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Amrit Udyan 2024: खुल गया राष्ट्रपति भवन का अमृत उद्यान, लोगों को ऐसे मिलेगी एंट्री, ऑनलाइन बुक करें टिकट

Amrit Udyan: अमृत उद्यान में पर्यटक कई तरह के रंग-बिरंगे फूलों को देख सकते हैं. यह आज से पर्यटकों के लिए खुल गया है.

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Amrit Udyan 2024: खुल गया राष्ट्रपति भवन का अमृत उद्यान, लोगों को ऐसे मिलेगी एंट्री, ऑनलाइन बुक करें टिकट

Amrit Udyan 2024

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डीएनए हिंदीः आज यानी 2 फरवरी 2024 से राष्ट्रपति भवन में अमृत उद्यान (Amrit Udyan Opening Date) खुल गया है. अमृत उद्यान में पर्यटक कई तरह के रंग-बिरंगे फूलों को देख सकते हैं. अमत उद्यान में ट्यूलिप और गुलाब के फूलों की कई वैरायटी हैं. अमृत उद्यान को पहले मुगल गार्डन (Mughal Garden) के नाम से जाना जाता था. जिसका नाम बदलकर अमृत उद्यान कर दिया गया है. आप भी यहां पर घूमने का प्लान बना सकते हैं. अमृत उद्यान (Amrit Udyan) जाने के लिए ऑनलाइन टिकट बुक कर सकते हैं.

कब से कब तक खुलेगा अमृत उद्यान
अमृत उद्यान जिसे पहले मुगल गार्डन भी कहा जाता था. वह आम जनता के लिए आज से खुल रहा है. मुलग गार्डन इस साल 2 फरवरी से लेकर 31 मार्च तक खुला रहेगा. इन दिनों लोग अमृत उद्यान में घूमने के लिए जा सकते हैं. अमृत उद्यान सोमवार के दिन और सभी सरकारी छुट्टियों के दिन बंद रहेगा. अमृत उद्यान के खुलने का समय सुबह 10 बजे से शाम को 5 बजे तक है. आखरी एंट्री शाम को 4 बजे होगी. गार्डन में एंट्री के लिए ऑनलाइन टिकट बुक करनी होगी.

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ऐसे बुक करें अमृत उद्यान की टिकट
अमृत उद्यान में जाने के लिए https://visit.rashtrapatibhavan.gov.in/plan-visit/amrit-udyan/rE/mO इस वेबसाइट पर जाकर कर सकते हैं. साइट पर आनलाइन रजिस्ट्रेशन कर आप आराम से डेट सलेक्ट करके टिकट बुक कर सकते हैं.

कैसे पहुंचे अमृत उद्यान
अमृत उद्यान आप अपनी गाड़ी या कार से जाने के अलावा मेट्रो से पहुंच सकते हैं. अमृत उद्यान के सबसे पास सेंट्रल सचिवालय और शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशन हैं. यहां से करीब दो किलोमीटर की दूरी पर अमृत उद्यान है.

अमृत उद्यान का इतिहास
अग्रेजों के समय पर राष्ट्रपति भवन का नाम वायसराय हाउस था. जब अग्रेजों ने साल 1911 में यह तय किया कि देश की राजधानी कोलकाता की जगह दिल्ली होगी तो वायसराय हाउस को नई तरह से डिजाइन किया गया. यहां पर साल 1928-29 में बागवानी शुरू हुई. यह गार्डन ब्रिटिश और इस्लामी विरासत की झलक दिखाता है. यह ताजमहल के बगीचों, जम्मू-कश्मीर के बगीचों से प्रेरित है ऐसे में इसका नाम मुगल गार्डन पड़ा. यहां पर अलग-अलग प्रजातियों के फूल हैं.

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