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Blue Light Effects on Eyes: ब्लू लाइट ग्लासेस का इस्तेमाल आजकल काफी बढ़ गया है. एक स्टडी के मुताबिक ब्लू लाइट ग्लासेस आंखों के लिए उतना फायदेमंद नहीं है, जितना इसे माना जाता है.
डीएनए हिंदीः ब्लू लाइट ग्लासेस का इस्तेमाल आजकल काफी बढ़ गया है, लंबे समय तक लैपटॉप पर काम करनेे, मोबाइल फोन के इस्तेमाल से होने वाले नुकसान से यह हमारी आंखों की रक्षा करता है और बेहतर नींद में मदद करता है. यही वजह है, बीते कुछ सालों में इसकी लोकप्रियता बढ़ी है. आंखों को स्क्रीन के हानिकारक प्रभाव से बचाने के लिए लोग जिस ब्लू लाइट वाले चश्मे का इस्तेमाल करते हैं, वह हमारी आंखों के स्वास्थ्य (Blue Light Effects on Eyes) के लिए कितना फायदेमंद है, इसपर हाल ही में हुई एक स्टडी सामने आई है. इस स्टडी के मुताबिक, ब्लू लाइट ग्लासेस आंखों के लिए उतना फायदेमंद नहीं है, जितना इसे माना जाता है. अगर आप भी स्क्रीन से आंखों को बचाने के लिए ब्लू लाइट ग्लासेस का इस्तेमाल करते हैं तो ये लेख अंत तक जरूर पढ़ें...
कितना उपयोगी है ब्लू-लाइट फिल्टरिंग?
स्टडी में पाया गया कि ब्लू लाइट ग्लासेस से कंप्यूटर के उपयोग के कारण होने वाले आंखों के तनाव पर ज्यादा फर्क नहीं पड़ता है और यह भी स्पष्ट नहीं है कि यह नींद की गुणवत्ता के लिए लाभदायक है. कंप्यूटर के उपयोग से जुड़ी वीजुअल थकान को कम करने के लिए ब्लू-लाइट फिल्टरिंग ग्लासेस के लेंस का उपयोग करने से कोई अल्पकालिक लाभ नहीं हो सकता है. आइए जानते है इसके बारे में...
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नहीं पड़ता ज्यादा फर्क
ब्लू-लाइट फिल्टरिंग हानिकारक नहीं है, लेकिन यह उतना काम नहीं करता है जितनी हम उम्मीद करते है. दरअसल, लोगों की आंखों में तनाव पैदा करने वाली उपकरणों से निकलने वाली नीली रोशनी नहीं है. अधिकांश को कंप्यूटर विजन सिंड्रोम है जो लंबे समय तक स्क्रीन पर बैठे रहने से संबंधित है, जो आंखों में तनाव का कारण बनता है.
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सिर्फ इतनी ब्लू लाइट होता है फिल्टर
स्टडी में यह भी सामने आया कि कंप्यूटर, मोबाइल स्क्रीन और अन्य आर्टिफिशियल सोर्सेस से निकलने वाली नीली रोशनी की मात्रा दिन के उजाले से होने वाली नीली रोशनी का केवल एक हजारवां हिस्सा है. जिसके लिए इस तरह के चश्मों की कोई जरूरत भी नहीं है. बताते चलें कि नीली रोशनी वाले लेंस आमतौर पर सिर्फ 10% -25% ब्लू लाइट को ही फिल्टर करते हैं.
(Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें.)
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