लाइफस्टाइल
पिछले कुछ सालों में गलत खान-पान और जीवनशैली के कारण लोगों में हाई यूरिक एसिड की समस्या काफी बढ़ गई है. यहां जानें, क्या हाई यूरिक एसिड हार्ट अटैक का कारण बन सकता है?
आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली, असंतुलित खानपान, तनाव और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण युवा कई गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं. इन्हीं में से एक है हाई यूरिक एसिड की समस्या. पहले जहां यह समस्या अधिक उम्र के लोगों में ज्यादा देखने को मिलती थी, वहीं अब कम उम्र में ही लोग इस मेटाबॉलिक डिसऑर्डर से पीड़ित हो रहे हैं.
यूरिक एसिड शरीर में प्यूरीन नामक पदार्थ के टूटने से बनता है, जो कुछ खास तरह के खाद्य पदार्थों जैसे रेड मीट, सी-फूड, दालें, शराब और चीनी (यूरिक एसिड बढ़ने का कारण) में पाया जाता है. जब यूरिक एसिड शरीर से ठीक से बाहर नहीं निकल पाता, तो यह खून में जमा होने लगता है, जिससे जोड़ों में दर्द, गठिया और गुर्दे की पथरी जैसी समस्याएं हो सकती हैं.
क्या उच्च यूरिक एसिड हृदय रोग का कारण बन सकता है?
जब शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ जाती है या गुर्दे इसे पूरी तरह से बाहर नहीं निकाल पाते, तो यह रक्त में जमा होने लगता है. उच्च यूरिक एसिड गठिया, गुर्दे की पथरी और अन्य गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है. उच्च यूरिक एसिड और हृदय रोग के बीच संबंधों पर लगातार वैज्ञानिक अध्ययन हो रहे हैं.
कई अध्ययनों में पाया गया है कि उच्च यूरिक एसिड उच्च रक्तचाप, धमनियों का सख्त होना और दिल की धड़कन में रुकावट जैसी समस्याओं का कारण बनता है. ये सभी कारक हृदय रोग के जोखिम को बढ़ा सकते हैं. उच्च यूरिक एसिड शरीर में सूजन बढ़ाता है, जिससे हृदय की कोशिकाओं को नुकसान पहुँच सकता है.
यूरिक एसिड ही हृदय रोग का सीधा कारण है. यह अक्सर मोटापा, मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के साथ-साथ जोखिम को भी बढ़ा देता है. इसलिए, यूरिक एसिड के उच्च स्तर को नज़रअंदाज़ करना खतरनाक हो सकता है.
ज़्यादातर लोगों को हाई यूरिक एसिड के कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखते, लेकिन कुछ सामान्य लक्षण दिखाई दे सकते हैं. जैसे जोड़ों में दर्द और सूजन, अचानक तेज़ दर्द, खासकर पैर के अंगूठे के जोड़ों में, गुर्दे में पथरी या पेशाब करने में समस्या, थकान या कमज़ोरी महसूस होना. अगर आपको ये लक्षण दिखाई दें, तो आपको जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.
1-रेड मीट, समुद्री भोजन, शराब और उच्च प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थों जैसे प्यूरीन युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन कम करें. इसके बजाय, ताज़े फल, सब्ज़ियाँ और साबुत अनाज चुनें.
2-शरीर से यूरिक एसिड को बाहर निकालने के लिए भरपूर पानी पीना ज़रूरी है. दिन में कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएँ.
3-मोटापा यूरिक एसिड के स्तर को बढ़ाता है और हृदय रोग का खतरा भी बढ़ाता है. नियमित व्यायाम और संतुलित आहार से अपने वजन को नियंत्रित रखें.
4-शराब, खासकर बीयर, यूरिक एसिड बढ़ाती है. शराब से बचें.
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