़ी को बेहद खास और विशेष माना जाता है, जिसे विदेशी महिलाएं भी शौक से पहनना पसंद करती हैं. हमारे देश में अलग-अलग संस्कृतियां फल फूल रही हैं उन संस्कृतियों के हिसाब से ही विभिन्न राज्य की महिलाएं अलग-अलग तरह की साड़ियां पहनती हैं. आज हम इन्हीं खास साड़ियों में से एक साड़ी जिसे जामदानी (Dhakai Jamdani saree) कहा जाता है इसके बारे में कुछ खास बात बताने वाले हैं. यहां हम आपको साड़ी के इतिहास और उससे जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों के बारे में बताएंगे.
क्या है जामदानी साड़ी का इतिहास (History of Jamdani saree )
जामदानी साड़ी में जामदानी शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है, यहां जाम का मतलब है फूल और दानी का मतलब है गुलदस्ता. जामदानी साड़ी की जड़ ढाका और बांग्लादेश में है, लेकिन इस साड़ी का जिक्र चाणक्या के अर्थशास्त्र में तीसरी सदी से मिलता है और तब से अब तक इस साड़ी की पहचान वैसे ही बरकरार है. इस साड़ी की ख़ासियत है की इसे हाथों से बुनकर तैयार किया जाता है जो कि बहुत ही हल्की और पहनने में बेहद आसान तो होती है.

यह भी पढ़ें- क्यों इस साड़ी को कहते हैं जामदानी, दुर्गा मां का क्या है कनेक्शन
यह है इस साड़ी की खासियत (Significance of Jamdani Saree)

यह भी पढ़ें- कोलकाता की फेमस पूजा, ये नहीं देखी तो क्या देखा
बंगाल में अनेक शुभ अवसर पर पहनी जाने वाली जामदानी की साड़ियों को मलमल के कपड़ें पर धागों की बेहद ही नाज़ुक कढ़ाई करके तैयार किया जाता है. लेकिन कुछ सालों से जामदानी साड़ियां अब में कॉटन में भी बनाई जाने जाने लगी हैं. दुर्गा पूजा के दौरान बंगाली महिलाएं जामदानी साड़ियों को पहनना बेहद पसंद करती हैं. जामदानी साड़ी के बारे में कुछ ऐसा है, जिसके बिना लगता है कि शायद उनकी दुर्गा पूजा अधूरी रह गई. बंगाल में दुर्गा पूजा समेत कई अन्य शुभ अवसरों पर पहनी जाने वाली इस पारंपरिक साड़ी को जी आई टैग भी प्राप्त है.
देश-दुनिया की ताज़ा खबरों Latest News पर अलग नज़रिया, अब हिंदी में Hindi News पढ़ने के लिए फ़ॉलो करें डीएनए हिंदी को गूगल, फ़ेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम पर.