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Daytime Sleepiness: दिन में नींद आना आलस ही नहीं इन 4 बीमारियों का है संकेत, जानें सेहत के लिए हैं कितनी खतरनाक

दिन के समय अक्सर नींद आने को हम थकान और आलस समझकर इग्नोर कर देते हैं, लेकिन ऐसा करना सेहत पर भारी पड़ सकता है. इसके पीछे बीमारी होना भी है.

Daytime Sleepiness: दिन में नींद आना आलस ही नहीं इन 4 बीमारियों का है संकेत, जानें सेहत के लिए हैं कितनी खतरनाक
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डीएनए हिंदी: कुछ लोगों की दोपहर में सोने की आदत होती है. उन्हें लंच टाइम यानी एक से दो बजे के बीच नींद आने लगती है. कुछ देर सोने की यह आदत शरीर और दिमाग को एनर्जी देती है, लेकिन दोपहर दो बजे के बाद नींद आना सही नहीं होता है. ऐसे समय में नींद आने की वजह को ज्यादातर लोग आलस, कमजोरी, या थकान मानकर इग्नोर कर देते हैं. यह इग्नोर करना ही भारी पड़ सकता है. इसकी वजह बेवक्त नींद के झटकों की वजह शरीर में छिपी इन 4 बीमारियों का संकेत हो सकता है. इन संकेतों को सही समय पर पहचान कर नियंत्रित किया जा सकता है. अन्यथा ये बीमारी आपको परेशानी में डाल सकती है. आइए जानते हैं कौन सी हैं ये 4 बीमारियां 

ये हैं वो 4 बीमारियां

नार्कोलेप्सी

नार्कोलेप्सी एक क्रोनिक स्लीप डिसऑर्डर है. इसमें दिन के किसी भी समय में अचानक तेज नींद का झटका लगता है. यह जेनेटिक स्थितियों की वजह से होता है. हालांकि इसके पीछे की वजह हार्मोन लेवल में बदलाव और मेनोपॉज में सम्स्याएं होना भी हो सकता है. इसे समय रहता दिखाना ज्यादा सही रहता है. 

मानसिक बीमारियों होती है वजह

दिन में नींद आने की वजह मानसिक बीमारियां भी हो सकती है. डिप्रेशन या चिंता की वजह से कुछ लोगों को नींद आने लगती है. ऐसा होने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए. 

विटामिन बी 12 की कमी

विटामिन बी 12 हमारे शरीर में कई पोषक तत्व देता है. यह हमारी नींद को भी बैलेंस करता है. विटामिन बी 12 की कमी होने की वजह से रात को बेचेनी रहती है. इसके चलते दिन के समय नींद आती है.

स्लीप एपनिया

स्लीप एपनिया एक गंभीर स्लीप डिसऑर्डर है. इसमें रात के समय बीच बीच में नींद टूट जाती है. नींद पूरी न होने की वजह से दिन भर थकान बनी रहती है, जिसकी वजह से दिन में कभी भी नींद का झटका आ जाता है. यह पूरी सेहत को प्रभावित करता है.

(Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ से परामर्श करें.) 

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