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Ayurvedic Tips For Bad Breath: कुछ आयुर्वेदिक नुस्खों की मदद से मुंह से आने वाली दुर्गंध की समस्या को दूर किया जा सकता है. आज हम आपको ऐसे ही कुछ आयुर्वेदिक नुस्खों के बारे में बताने जा रहे हैं. आइए जानें..
Ayurvedic Tips To Remove Mouth Odor: मुंह से दुर्गंध आने की वजह से कई बार लोगों का कॉन्फिडेंस भी गिर जाता है. इस वजह से अक्सर लोग खुलकर बात नहीं कर पाते हैं, उन्हें शर्म महसूस होने लगती है. ये समस्या आपको मेंटली भी परेशान कर सकती है. हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि मुंह से दुर्गंध आने की समस्या का पेट से भी गहरा संबंध होता है. दरअसल, कई लोगों को पाचन संबंधी परेशानी की वजह से भी मुंह से बदबू आने की समस्या का सामना करना पड़ता है.
हालांकि कुछ आयुर्वेदिक नुस्खों की मदद से इस समस्या को दूर किया जा सकता है. आज हम आपको ऐसे ही कुछ आयुर्वेदिक नुस्खों के बारे में बताने जा रहे हैं. इससे मुंह की बदबू दूर तो दूर होगी ही, साथ ही मसूड़ों की सेहत में भी सुधार आएगा...
आयुर्वेद में दंतधावन जरूरी माना गया है, दंतधावन यानी ब्रशिंग. इसके लिए फ्लोराइड से बने टूथपेस्ट का इस्तेमाल ज्यादा करना चाहिए, धीरे-धीरे दांतों को ब्रश करें ताकि मसूड़े कमजोर न हों. आयुर्वेद में दांत साफ करने के लिए नीम की टहनियों (नीम का दातून) का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है. इसमें जीवाणुरोधी गुण होते हैं, जो दांत के साथ-साथ पेट को साफ करते हैं. आप हर्बल दंत चूर्ण का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. इससे मुंह की बदबू दूर होगी.
आयुर्वेद में दंतधावन के बाद गंडुष यानी (ऑयल पुलिंग) करने की सलाह दी गई है. इससे दांतों के कोने में छिपे बैक्टीरिया साफ होते हैं और प्लाक नहीं जमते. इसके लिए नारियल का तेल, जैतून का तेल और तिल के तेल का इस्तेमाल किया जा सकता है. पुलिंग को 2 से 3 मिनट मुंह में रखने के बाद बाहर निकाल देना चाहिए.
मुंह के दुर्गंध को दूर करने के लिए जिह्वा निर्लेखन करना भी जरूरी है, क्योंकि ब्रश करने से केवल दांत ही साफ होते हैं. आयुर्वेदिक एक्सपर्ट्स के मुताबिक जीभ पर बहुत सारे बैक्टीरिया जमा होते हैं, जो खाने के बाद जीभ पर चिपक जाते हैं और बदबू पैदा करते हैं. इसलिए टंग क्लीनर की मदद से जीभ को धीरे-धीरे साफ करें.
आयुर्वेद में सबसे महत्वपूर्ण और जरूरी माना गया है कावाला को, क्योंकि इस क्रिया की मदद से गले में जमा बैक्टीरिया भी साफ हो जाते हैं और बदबू की समस्या दूर होती है. इसके लिए गुनगुने पानी में नमक डालकर गरारा किया जा सकता है. इसके अलावा आप चाहें तो पानी में तुलसी और हल्दी का भी इस्तेमाल कर सकते हैं.
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है. अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर और एक्सपर्ट की सलाह लें.
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