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COVID-19 की वजह से बढ़ सकती है Obesity की समस्या, ICMR जल्द करवाएगा शोध

कोविड के बाद मोटापे की समस्या और बढ़ सकती है. ICMR इस विषय में एक शोध करवा रहा है. आरती राय की रिपोर्ट. 

COVID-19 की वजह से बढ़ सकती है Obesity की समस्या, ICMR जल्द करवाएगा शोध
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डीएनए हिंदी : मोटापा फिलवक़्त वैश्विक समस्या बन चुका है. कोविड के बाद इसके अधिक भीषण रूप धारण करने की आशंका है. ICMR इस विषय में जल्द सर्वे करवाने वाला है. इस सम्बन्ध में  ICMR की वैज्ञानिक डॉ अवुला लक्ष्मैया का कहना है कि "इस शोध के दौरान हम पिछले वर्षों के आंकड़ों की भी तुलना करेंगे. हमने पहले ही आहार की खपत पर कुछ अध्ययन किया है और देखेंगे कि COVID से पहले और COVID के बाद मोटे लोगों की संख्या में क्या अंतर आया है." 

बदलते फ़ूड हैबिट और स्ट्रेस से बच्चों में मोटापा 
गौरतलब है कि ICMR इससे पहले भी मोटापे को लेकर रिसर्च कर चुका है.  इन शोधों में यह निकलकर सामने आया है कि भारत में बचपन में मोटापे को बढ़ाने के कारणों में  बच्चों के बीच बढ़ती जंक फ़ूड की आदतें और बढ़ता तनाव प्रमुख हैं. ज्ञात हो कि काउच पोटैटो यानी लगातार स्क्रीन से चिपके रहने को भी सालों से बच्चों के बीच बढ़ते मोटापे का एक कारण माना जाता रहा है. 

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बड़ो की फ़ूड हैबिट पर भी रिसर्च करवाएगा ICMR 
बहुत जल्द ICMR बड़ों की फूड हैबिट्स पर भी रिसर्च करने वाला है. इस शोध में अल्ट्रा-प्रोसेस्ड नमूने को भी जांचा जायेगा. आईसीएमआर-एनआईएन की वैज्ञानिक डॉ अवुला लक्ष्मैया के अनुसार “इस शोध के लिए ICMR  जल्द ही सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आहार खपत के आंकड़ों को संचालित करने की योजना बना रहे हैं. और ये अध्ययन 5 से 65 वर्ष आयु वर्ग के लिए किया जाएगा.”
 

जंक फ़ूड है विलेन 
डॉ अवुला लक्ष्मैया के अनुसार भारत  2004, 2008, 2012 और 2018 में इस विषय पर शोध कर चुका है. इन रिपोर्ट्स में निकल कर आया है कि बढ़ते मोटापे का कारण कम चलना, घटती  फिजिकल एक्टिविटी और जंक फूड का बढ़ता क्रेज़ भी है. ICMR की पहले की एक रिसर्च यह दावा कर चुकी है कि अधिक सेवन मानसिक स्वास्थ्य और शरीर के अन्य अंगों को भी प्रभावित कर सकता है. जंक फ़ूड कार्बोहाइड्रेट रिच होता है पर इसमें अन्य आवश्यक पोषक तत्वों की घोर कमी होती है. 


अगले 18 सालों दोगुनी हो जाएगी  अधिक वजन वाले लोगों की संख्या 
नेशनल सेंटर फ़ोर बायोटेक्नोलॉजी इनफार्मेशन (NCBI) की फरवरी 2020 में आई एक रिसर्च रिपोर्ट बता चुकी है कि 2010 और 2040 के दरमियान के तीस सालों में 20-69 वर्ष के आयु-वर्ग में भारतीय वयस्कों में अधिक वजन की समस्या दोगुनी हो सकती है. बढ़ता मोटापा कई तरह की बीमारियों को जन्म देता है. उनमें कुछ प्रमुख बीमारियां उच्च रक्तचाप, स्ट्रोक, टाइप 2 डायबिटीज, हृदय रोग, अस्थमा  हैं. 

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