डायबिटीज में ब्लड शुगर का फ्लैक्चुएशन आम है और कई बार खाना खाने के तुरंत बाद अचानक अगर आपका ब्लड शुगर हाई हो जाता है तो जान लें इसे मैनेज करने का तरीका.
ब्लड शुगर किन गलतियों से बढ़ता है
डायबिटीज में अक्सर कुछ भी खाने के बाद अगर आपका शुगर लेवल हाई हो जाता है तो आपको कुछ बातों का ध्यान देना जरूरी है वरना इससे आपकी किडनी तक पर असर पड़ने लगेगा. खाने के बाद ब्लड शुगर के स्तर में मामूली वृद्धि का अनुभव करना आम बात है लेकिन खाने के बाद आपके ब्लड शुगर 50 या 100 एमएलडी बढ़ जाता है तो ये सही नहीं हैं. अगर आपका शुगर खाने के बाद 350 से ऊपर जा रहा तो इसे रिस्की समझें. तो चलिए जानें किन गलतियों से शुगर बढ़ता है.
- सबसे पहली गलती ये होती है कि लोग खाने की शुरूआत सीधे कार्ब युक्त फूड्स से करते हैं. ऐसा करने से शुगर लेवल खाना खत्म होते-होते ही चढ़ जाता है.
- दूसरी बड़ी गलती ये करते हैं कि खाने का सही प्रपोर्शन न लेना. खाने की थाली में रोटी-चावल या अन्य रिफाइन चीजों को ज्यादा लेने की आदत शुगर बढ़ा देती है.
- खानें में प्रोटीन और रफेज बेहद कम होने से भी शुगर का लेवल तेजी से ब्लड में बढ़ता है.
- अगर आप फल की जगह फलों का जूस पीते हैं तो ये गलती भी आपका शुगर तेजी से बढ़ा देती है.
- उच्च ग्लाइसेमिक या कार्बोहाइड्रेट युक्त खाद्य पदार्थ, जैसे मिठाई या केक खाने के बाद खाने से भी ब्लड शुगर का स्तर तेजी से बढ़ सकता है. उच्च कार्बोहाइड्रेट, शर्करा युक्त या अत्यधिक प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों के सेवन के अलावा, अधिक खाने और अनियमित भोजन समय के कारण ब्लड शुगर का स्तर 350 mg/dL तक पहुंच सकता है.
- न केवल भोजन, बल्कि स्टेरॉयड जैसी कुछ दवाओं का उपयोग, उच्च तनाव स्तर या स्वास्थ्य संबंधी स्थितियां भी ब्लड शुगर के स्तर को बढ़ा सकती हैं.
ब्लड शुगर के स्तर में गंभीर वृद्धि को कैसे नियंत्रित करें?
- भोजन के बाद ब्लड शुगर के स्तर में वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए स्वस्थ जीवनशैली पर ध्यान देना आवश्यक है.
- डॉक्टर सब्जियां, कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फल, साबुत अनाज, कम वसा वाले प्रोटीन और स्वस्थ वसा सहित संपूर्ण, अप्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों को चुनने की सलाह देते हैं.
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- डॉक्टरों का कहना है कि आहार के साथ-साथ नियमित शारीरिक गतिविधि भी उतनी ही महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार होता है और ब्लड शुगर का स्तर कम होता है.
- निर्धारित दवाओं का पालन करना महत्वपूर्ण है, और तनाव प्रबंधन तकनीकें जैसे योग, ध्यान या गहरी साँस लेने के व्यायाम भी सहायक भूमिका निभा सकते हैं.
- कुल मिलाकर, विशेषज्ञों का कहना है कि भोजन के बाद शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने के लिए एक संतुलित दृष्टिकोण की आवश्यकता होती है, जैसे अनुशासित आहार, नियमित व्यायाम, नियमित दवा और तनाव मुक्त जीवन.
कुछ मुख्य बिंदु जिनपर आपको नजर रखाना जरूरी है
लगातार निगरानी
स्पाइक्स का शीघ्र पता लगाने के लिए ग्लूकोमीटर या सीजीएम (निरंतर ग्लूकोज मॉनिटर) का उपयोग किया जाना चाहिए.
दवा का पालन
इंसुलिन/मौखिक दवाएं निर्धारित अनुसार लें.
फूड मैनेजमेंट
चीनी और उच्च ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले खाद्य पदार्थों से बचें
फाइबर और प्रोटीन लें
अपने आहार में फाइबर और प्रोटीन शामिल करें.
नियमित रूप से व्यायाम करें
पैदल चलने से भी ग्लूकोज कम होता है, इसलिए प्रतिदिन पैदल चलें.
तनाव में कमी
ध्यान, योग या विश्राम तकनीकों का अभ्यास करें.
पर्याप्त नींद लें
बीमारी के दौरान भी इंसुलिन लेना न भूलें.
दवाइयों की जांच करें
यदि आप स्टेरॉयड, अन्य दवाएं या पूरक आहार लेना शुरू कर रहे हैं तो अपने डॉक्टर को बताएं. अपने डॉक्टर के साथ लगातार संपर्क में रहें.
(Disclaimer: यह खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें.)
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